जब घर में नन्हा मेहमान आने वाला हो तो महिलाएं अपने खानपान पर बहुत ज्यादा ध्यान देती हैं। इस दौरान डाइटीशियन हेल्दी फूड लेने की सलाह लेती हैं, ताकि होने वाली संतान का विकास सही तरीके से हो। हमारे देश में प्रेग्नेंट महिलाओं का खानपान कई तरह की परंपराओं, फूड हैबिट्स घर-परिवार के एटीड्यूड से प्रभावित होता है। अकसर मां और सास से मिलने वाली सलाह के आधार पर महिलाएं अपना डाइट रूटीन बनाती हैं। परंपरागत तौर पर बहुत सारे फूड आइटम्स को गर्म तासीर, ठंडी तासीर या खट्टे फूड आइटम में गिना जाता है और इन्हीं के आधार पर इन्हें खाने या ना खाने की सलाह दी जाती है। ऐसा ही एक फूड आइटम है बैंगन, जिसे खासतौर पर प्रेग्नेंसी में ना खाने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद में भी कई कारणों के आधार पर महिलाओं को बैंगन ना खाने की सलाह दी जाती है। इस बारे में हमने फेमस डाइटीशियन शिखा महाजन से बात की और उन्होंने हमें बताया कि बैंगन किस तरह से प्रेग्नेंट महिलाओं की सेहत बिगाड़ सकता है।

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प्रेग्नेंसी में मां और बच्चे की सेहत को कोई नुकसान नहीं पहुंचे, इसे ध्यान में रखते हुए डाइटीशियन से खान-पान की सलाह लेना उचित रहता है। डाइटीशियन शिखा महाजन बताती हैं

'बैंगन में कई तरह के विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं, लेकिन इसमें सैलिकेट नाम का कंपाउंड पाया जाता है। यही कंपाउंड एस्प्रिन जैसे ब्लड थिनर्स में भी पाया जाता है। खून का पतला होना प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि इससे उन्हें ना रुकने वाली ब्लीडिंग हो सकती है और यह मिसकैरिज का कारण भी बन सकती है। हालांकि इस तरह की प्रॉब्लम तभी होती हैं, जब बैंगन बहुत ज्यादा खाया जाए। अगर आप मिक्स वेजिटेबल में थोड़ा बहुत बैंगन खा रही हैं तो इससे कोई खतरा नहीं है, लेकिन अगर आपका मन बैंगन का भर्तान या बैंगन से बनी दूसरी रेसिपी खाने का करे, तो इससे परहेज करना ही अच्छा रहेगा।'  

प्रेग्नेंसी में बैंगन नहीं खाने की दी जाती है सलाह

घरों में रोजमर्रा खाया जाने वाला बैंगन काफी सस्ता होता है और इससे बनी रेसिपीज खाने में काफी स्वाद लगती हैं। चाहें बैंगन का भर्ता हो या चोखा, खट्टे-मीठे बैंगन, बैंगन सांभर, सभी का स्वाद महिलाओं को खूब पसंद आता है। बैंगन को कई तरह की ग्रेवी और डिशेज में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बैंगन में कई तरह के एसेंशियल मिनरल, विटामिन और पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनसे कई तरह के हेल्थ बेनिफिट मिलने की बात कही जाती है। बैंगन को गैस की समस्या, कंजेशन, नींद ना आने और अपच जैसी प्रॉब्लम्स में फायदेमंद माना जाता है। लेकिन आयुर्वेद में इसे प्रेग्नेंसी में सीमित मात्रा में खाने की सलाह दी जाती है। आर्युवेद के अनुसार प्रेग्नेंसी में बैंगन ना खाना ही उचित रहता है। तो आइए उन वजहों को जानते हैं, जिनके मद्देनजर प्रेग्नेंसी में बैंगन को गर्भवती और उसके होने वाले शिशु के लिए नुकसानदायक माना जाता है। 

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इन 3 वजहों से नहीं खाएं बैंगन

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पीरियड्स की बढ़ जाती है आशंका: आर्युवेद में बैंगन को गर्भवती महिलाओं के लिए इसलिए नुकसानदायक माना जाता है, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में फाइटोहार्मोन्स होते हैं और ये प्री मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम में राहत देने वाले होते हैं। बैंगन खाने से पीरियड्स की स्टम्युलेशन बढ़ जाती है और अगर ये रोज खाया जाता है, जो गर्भवती महिला के लिए इसे बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता सकता। ऐसे में प्रेग्नेंसी में इसे बहुत सीमित मात्रा में खाना या ना खाना ही उचित है। 

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बढ़ाता है एसिडिटी:  प्रेग्नेंसी में महिलाओं के शरीर में बदलाव आने की वजह से कई बार उन्हें असहज महसूस होता है और शरीर में दर्द भी होता है। इस दौरान फिजिकल एक्टिविटी कम होने की वजह से कई बार गैस की समस्या भी होती है। ऐसी स्थिति में बैंगन खाने पर एसिडिटी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इस वजह से भी बैंगन ना खाने की सलाह दी जाती है। 

हो सकता है अबॉर्शन: चूंकि बैंगन में पीरियड्स बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं, इसीलिए यह गर्भ में पल रहे शिशु के लिए हानिकारक साबित हो सकता है और अबॉर्शन की वजह भी बन सकता है। 

 

गर्भवती महिलाएं अपनी सेहत का खास खयाल रखती हैं और एक सब्जी के कारण वे अपनी हेल्थ पर किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहेंगी। ऐसे में डॉक्टर के बजाय रूटीन को फॉलो करें और डाइटीशियन के बताए प्लान के अनुसार अपनी रोजमर्रा की डाइट में पौष्टिक तत्व लें तो आप और आपकी संतान दोनों स्वस्थ रहेंगे।