जो लोग महिलाओं की काबिलियत पर संदेह करते हैं, उन्हें एक बार भारत की ओर से टोक्यो ओलंपिक्स 2021 भेजी गई महिलाओं से संबंधित खबरों पर नजर दौड़ा लेनी चाहिए। सच है कि आज महिलाएं हर दौड़ में पुरुषों के साथ ही नहीं, बल्कि आगे हैं। इसी का एक उदाहरण है टोक्यो ओलंपिक्स 2021 में विभिन्न खेलों में शामिल होने वाली महिलाएं। आपको बता दें कि टोक्यो ओलंपिक्स 2021, जल्द ही शुरू होने वाला है। 23 जुलाई 2021 से शुरू होने वाले ओलंपिक्स खेलों में भारत की तरफ से विभिन्न खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की संख्या 127 है, जिसमें से 56 महिलाएं हैं। इसमें एक नाम शामिल हुआ है धाकड़ पहलवान बहनों की चचेरी बहन विनेश फोगाट का, जिनसे देश को बड़ी उम्मीदें हैं। आइए विनेश फोगाट के बारे में विस्तार से जानें।

कौन हैं विनेश फोगाट?

vinesh phogat indan wrestler

हरियाणा के बलाली गांव में पैदा हुईं विनेश फोगाट एक भारतीय रेसलर हैं। वह गीता और बबीता फोगाट की चचेरी बहन हैं। बचपन से ही घर में कुश्ती का माहौल था, जिसे देख विनेश के मन में भी कुश्ती को लेकर उमंगे जागी। उन्होंने अपने ताऊ जी महावीर सिंह फोगाट से प्रशिक्षण प्राप्त किया। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली विनेश फोगाट पहली महिला भारतीय पहलवान हैं। वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत कर विनेश टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली पहलवान बनीं।

रियो 2016 में मिली हार के पांच साल बाद, विनेश मानसिक रूप से मजबूत और तकनीकी रूप से निपुण हो गई हैं। अपने पहले ओलंपिक में मेडल पाने का उनका सपना तब चूर-चूर हो गया था जब वह टखने की चोट के कारण हार गई थीं। 26 वर्षीय रेसलर ने एक लीडिंग ऑर्गेनाइजेशन से बातचीत पर कहा, ' मेरे पास पहले ओलंपिक का अनुभव है। मुझे पता है कि क्या उम्मीद करनी है और कैसी तैयारी करनी है। और अब खुद को कैसे संचालित करना है।'

कब हुई करियर की शुरुआत

विनेश फोगाट ने 013 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में 52 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था और इसके बाद दक्षिण अफ़्रीका के जोहानसबर्ग में राष्ट्रमंडल कुश्ती चैंपियनशिप में 51 किलो भार वर्ग में रजत पदक हासिल किया था। 48 किलो भार वर्ग में विनेश ने ग्लासगो के 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक हासिल किया था। उसी साल के अंत में इसी डिवीजन में दक्षिण कोरिया में एशियाई खेलों में उन्हें कांस्य पदक हासिल हुआ था।

रियो 2016 में चोट की वजह से बाजी हारी

vinesh phogat in tokyo olympics

एशियाई चैंपियनशिप 2015 में विनेश ने रजत पदक जीतकर अपने प्रदर्शन को बेहतर किया था। राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी सफलता के साथ, विनेश ने देश की उम्मीदों को इतना बढ़ा दिया कि रियो ओलंपिक में पदक जीतने की उम्मीदवारों में उनका नाम गिना जाने लगा था। मगर रियो 2016 की घटना से उनका और देश का यह सपना अधूरा रह गया था। दरअसल, उनके साथ लड़ने वाली चीन की रेसलर यानान फर्स्ट पीरियड में विनेश से 2-1 से आगे चल रही थीं। इतने में उन्होंने फोगाट के एड़ी को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और उन्हें नीचे पटकने के प्रयास में उसे दबाती चली जाती हैं। विनेश के विरोध करने पर यानान ने अपना दबाव बढ़ा दिया और अचानक विनेश उस मैच में एक चीख के साथ गेम हार गई थीं। इस दौरान उन्हें एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट पर काफी चोट आई थी। ऐसा लगा था जैसे उनकी खेल में वापसी करना मुश्किल है।

विनेश फोगाट, जिन्हें टोक्यो में शीर्ष बिलिंग मिली है, इस साल की शुरुआत में 53 किग्रा वर्ग में एशियाई चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतकर शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने नूर सुल्तान में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल करते हुए ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था। इस बार वह 48 किग्रा की बजाय 53 किग्रा भारवर्ग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। 

इसे भी पढ़ें :टोक्यो ओलंपिक्स में शामिल शूटिंग चैंपियन अंजुम मुदगिल के बारे में कितना जानती हैं आप

स्टार पहलवान ने टोक्यो गेम्स 2021 के सभी टूर्नामेंट जीते हैं। उन्होंने जून में पोलैंड ओपन स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि, अब उनकी चुनौती आसान नहीं है। 53 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग, ओलंपिक में कठिन वर्गों में है। वहीं टॉप बिलिंग के बावजूद, विनेश फोगाट जानती हैं कि यह उनके लिए कठिन परीक्षा होने वाली है। इस बार उनकी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी स्थानीय पसंदीदा और दो बार की विश्व चैंपियन मयू मुकैदा होंगी, जिनके खिलाफ उन्होंने 3 बैठकों में एक भी मुकाबला नहीं जीता है।

इसे भी पढ़ें : गरीबी में गुजरा पूरा बचपन, कड़ी मेहनत कर अब टोक्यो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी रेवती वीरामनी

विनेश का इंतजार सभी को बेसब्री से था। उनके खेल पर इस बार पूरे देश की नजर होगी। आशा है कि वह हमेशा की तरह अपना बेस्ट देंगी। हम उन्हें तमाम शुभकामनाएं देते हैं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।