पीरियड्स जैसी आम चीज़ को लोगों ने आज भी एक बड़ा टैबू बना कर रखा है और अब इस मुद्दे पर खुलकर बात कर रहे हैं बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार, अपनी फिल्म 'पैड मैन' के ज़रिये। और सिर्फ अक्षय ही नहीं बॉलीवुड के अन्य सेलेब्स भी अब इस मुद्दे पर अपनी राय देनी शुरू कर दी है। हाल ही में हमारी मुलाकात हुई बॉलीवुड को 'नाम शबाना' और 'पिंक' जैसी वुमेन ओरिएंटेड फ़िल्में देने वालीं तापसी पन्नू से। तापसी ने भी कहा कि ना जाने लोग पीरियड्स को इतनी बड़ी बात क्यों बनाते हैं, यह तो हर लड़की फेस करती है और यह बहुत ही नेचुरल भी है।

तापसी ने कहा कि वो बहुत खुश है कि इस ज़रूरी मुद्दे पर अब फिल्म बन रही है और उनका मानना है कि फिल्मों से लोग ज्यादा मात्रा में प्रभावित होते हैं। तापसी ने कहा कि वो चाहती हैं कि अब लोग इस बारे में कानाफूसी करके बात ना करें बल्कि, इसकी अवेयरनेस और महत्वपूर्ण चीज़ों के बारे में लोगों को अवगत कराएं।

दवाइयां लेकर मैं चला लेती हूं अपना काम

तापसी से जब पीरियड्स की मुश्किलों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि हां मुझे भी तकलीफें होती हैं मगर, मार्केट में इसके लिए दवाइयां भी उपलब्ध है, जिसका मैं कई बार इस्तेमाल करती हूं। जब तापसी से पूछा कि क्या कभी पीरियड्स के दौरान उन्होंने अपना काम या शूटिंग कैंसिल की है? इस पर तापसी ने मना करते हुए कहा, "नहीं, मैंने कभी अपने पीरियड्स की वजह से शूटिंग कैंसिल नहीं करवाई। शूटिंग में लाखों में पैसा लगता है और मैं नहीं चाहती कि मेरी वजह से किसी का नुक्सान हो। मैं अक्सर दवाई लेकर शूटिंग करती हूं।"

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हार्ट-अटैक जैसा दर्द होता है कई लड़कियों को पीरियड्स के दौरान

तापसी ने बताया कि वो खुद कई कॉलेज और स्कूल में पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याओं के बारे में चर्चाएं कर चुकी हैं और उन्हें इस बात का दुःख है कि बहुत सारे लोग इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते। तापसी ने कहा, "आपको बता दूं कि कई लड़कियों को हार्ट-अटैक जितना दर्द होता है। हार्ट अटैक तो आकर चला जाता है मगर, पीरियड्स के दौरान यह दर्द कम से कम ३ दिनों तक चलता है, जिसे सहना हर किसी के बस की बात नहीं है।

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लड़के तो सोच भी नहीं सकते इस दर्द के बारे में

तापसी ने कहा कि कुछ भी कहो, कि लड़के बड़े स्ट्रांग होते हैं मगर वो इस दर्द के बारे में सोच भी नहीं सकते। उनके हाथ के दो बाल उखड़ जाएं चिल्लाने लगते हैं और हमें ऐसा अक्सर हर महीने करना होता है। वैक्सिंग और ग्रूमिंग में ही लड़के हमारी बराबरी नहीं कर सकते तो पीरियड्स क्या चीज़ है।

'पीरियड्स लीव्स' पर भी तापसी ने दी अपनी राय

तापसी ने कहा कि उन्हें लगता है कि लड़कियों को धीरे-धीरे इस दर्द की आदत हो जाती है। तापसी ने कहा, "देखिये मुझे इतना दर्द नहीं होता और अगर कभी कभी होता है तो मैं दवाइयां ले लेती हूं। मगर, कुछ लड़कियों के लिए यह असहनीय होता है तो, अगर उन्हें छुट्टी चाहिए तो उन्हें मिल जानी चाइये। यह समझने वाली बात है कि इतने दर्द में कोई काम कैसे करेगा। 

लड़कों को भी होना चाहिए 'पेरियड्स का ज्ञान

तापसी ने कहा कि मुझे लगता है कि जिस तरह हम लड़कियों को पीरियड्स के बारे में समझाते हैं उसी तरह यह ज्ञान लड़कों को भी बांटना चाहिए, जिससे वो लड़कियों का दर्द समझ सके, ना कि उनका मज़ाक उड़ाए। 

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