हमारे देश में प्राइवेट पार्ट्स के बारे में बात करना टैबू माना जाता है, इसीलिए बहुत सी महिलाएं वेजाइना से जुड़ी अहम बातों के बारे में नहीं जानतीं। टीनेज में पीरियड्स होने से लेकर शादी-शुदा जिंदगी में फिजिकल इंटिमेसी बनाने और सेक्शुअल हेल्थ बरकरार रखने में वेजाइना का हेल्दी होना बहुत मायने रखता है। वेजाइना से आने वाली स्मेल और डिस्चार्ज से लेकर लूज वेजाइना की समस्या तक ऐसी कई चीजें हैं, जिनके बारे में महिलाओं को ज्यादा जानकारी नहीं होती। वेजाइना से जुड़ी ऐसी ही 5 खास बातों के बारे में हर महिला को जरूर पता होना चाहिए।

वेजाइना से आने वाली स्मेल में होता है फर्क

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हर महिला की बॉडी की एक अलग महक होती है। वेजाइना से भी महिलाओं को अलग तरह की स्मैल फील होती है। लेकिन इससे परेशान होने की जरूरत नहीं। इस एरिया में पसीने आने और डिस्चार्ज होने की वजह से स्मेल आना बहुत स्वाभाविक बात है। अगर इस स्मेल से दिक्कत हो तो सामान्य तौर पर पानी से धो लने से यह समस्या दूर हो जाती है। लेकिन अगर वेजाइना से बहुत ज्यादा और खराब स्मेल आए तोअपनी डॉक्टर से इस बारे में सलाह जरूर लें। कई बार इन्फेक्शन की वजह से भी वेजाइना में तेज बदबू आने लगती है।

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प्यूबिक हेयर से वेजाइनल हेल्थ पर फर्क नहीं पड़ता

वेजाइना के बाहर के बाल (Pubic Hair) को लेकर महिलाओं के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। महिलाएं चाहें तो इन बालों को ट्रिम करके रख सकती हैं या हटा सकती हैं, इससे वेजाइनल हेल्थ पर किसी तरह का असर नहीं पड़ता है। लेकिन इस बात का ध्यान जरूर रखें कि बाल काटते या शेव करते वेजाइना के ऊपरी हिस्से में किसी तरह की चोट ना लगे।

सफेद डिस्चार्ज होना कॉमन है

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वेजाइना हमारी बॉडी का ऐसा हिस्सा है, जो खुद अपनी सफाई करता है। वेजाइना से होने वाला डिस्चार्ज दरअसल शरीर की सफाई की ही एक प्रक्रिया है। ऐसे में रेगुलर डेज में और Periods के बाद होने वाले डिस्चार्ज को लेकर परेशान न हों। साथ ही Normally होने वाला डिस्चार्ज सफेद और क्लीन है तब भी ये कोई दिक्कत नहीं है। हां, अगर इस discharge का रंग हल्का पीला हो या इससे तेज स्मैल आती हो तो आपको Gynae के पास जाने की जरूरत है।

पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होना

पीरियड्स के दौरान 4-7 दिन की ब्लीडिंग होना नॉर्मल है, लेकिन पीरियड्स के बाद अगर spotting या ब्लीडिंग होती है तो आपको यह हेल्थ प्रॉब्लम होने की तरफ संकेत करता है। इस बारे में महिलाओं को बिना देरी किए अपनी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 

अर्चना धवन बजाज, कंसल्टेंट ऑब्स्टीट्रीशियन, गायनेकोलॉजिस्ट एंड आईवीएफ एक्सपर्ट, नर्चर आईवीएफ दिल्ली बताती हैं

'हर महिला के लिए रेगुलर साइकिल की डेफिनिशन अलग होती है। इस बात पर ध्यान दें कि आपकी नियमित साइकिल से ब्लीडिंग का पैर्टन अलग तो नहीं हो रहा मसलन अचानक बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग होने लगे। आमतौर पर Irregular Periods में घबराने की बात नहीं होती, लेकिन अगर पीरियड्स साइकिल के बीच में भी पीरियड्स हों(इन्टरमेंस्ट्रुउल ब्लीडिंग), पीरियड्स साइकिल के बीच में लंबा गैप आ रहा हो या बहुत ज्यादा पेन हो तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए।'

वेजाइना का टाइट और लूज होना

यह मिथ है कि जो महिलाएं लंबे समय तक सेक्सुअली सक्रिय रहती हैं, उनकी वेजाइनल मसल्स ढीली पड़ जाती हैं, जबकि जो महिलाएं इसकी तुलना में कम इंटिमेट होती हैं, उन्हें रिलेशन बनाने के दौरान ज्यादा अच्छा फील होता है। वेजाइनल मसल्स के टाइट रहने पर महिलाएं सामान्य तौर पर फिजिकल इंटिमेसी एंजॉय करती हैं, लेकिन प्रेग्नेंसी के बाद नॉर्मल डिलीवरी होने की स्थिति में वेजाइनल मसल्स लूज हो जाने पर फिजिकल इंटिमेसी में थोड़ी समस्या हो सकती है। हालांकि कीगल एक्सरसाइज करने से वेजाइना की लूज मसल्स फिर से नेचुरल शेप में आ जाती हैं और महिलाएं पूरी तरह से सामान्य लाइफ जी सकती हैं।