कान हमारे शरीर का ऐसा हिस्‍सा हैं जिसके बिना हम कुछ भी सुन नहीं सकते है। लेकिन आमतौर पर महिलाएं कान से जुड़ी समस्याओं को ज्यादा सीरियसली नहीं लेती हैं लेकिन अगर इस अंग से जुड़ी समस्याओं को यूं ही इन्ग्नोर किया जाए तो आगे चलकर आपको बहुत मुश्किल हो सकती है। आज हम आपको आपके द्वारा की जाने वाली कुछ ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे बार-बार दोहराने की वजह से आप जिन्दगी भर के लिए अपने कान खो सकती हैं यानि बहरी हो सकती है। जी हां कान को आप रोजाना अनजाने में नुकसान पहुंचाती हैं। नहाने के बाद ईयरबड्स से कान की सफाई, हल्की खुजली होने पर उंगली से खुजलाना, बहुत तेज आवाज में ईयरफोन से गाना सुनना, आदि आदतों से कान की सुनने की क्षमता प्रभावित होती है।

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कान इंसानी शरीर का सबसे ज्यादा सेंसिटिव पार्ट है और अगर इसमें आने वाले दिक्कतों को अनदेखा किया जाए तो ये आगे चलकर आपके सुनने की शक्ति भी आपसे छीन सकता है। लेकिन ज्‍यादातर महिलाएं कानों में दर्द की समस्या होने पर खुद ही उसका उपचार करने लगती हैं। जी हां कुछ महिलाएं कान के दर्द को इग्नोर कर देती हैं वहीँ कुछ महिलाएं खुद ही अपनी मर्जी से बाजार से कोई ना कोई इयर ड्राप लेकर उससे निजात पा लेती हैं लेकिन कोई भी ये जानने की कोशिश नहीं करता है कि आखिर कान में दर्द होने की वजह क्या है। आज हम आपको ऐसी ही कुछ आदतों के बारे में बता रहे हैं जो आप अनजाने में कान को नुकसान पहुंचाने के लिए रोजाना करती हैं।

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कैंडल से कान की सफाई

कान में खुजली हो या फिर कान में मैल यानी ईयर वैक्स जमा हो जाये तो उसे निकालने के लिए महिलाएं आजकल मोम का बहुत ज्‍यादा इस्‍तेमाल कर रही हैं, इस प्रक्रिया को ईयर कैं‍डलिंग कहा जाता है। न्यूयार्क में हुए एक शोध की मानें तो इस तरीके से कान की सफाई कराना ठीक नहीं। इनसे कानों को नुकसान पहुंचता है, इसके कारण कान जल भी सकते हैं। इसके अलावा ईयरवैक्स जब पूरी तरह से निकल जाता है तो कान ड्राई हो जाते हैं, जिससे सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए कान को साफ करने के लिए कैंडलिंग कराने से बचें।

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ईयरफोन की तेज आवाज 

ईयरफोन से बहुत तेज आवाज में गाना सुनने का आजकल रिवाज सा हो गया है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि इस तरह से गाना सुनने से आप बहरे भी हो सकती हैं। अमेरिका के ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन डीफनेस’की मानें तो अमेरिका में मात्र 20 साल की उम्र में 15 प्रतिशत लोग बहरेपन का शिकार हो जाते हैं, इसका कारण ईयरफोन से तेज आवाज में गाना सुनना है। इंडियन जर्नल ‘ऑक्टोलॉजी’ में छपी रिसर्च की मानें तो बहरेपन के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार कारकों में ईयरफोन भी है। अगर आप भी इस तरह ईयरफोन से तेज गाने सुनती हैं तो आज से ही इस आदत को बदल लें।

कान में दर्द का खुद से इलाज

कान से जुड़ी छोटी-छोटी समस्‍या होने पर उसका ट्रीटमेंट खुद से करने लगती हैं। लेकिन यह आपके कान के लिए हानिकारक हो सकता है। क्‍योंकि अधिक समय तक कान में दर्द को इग्‍नोर करने से सुनने की क्षमता कम होने लगती है। कान में दर्द केवल कान की समस्या के कारण ही नहीं होता, बल्कि अगर जबड़ों, मुंह, गले आदि में किसी तरह की समस्‍या के होने पर दर्द होने लगता है। यह किसी तरह की गंभीर बीमारी भी हो सकती है, इसलिए दर्द होने पर डॉक्टर के पास जरूर जायें।

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कान में उंगली डालना

जब भी कान में खुजली होती है आप बिना कुछ सोचे-समझे कान में उंगली डालकर खुजलाने लगती हैं। इससे भले ही आपको राहत मिलती हो लेकिन यह आपके कान को नुकसान पहुंचाता है। हाथ के नाखूनों में बैक्टीरिया होते हैं जो आपके कान में जाकर इसे संक्रमित कर सकते हैं। अगर किसी को डायबिटीज है और वह उंगली से कान में खुजली करे तो उसे इंफेक्‍शन होने की अधिक संभावना रहती है।

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कान में दूसरी चीज डालना

यह कुछ महिलाओं की आदत बन जाती है। वे ऐसे ही अपने कान में पेन, पेंसिल, आदि डालकर हिलाती रहती हैं। ऐसा ही कुछ मेरी बेटी की आदत भी है। कई बार तो वह इस काम में इतनी मग्न हो जाती हैं कि कानों को घायल तक कर लेती हैं। इसके कारण इंफेक्‍शन हो सकता है जो आपके कानों के लिए खतरनाक है। कान के चिकित्सक भी कान में कुछ भी डालकर खुजलाने से मना करते हैं।

इसके अलावा कान में खुद से पियरसिंग करने से भी इंफेक्‍शन होने का अधिक खतरा रहता है, इसलिए पियरसिंग के लिए किसी एक्‍सपर्ट के पास ही जायें।