किरण डेंबला एक सेलिब्रिटी फ़िटनेस ट्रेनर हैं, उन्होंने अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, और एस.एस राजामौली जैसे सेलिब्रिटीज़ को ट्रेंड किया है। फ़िटनेस ट्रेनर होने के साथ-साथ किरण एक डीजे भी हैं। उन्होंने डीजे के तौर पर अपना करियर 42 की उम्र में शुरू किया था। आज 46 साल की उम्र में एक सफल फ़िटनेस एक्सपर्ट होने के साथ-साथ वह एक सक्सेसफुल डीजे भी हैं। हालांकि किरण डेंबला के लिए यह जर्नी आसान नहीं थी। उनके अनुसार एक हाउस वाइफ़ का यहां तक का सफ़र काफ़ी मुश्किलों और अड़चनों से भरा था।
सिंधी परिवार में जन्मीं किरण डेंबला जब शादी कर अपने ससुराल आईं तो उनकी ज़िंदगी बाक़ी नॉर्मल हाउस वाइफ़ की तरह ही थी। जहां घर के काम करना और बच्चों को संभालना था। मगर हैदराबाद की रहने वाली किरण के सपने न सिर्फ अलग थे बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए ज़बरदस्त जुनून भी था। हाल ही में सेलिब्रिटी फ़िटनेस ट्रेनर किरण डेंबला ने हरजिंदगी से ख़ास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपने करियर और लाइफ़ से जुड़ी कई बातें बताईं।
42 की उम्र में डीजे के तौर पर करियर शुरू करना
किरण डेंबला ने बताया कि डीजे के तौर पर करियर शुरू करने से पहले उन्होंने इसकी ट्रेनिंग ली। दरअसल शादी के बाद वह म्यूज़िक सीखती थीं और उन्हें संगीत में काफ़ी रुचि भी है। ऐसे में वह एक बार फिर से म्यूज़िक की फ़ील्ड में जाना चाहती थीं। हालांकि उनके लिए यह सफ़र आसान नहीं था। किरण डेंबला ने कहा- ''भारत में इस फ़ील्ड में ज़्यादातर यंगस्टर्स ही होते हैं, हालांकि विदेशों में फिर भी उम्र को इतनी मान्यताएं नहीं दी जाती हैं, लेकिन अगर आपको अपने आप पर भरोसा है तो आप वह सबकुछ कर सकते हैं जो करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में कई लड़कियां इस तरह का कमेंट करती थीं, कि यह कैसे कर पाएंगी इनकी उम्र ज्यादा है, वे उस तरह की एनर्जी शो नहीं कर पाएंगी, लेकिन एट लास्ट जब लोगों को आपका काम पसंद आता है तो कोई रोक नहीं सकता।''
किरण ने कहा- ''डीजे की फ़ील्ड में आने से पहले वह एक सेलिब्रिटी फ़िटनेस ट्रेनर थीं, ऐसे में दूसरी फ़ील्ड में आकर शुरू से काम करना और लोगों के क्रिटिसिज्म को झेलना काफ़ी मुश्किल होता है। लेकिन जब आपको ख़ुद पर भरोसा होता है तो न उम्र मैटर करती है और न ही लोगों की बातें। शुरुआत में कई जगहों पर फ़्री में तो कहीं पर सिर्फ़ 5 या 6 हज़ार रुपये लेकर भी मैंने काम किया है, लेकिन मैंने प्रैक्टिकल होकर सोचा कि ऐसा ज़रूरी नहीं कि आप अगर एक फ़ील्ड में हायर पोज़ीशन पर हैं तो दूसरे में भी होना ज़रूरी हो। मेहनत लगती है लेकिन आप मुकाम हासिल कर सकते हैं।
परिवार वालों से कितना मिला सपोर्ट
किरण डेंबला ने बताया कि ज़्यादातर लड़कियों को अपने सपने जीने के लिए परिवार वालों की तरफ़ से अड़चने या फिर ताने सुनने को मिलते हैं। मैं जब फ़िटनेस फ़ील्ड में आई थी तो लोग बहुत बातें करते थे, लेकिन काफ़ी वक़्त बीत जाने के बाद मैं एक सेल्फ डिपेंडेंट महिला थी, ऐसे में मुझे किसी और की सुनने की ज़रूरत नहीं थी। हालांकि जब मैंने डीजे के तौर पर काम करना शुरू किया तो घरवालों ने कहा कि कैसी जगह जाती है, जहां लोग शराब पीते हैं और क्या तरीक़ा है रात-रातभर बाहर रहना, देर से आना। शुरुआत में पति को इस बारे में पता नहीं था कि मैं जो सीख रही हूँ उसे प्रोफेशनली डीजे के तौर पर शुरू करूँगी। लेकिन जब मैंने बताया तो उन्हें अजीब ज़रूर लगा पर उन्होंने किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई, क्योंकि वह अपने काम में बहुत बिजी रहते हैं और उन्हें यह भी पता है कि मैं एक मच्योर पर्सन हूं और अपने फैसले ख़ुद ले सकती हूं। हां जब आपका काम बढ़ जाता है और ट्रैवल करने ज़रूरत पड़ती हैं तो फैमिली में कोई एडजस्ट करने को तैयार नहीं होता। कई बार इसकी वजह से काफ़ी परेशान भी होती हूं कि लोग मेरी बात क्यों नहीं मान रहे या फिर एडजस्ट क्यों नहीं करते।
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पुरुषों में होता है मेल ईगो
भारत में औरत जब सक्सेसफुल हो जाती है और पैसे अधिक कमाने लगती है, तो मेल ईगो का सामना उसे बहुत करना पड़ता है। भारत में 85 प्रतिशत लोग हैं जो दिखाते नहीं हैं, लेकिन उनके अंदर मेल ईगो होता है वह उसे शो नहीं करेंगे लेकिन उनकी बॉडी लैंगवेज से यह समझ आ जाता है। इस वजह से आपकी लाइफ़ में काफ़ी उतार-चढ़ाव आते हैं। किरण आगे बताती हैं कि उन्होंने यहाँ तक पहुंचने के लिए काफी कुछ खोया है और काफ़ी कुछ फेस किया है। लेकिन मैं हमेशा मानती हूं कि औरत को तब तक जी हुजूरी नहीं करनी चाहिए जब तक वह खुद से कुछ करने लायक़ हैं। लेकिन जिस दिन उसे लगे कि उसकी सेल्फ़ रिस्पेक्ट डाउन हो रही है तो उसे तुंरत अपने लिए खड़ा होना चाहिए। अगर उसे लगता है कि वह ग़लत नहीं है तो इसके बाद किसी और की सुनने की ज़रूरत नहीं है।
पर्सनल लाइफ़ में की काफ़ी फाइट
किरण बताती हैं कि पर्सनल लाइफ़ में मैंने काफ़ी फाइट की है और आज भी कर रही हूं। मैं एक टिपिकल हाउस वाइफ़ थी, जिसका काम गालियां सुनना और घर का काम करना होता था। यही नहीं उनकी सास कहती थी कि औरतें सिर्फ़ किचन का काम करने के लिए होती हैं। अपनी लाइफ़ में लोगों की खूब बातें सुनी, टोन्ट सुने, उल्टे-सीधे कमेंट किए जाते थे, लेकिन मेरी सेल्फ़ रिस्पेक्ट काफी हाई थी, ऐसे में मैंने तय किया कि मुझे ऐसी ज़िंदगी नहीं चाहिए। मुझे कुछ करना है और क्रिएटिव करना है। शुरुआत में मैं एक ऐसी महिला थी जो सहमी रहती थी, जो पति की सुनती है और घर का काम करती है।
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37 की उम्र में कैसे बनाये सिक्स पैक
किरण बताती हैं कि दो बच्चों के होने के बाद उनका काफ़ी वज़न बढ़ गया था और हेल्थ इश्यू होने की वजह से भी यह समस्या बढ़ती ही जा रही थी। शुरुआत में वज़न कम किया, लेकिन मैं हमेशा कुछ नया और क्रिएटिव करने में विश्वास रखती हूं तो फिर मैंने सिक्स पैक बनाये। हालांकि इसे बनाने के लिए डिटरमिनेशन की आवश्यकता होती है। बहुत सारी चीजों का त्याग करना पड़ता है तब जाकर आप सिक्स पैक बना सकती हैं। शुरुआत में सिक्स पैक बनाते वक्त कई समस्याएं हुई थीं, लेकिन जब आप दिल से तैयार होते हैं तो आपको दर्द का एहसास नहीं होता है। बता दें कि किरण साल 2013 में विश्व बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं। बुडापेस्ट में हुए सम्मेलन में उन्होंने छठवां स्थान हासिल किया था। आज उनका ख़ुद का जिम है, जिसमें वह लोगों को ट्रेंड करती हैं।
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