पूरे भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने अपना प्रकोप मचा रखा है और लगातार हर रोज़ 2.5 लाख से ज्यादा लोग पॉजिटिव आ रहे हैं। भारत में हालत सही नहीं है और इसलिए कई लोग टेस्ट करवा रहे हैं। दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में तो हर रोज़ लाखों टेस्ट हो रहे हैं। कोविड-19 के लिए सबसे अच्छा टेस्ट RT-PCR और Antigen ही माना जा रहा है, लेकिन क्या आपको पता है कि कई रिपोर्ट्स निगेटिव होने के बाद भी शरीर में कोरोना असर कर रहा है।

कोविड का नया स्ट्रेन  RT-PCR और Antigen की रिपोर्ट को भी धोखा दे रहा है और ऐसे में अगर देखा जाए तो कई लोगों को फॉल्स रिपोर्ट भी मिल रही है। वैसे अभी भी कोविड का पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका यही है और इन्हीं दोनों टेस्ट्स को सबसे पहले करवाना चाहिए। पहले वाले वायरस से 5-7 दिनों में निमोनिया होता था और अभी वाला स्ट्रेन 3 दिन में ही असर कर रहा है। 

लंग्स पर असर होने से एक मार्क जैसा उनपर जाता है और इससे मरीज़ों के लंग्स की जांच करके भी पता लगाया जा रहा है कि आखिर उन्हें कोविड है या नहीं। 

कोरोना का क्वारेंटाइन समय 14 दिनों का होता है, पर कई लोगों को इससे भी ज्यादा समस्या हो जाती है। दैनिक जागरण इंग्लिश ने कोविड की इस मुहिम में कई डॉक्टर्स और चेस्ट स्पेशलिस्ट्स से बात की जिसमें उन्होंने चार अन्य टेस्ट्स के बारे में बताया जो कोविड का पता लगाने में मदद कर सकते हैं। 

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1. D-Dimer Test:

ये ब्लड टेस्ट होता है जो आपको ब्लड क्लॉट के बनने की जानकारी देता है। ये अलग-अलग बॉडी पार्ट्स में इसकी जानकारी देता है और ये 0.5mg प्रति लीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए। 

2. CRP (C Re-Active Protein):

ये टेस्ट लिवर के लिए होता है और शरीर में इन्फेक्शन के बारे में बताता है। ये फ्लूइड 10 से कम होना चाहिए और ये प्रति लीटर में 100mg से ज्यादा हो तो खतरनाक होता है। 

3. Ferritin: 

सिरम फेरिटिन एक प्रोटीन है जो आयरन और डिपॉजिट्स को बांधकर रखता है। आयरन ब्लड में पाया जाता है और अगर इसकी वैल्यू 500 से ऊपर हुई इसका मतलब इन्फेक्शन काफी ज्यादा है और ब्लड में फैल रहा है। 

4. Interleukin-6:

ये टेस्ट भी चेस्ट इन्फेक्शन और शरीर में इन्फ्लेमेशन के बारे में जानकारी देता है। 

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अधिकतर लोग करवा रहे हैं CT-Scan- 

World health organization (WHO) ने भी अपनी रिपोर्ट 'Use of chest imaging in COVID-19' में चेस्ट से जुड़े अन्य टेस्ट्स और CT स्कैन की डिटेल्स दी हैं।  

AIIMS के डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने हाल ही में ANI को दिए एक इंटरव्यू में इंजेक्शन Remdesivir और कोविड के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भी ये बताया कि X-Ray या CT-Scan की मदद से चेस्ट में पैचेज को देखा जा सकता है और ऐसे मरीज़ों को जिनको हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत है, ऑक्सीजन सैचुरेशन कम हो गया है उन्हें ही ये इन्जेक्शन देना चाहिए।  

 

CT-Scan की मदद से चेस्ट में पैचेज का पता लगाया जा रहा है और ये सभी टेस्ट्स डॉक्टर की सलाह पर ही करवाने चाहिए। कुछ डॉक्टर्स Bronchoscopy को भी एक ऑप्शन मान रहे हैं जिसमें लंग्स के अंदर मौजूद लिक्विड को टेस्ट किया जा सकता है।  

क्या है एक्सपर्ट की राय? 

पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशनिस्ट स्वाति बथवाल का कहना है कि इन सभी टेस्ट्स के साथ डॉक्टर्स आपको ग्लूकोज, CBC, Albumin, Troponin T आदि करवाने की सलाह भी दे सकते हैं। दरअसल, ये सभी टेस्ट्स कोविड की केयर में मदद कर सकते हैं। हर मरीज़ के अगर अलग लक्षण होंगे तो उन्हें डॉक्टर द्वारा बताए गए सभी टेस्ट्स जरूर करवाने चाहिए। आपके डॉक्टर आपकी कंडीशन की जांच करने के बाद ही ये फैसला लेते हैं इसलिए थोड़ा ध्यान रखिएगा।  

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इसकी के साथ आपको ये जानकारी लेनी भी बहुत जरूरी है कि कोविड-19 कोई आम बीमारी नहीं है और इस समय अगर आपको कोविड-19 का शक है तो बेहतर होगा कि आप सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर की सलाह काफी काम आ सकती है और ये आपको बीमारी से बचा सकती है।  

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