विटामिन डी को 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है। यह हड्डियों और मसल हेल्थ के लिए अहम माना जाता है। एक नई स्टडी में इससे बच्चों को होने वाले हेल्थ बेनिफिट सामने आए हैं। यह विटामिन सही पोषण नहीं मिल पाने के कारण कमजोर दिखने वाले बच्चों के लिए एक तरह से रामबाण है। ऐसे बच्चों को विटामिन डी देने से उनकी ओवरऑल हेल्थ में सुधार आता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब और क्वीनमेरी यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन की एक जॉइंट स्टडी में कहा गया, विटामिन डी का हाईडोज लेने से बच्चे का वजन बढ़ाने में मदद मिलती है, उनकी भाषा का विकास होता है और मोटर स्किल्स भी विकसित होती हैं। यह रिसर्च अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित हुई है। पिछले साल क्वीनमेरी रिसर्चर्स के एक अध्ययन में पाया गया कि विटामिन डी फ्लू से भी बचाता है और नई रिसर्च में इसके और ज्यादा फायदे गिनाए गए हैं। 

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vitamin d inside

जानें विटामिन डी के बारे में

विटामिन डी फैट में घुल जाने वाले विटामिन के समूह में आता है। यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट को एब्जॉर्ब करने की क्षमता को बढ़ाता है। सूरज की रोशनी में शरीर कोलेस्ट्राल से विटामिन डी का निर्माण भी करता है। इसलिये इसे अक्सर सनशाइन विटामिन कहते हैं। विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में लेने से बच्चों के साथ-साथ आपको भी अपने दैनिक कार्यों के लिए जरूरी ऊर्जा मिलती है। एक्सपर्टस के अनुसार पर्याप्त धूप के साथ प्रतिदिन 400 आईयू (10 ग्राम ) विटामिन डी लेने से आपकी सेहत बनी रहती है।

फायदों से भरा विटामिन डी

  •  पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी लेने से कई गंभीर बीमारियों से आप सुरक्षित रहती हैं मसलन कैंसर, रिकेट्स, ऑस्टियोपोरोसिस, हार्ट डिजीज, किडनी रोग, अस्थमा आदि। इसके अलावा सर्दी-जुकाम, मोटापा, बालों का झड़ना और डिप्रेशन जैसी प्रॉब्लम्स में भी विटामिन डी के सेवन से फायदा होता है।
  • विटामिन डी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, सर्दी, फ्लू और निमोनिया से सुरक्षा देता है।
  • विटामिन डी शिशु के विकास में विशेष रूप से सहायक है। अगर डिलीवरी समय से पूर्व हुई है तो उस दौरान होने वाले इन्फेक्शन से भी विटामिन डी बचाता है।
  • विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा से गिरने, फ्रैक्चर, उच्च रक्तचाप और टाइप-1 मधुमेह से होने वाली चोटों के खतरों को कम करता है।
  • अगर आप चोटिल हो गई हों तो विटामिन डी घाव भरने में भी सहायक है।