सभी भारतीय घरों में एक पकवान जो अक्सर बनाया जाता है वो है गुलाब जामुन। गरम-गरम स्वादिष्ट गुलाब जामुन खाने का मज़ा ही कुछ और होता है। कई जगहों में तो इसके साथ रबड़ी भी खाई जाती है। अब गुलाब जामुन बनाने का प्रोसेस इतना आसान भी नहीं है और इसमें बहुत मेहनत लगती है। 

पर कई लोगों की ये शिकायत होती है कि उनके गुलाब जामुन बहुत जल्दी फूट जाते हैं। गुलाब जामुन के फूटने के कारण न सिर्फ उनका स्वाद बिगड़ जाता है बल्कि उसके कारण आपकी घंटों की मेहनत बर्बाद भी हो जाती है। ऐसे में कुछ खास टिप्स का ध्यान अगर रखा जाए तो आप देखेंगी कि आपके गुलाब जामुन कभी नहीं फूटेंगे। तो चलिए जानते हैं वो टिप्स। 

1. गुलाब जामुन का आटा गूंथते समय रखें ध्यान-

गुलाब जामुन का आटा गूंथते समय आपको ये ध्यान रखने की जरूरत है कि इसमें मोयन जरूर हो। थोड़ा सा घी मावे या फिर गुलाब जामुन मिक्स में मिलाकर उसके बाद आटा गूंथें। इसे न ही बहुत ज्यादा सूखा गूंथना है और न ही बहुत गीला। इसे आप जितना ज्यादा अपने हाथों से मिक्स करेंगी उतना अच्छा होगा। मोयन से गुलाब जामुन सॉफ्ट बनते हैं और बिना किसी दरार के इनका शेप बरकरार रहता है। 

gulab jamun frying

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2. गोल गुलाब जामुन बनाएं और क्रैक न रहने दें-

अगर गुलाब जामुन का शेप बनाते समय आपने उनमें क्रैक्स छोड़ दिए तो ये बहुत ही खराब हो सकते हैं। आप शेप को जैसे भी बनाएं बस ध्यान ये रखें कि उसमें कोई क्रैक न हो। अगर उसमें कोई क्रैक हुआ तो वो फ्राई करते समय और बढ़ जाएगा और फिर चाशनी मिलाते समय ये और पूरी तरह से फूट जाएगा। इसलिए क्रैक्स से बचें। अगर किसी गुलाब जामुन में क्रैक आ रहा है तो उसे दोबारा से गोल करें। 

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3. परफेक्ट शेप के लिए करें ये-

अगर आपने मोयन के तौर पर घी का इस्तेमाल गुलाब जामुन का आटा गूंथते समय किया है तो आप परफेक्ट शेप के लिए गुलाब जामुन के राउंड बनाते समय भी घी का ही इस्तेमाल करें। घी को अपने हाथों पर लगा लें (बहुत ज्यादा नहीं बस हाथों को चिकना करने के लिए) और उसके बाद गुलाब जामुन का शेप दें। इससे क्रैक्स होने की संभावना काफी कम हो जाएगी। 

4. चाशनी सही रखें- 

न तो चाशनी बहुत गर्म होनी चाहिए और न ही ये बहुत ज्यादा गाढ़ी होनी चाहिए। गुलाब जामुन बनाते समय हमेशा एक तार की चाशनी ही उपयुक्त रहती है। चाशनी पकाने के बाद उसे इंडेक्स फिंगर और अंगूठे के बीच रखकर देख लें। अगर एक तार जैसा चिपचिपापन दिख रहा है तो सही है। अगर ज्यादा गाढ़ा है तो इसे थोड़ा पतला करें और अगर बिलकुल चिपचिप नहीं है तो इसमें मीठा और मिलाएं। सही चाशनी ही गुलाब जामुन में अंदर तक जाती है और ये फूटने से बचते हैं।   

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5. टेम्प्रेचर का रखना है ध्यान- 

गुलाब जामुन को फ्राई करने का तापमान सही होना चाहिए। गुलाब जामुन की हीट को धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है। अगर आप एकदम से बहुत हाई फ्लेम में गुलाब जामुन डाल देंगे तो आपके गुलाब जामुन फूट सकते हैं। चाहें आप मावे के गुलाब जामुन बना रही हों या फिर बाज़ार से गुलाब जामुन मिक्स लेकर आई हों दोनों में ही ये ट्रिक अपनाएं कि जब गुलाब जामुन को कढ़ाई में तलने के लिए डालें तब मीडियम आंच रखें और जैसे ही वो थोड़ा रंग बदलने लगें तब आंच तेज़ करें।  

ये सभी ट्रिक्स गुलाब जामुन बनाते समय ध्यान रखें और अगर आपको ये स्टोरी पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।