पिछले कुछ दिनों में अमेरिका में एक इतिहास रचा गया है। शायद ये पहली बार होगा कि किसी अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव के लिए भी भारत में इतना उत्साह देखा गया हो। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका में पहली बार भारतीय मूल की कोई महिला उपराष्ट्रपति बनी है। कमला हैरिस पहली अश्वेत महिला उपराष्ट्रपति ही नहीं बल्कि पहली महिला उपराष्ट्रपति भी हैं।  कमला हैरिस का अमेरिका का उपराष्ट्रपति चुना जाना बहुत ही अनोखी बात है क्योंकि अव्वल तो वो महिला हैं और अमेरिका में ऐसे महत्वपूर्ण पद के लिए सिर्फ पुरुष ही आगे रहे हैं और दूसरा ये कि वो भारतीय मूल से हैं। 

कमला हैरिस का नाम 2019 से ही बहुत आगे चल रहा था जब पहली बार राष्ट्रपति पद की दावेदारी के लिए उनका नाम सामने आया था। वो कैलिफोर्निया के सेनेटर के पद पर रहने के साथ-साथ आगे बढ़ने लगीं और अमेरिकी उपराष्ट्रपति की गद्दी तक पहुंच गईं। कमला ने अपने जीवन में बस आगे बढ़ना सीखा है और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। 

पहली स्पीच से ही जीत लिया दिल- 

कमला हैरिस जो पहले से ही अमेरिकियों के बीत काफी लोकप्रिय रही हैं उन्होंने अपने पहले भाषण से ही लोगों का दिल जीत लिया। 

kamala harris vice president

कमला हैरिस ने ऐसे की अपनी विनिंग स्पीच की शुरुआत-

कमला हैरिस ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, 'मैं यहां खड़े होकर गौरवांगित महसूस कर रही हूं, यहां मुझसे पहले खड़े लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलकर खड़े होना और आपके उपराष्ट्रपति के तौर पर बोलना मेरा सौभाग्य है।' 

पहले भाषण में दिया ये संदेश-  

उन्होंने पद संभालने के बाद पहले भाषण में अमेरिकियों को संदेश दिया, 'भरोसा रखिए कि हम एक साथ क्या कर सकते हैं। हालांकि, इलेक्शन जीतने के बाद की स्पीच जितनी बड़ी स्पीच कमला की इस बार नहीं थी, लेकिन उन्होंने अपने कुछ शब्दों में ही समझा दिया कि वो कितनी प्रभावशाली हैं। कमला ने कहा- 

'हम सिर्फ सपने नहीं देखते, हम करते हैं। हम सिर्फ ये नहीं देखते हैं कि क्या करना है, हम ये भी देखते हैं कि क्या किया जा सकता है। हम चांद की ओर देखते हैं और फिर अपना झंडा वहां गाड़ देते हैं। हम निर्भीक, निडर और महत्वाकांक्षी हैं।' 

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हमेशा अपनी मां को दिया है जीत का श्रेय- 

कमला हैरिस की उम्र भले ही 56 हो, लेकिन काम को लेकर उनका उत्साह हमेशा बचपन वाला ही रहा है। कमला ने हमेशा अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है, वो खासतौर पर अपनी परवरिश और अपने एक्टिविज्म के लिए अपनी मां को ही जिम्मेदार मानती हैं। कमला की मां श्यामला गोपालन हैरिस ब्रेस्ट कैंसर साइंटिस्ट थीं जो 1960 में अमेरिका आई थीं। उनके पिता जमैका से 1961 में अमेरिका पहुंच गए थे और तब से ही कमला का परिवार अमेरिकी हो गया था।  

कमला के माता-पिता एक्टिविस्ट थे और अनन्याय और रंगभेद के खिलाफ लड़ने में वो हमेशा आगे रहे थे और यही कारण है कि बचपन से ही कमला भी एक्टिविस्ट रही हैं। स्कूल में 96% बच्चे गोरे थे और अन्य 4% की गिनती में कमला आती थीं। उन्होंने अपने स्कूल के समय से ही काफी संघर्ष किया और आगे बढ़ीं। एक दूसरे से अलग होने के बाद भी कमला के माता-पिता ने हमेशा उन्हें सपोर्ट किया। कमला और उनकी बहन माया दोनों ही भारतीय संस्कृति से जुड़ी हुई हैं और कई धर्मों का ज्ञान रखती हैं। 

कमला हैरिस के पैतृक गांव में मनाया जा रहा है जश्न-  

क्या आप जानते हैं कि कमला हैरिस के लिए तमिलनाडु के एक गांव में पूजा अर्चना होती है। तमिलनाडु का गांव थुलासेंधिरापुरम (Thulasendhirapuram) कमला की मां का पैतृक गांव है। यहां का हर सदस्य कमला को अपनी बेटी मानता आया है और इलेक्शन में हवन करवाने से लेकर जीत के बाद मिठाई बंटवाने और पटाखों से स्वागत करने तक यहां सब कुछ किया जाता है।  

kamala harris and joe biden

भारत में मौजूद रिश्तेदार हैं बेहद खुश-

दिल्ली के माल्विय नगर में रहने वाले गोपालन बालाचंद्रन कमला के मामा हैं। इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि, 'वो बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं और कमला की मां भी अगर आज होतीं तो वो बहुत गर्व महसूस करतीं।' बालाचंद्रन का कहना है कि वो इनॉगरेशन के समय वहां जाना चाहते थे, लेकिन इस समय कोई रिस्क नहीं ले सकते थे। उनकी बेटी शारदा जो कमला के करीब हैं वो इनॉगरेशन में पहुंची थीं। उन्होंने कमला के नाम एक संदेश दिया है कि उन्हें वो सब कुछ करना चाहिए जो उनकी मां ने उन्हें सिखाया है।  

कमला हैरिस के नाना-नानी के परिवार से जुड़े कई सदस्य भारत में रहते हैं और सभी उनकी जीत से काफी खुश हैं। बचपन से ही कमला अपने नाना पी.वी.गोपालन से बहुत इंस्पायर्ड थीं जो खुद एक पब्लिक सर्वेंट और सिविल राइट्स के एक्टिविस्ट थे। कमला अपनी मां के परिवार से खास लगाव महसूस करती हैं।  

कमला हैरिस हैं बहुत योग्य और काबिल उपराष्ट्रपति- 

कमला हैरिस बहुत योग्य उपराष्ट्रपति हैं। जब जो बाइडेन के उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार को चुनने की बात चल रही थी तब कमला ही थीं जिनका नाम सबसे ऊपर रहा। कमला 1986 में हार्वर्ड विश्वविध्यालय से पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में डिग्री लेकर वो हेस्टिंग्स लॉ स्कूल में पढ़ने चली गईं और वहां पढ़ाई के दौरान ही कमला  Black Law Students Association की प्रेसिडेंट भी बन गईं। 1989 में लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद कमला पूरी तरह से अपने काम को समर्पित हो गईं और 1990 में कैलिफोर्निया बार एसोसिएशन से जुड़ गईं। इसके बाद कमला ने कभी पलट कर नहीं देखा। कमला ने बचपन में अपनी सहेली को केगन को यौन शोषण से बचाया था। केगन ने CNN को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि शायद तब से ही कमला महिला सशक्तिकरण को लेकर कार्य कर रही हैं। 

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कमला हैरिस के बारे में अन्य फैक्ट्स-  

1. कमला पॉलिटिकल साइंस की स्टूडेंट रह चुकी हैं और एक सफल राजनीतिज्ञ के साथ-साथ एक वकील भी हैं। 

2. कमला 2010 में कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल चुनी गई थीं। वो अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य हैं। 

3. कमला भारत के काफी करीब हैं और कई बार अपने भारतीय रिश्तेदारों से मिलने आई हैं।

4. कमला ने अमेरिकी टैक्स रिफॉर्म के लिए भी बहुत काम किया है और वर्किंग क्लास का टैक्स काफी हद तक कम किया है। 

5. कमला की मां हिंदू थीं और पिता ईसाई और कमला खुद को ईसाई धर्म से जोड़ती हैं। हालांकि, उनके पति डग एम्हॉफ यहूदी हैं और ऐसे ही उन्हें कई धर्मों का ज्ञान है। 

6. कमला का खुद का कोई बच्चा नहीं है, लेकिन उनके पति डग के पहले से ही दो बच्चे हैं बेटा कोल एम्हॉफ और बेटी एला एम्हॉफ। 

7. बतौर वकील कमला ने कैलिफोर्निया, सैनफ्रांसिस्को के लिए कई नए नियमों का गठन किया और कमला के ऑफिस पद को ग्रहण करने के बाद से ही वहां का वॉयलेंट क्राइम रेट भी काफी कम हो गया। 

8. कमला ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन के लिए भी काफी काम किया है और वो अपने स्पेशल प्रोग्राम्स के जरिए हज़ारों लोगों की मदद कर चुकी हैं।  

कमला हैरिस की शख्सियत वाकई बहुत अनोखी है और उन्होंने अपनी जीत और शपथ ग्रहण के साथ इतिहास रच दिया है। कमला को हमारी तरफ से बधाई।  

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