आज के समय में महिलाएं ज्वाइंट पेन और बॉडी पेन की वजह से बहुत ज्यादा परेशान रहती हैं। बदले हुए लाइफस्टाइल के कारण भी महिलाओं को अक्सर थकान हो जाती है। अगर आप भी इसी समस्या से परेशान रहती हैं तो रुजुता दिवेकर के Suptapadangushtasana से आप खुद को रिलैक्स कर सकती हैं। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर करीना कपूर का वेट लॉस कराने के लिए लंबे वक्त सुर्खियों में रही थीं। अक्सर ही वह अपने इंस्टाग्राम पर हेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़ी पोस्ट शेयर करती हैं। अब Suptapadangushtasana के जरिए उन्होंने आसानी से स्ट्रेचिंग का तरीका बताया है, जिसके जरिए शरीर को हेल्थ बनाया जा सकता है। इससे शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है। इस बारे में उन्होंने अपनी लेटेस्ट पोस्ट में डिटेल में लिखा है। आइए जानते हैं कि रुजुता ने अपनी इस पोस्ट में स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के कौन से बेनिफिट्स के बारे में बताया -  

स्ट्रेचिंग से चोटिल होने का खतरा हो जाता है कम

 
 
 
View this post on Instagram

Guideline 9 - Suptapadangushtasana daily for aches, pains and recovery For more reasons than one, stretching is the corner stone of any exercise program. For starters, it prevents injuries, but more importantly accelerates recovery from a bout of anything stressful in life - be it physical like exercise or mental like tension or a mixture of both like long travels. How stretching helps? One of the under-rated aspects of a workout is that right after exercise, your immunity is a bit down. Stretching post exercise ensures that it doesn’t crash or that you don’t catch infections or fall routinely sick just because you exercised. Also, people with conditions like fibromyalgia, chronic fatigue, BP, Diabetes, Thyroid, etc., will find stretching extremely useful and beneficial in managing their condition. So will people with bio-mechanical issues like - back pain, knee pain, weak joints, etc. In fact, anyone who has been advised to not exercise can also safely stretch, provided you do it right. Stretching also improves– 1. range of motion in joints 2. blood circulation 3. coordination 4. posture - The primary stretching routine that you all must adopt is the Suptapadangushtasana (SP) series. This is a group of 3 stretches which belong to the wisdom of yoga. They are done lying down and are so critical to good health that no one should be spending a day without them. The day to day sitting literally jams up the lower body, weakens the back and dries up the synovial fluid around the knees. But the SP series is a good starter to undo these damages. For best results do this stretch twice a day and here’s how you can adapt it - 1. For Diabetes and BP - once in the morning and once in the evening 2. If you workout regularly - Pre and post workout, hold post workout longer 3. For chronic fatigue or during Periods - at any time of the day, preferably around sunset, repeat twice on both sides 4. For weak and aching joints, Arthritis, Osteoporosis, back problems, cramping legs in the nights or pain in the heels in the morning - at bedtime and on rising, do it on the bed. Video in story. Week 8 form - link in bio. #12weekbook #12week2020 #iyengaryoga

A post shared by Rujuta Diwekar (@rujuta.diwekar) onMar 3, 2020 at 3:38am PST

 

रुजुता दिवेकर का मानना है कि स्ट्रैचिंग से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं। उनके शब्दों में, 'स्ट्रेचिंग से शरीर के चोटिल होने का खतरा कम हो जाता है। इससे स्ट्रेस दूर होता है। चाहें आप फिजिकल एक्सरसाइज करें या फिर मेंटल या फिर दोनों, स्ट्रेचिंग से शरीर को काफी रिलैक्स मिलता है।' हालांकि एक्सरसाइज को उतना महत्व नहीं दिया जाता, लेकिन नियमित तौर पर इसे अपने रूटीन का हिस्सा बनाने से काफी फायदा होता है। 

इसे जरूर पढ़ें: करीना कपूर खान की न्‍यूट्रीशनिस्‍ट के ये 6 फूड नियम हर महिला को अपनाने चाहिए

डायबिटीज से होता है बचाव

rujuta diwekar talks about stretching exercise best for diabetes

रुजुता दिवेकर स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के बेनिफिट्स के बारे में आगे बताती हैं, 

'एक्सरसाइज करने के पहले और बाद में स्ट्रेचिंग करने से शरीर को इंफेक्शन से सेफ रखने में मदद मिलती है। जिन लोगों को fibromyalgia, chronic fatigue, BP, Diabetes, Thyroid जैसी समस्याएं हैं, उनके लिए भी स्ट्रैचिंग बहुत लाभदायक है।'

Recommended Video

इससे उनकी हेल्थ बेहतर रहती है। साथ ही जो लोग बैक पेन, घुटने के दर्द, कमजोर जॉइंट की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए भी यह फायदेमंद है। जो लोग एक्सरसाइज नहीं कर सकते, उनके लिए भी स्ट्रैचिंग सेफ मानी जाती है। इससे जॉइंट्स के बीच मोशन, खून का दौरा बढ़ाने, कोऑर्डिनेशन बेहतर करने और पोस्टर सही रखने में मदद मिलती है। 

इसे जरूर पढ़ें: इन 5 Indian Health Instagram Pages को फॉलो कर बरकरार रखें अपनी सेहत

शरीर के निचले हिस्सों में बढ़ता है खून का दौरा

रुजुता दिवेकर के अनुसार Suptapadangushtasana में शरीर को 3 तरह से स्ट्रेच किया जाता है। इस आसन को लेट कर किया जाता है और यह शरीर के लिए बहुत ही बढ़िया है। रोजमर्रा की जिंदगी में ज्यादा वक्त तक बैठे रह जाने की वजह से शरीर का निचला हिस्सा लगभग जाम हो जाता है। इससे बैक कमजोर हो जाती है और synovial fluid घुटनों तक नहीं पहुंच पाता, लेकिन यह आसन करने से इन सभी समस्याओं में आराम मिलता है। जो लोग डायबिटीज या बीपी की समस्या से परेशान हैं, उन्हें एक बार सुबह और शाम में यह एक्सरसाइज करनी चाहिए 

थकान और पीरियड्स के पेन में भी मिलता है आराम

रुजुता दिवेकर बताती हैं कि अगर आप नियमित रूप से एक्सरसाइज करती हैं तो आपको वर्कआउट से पहले और बाद में यह स्ट्रेचिंग एक्साइज करनी चाहिए। अगर आप बहुत ज्यादा थकान महसूस करती हैं, पीरियड के वक्त में लो फील करती हैं तो आपको शाम के वक्त एक्सरसाइज करने से फायदा मिलेगा। जिन लोगों के जॉइंट्स में दर्द रहता है, जो अर्थराइटिस, ऑस्टियोपोरोसिस और पीठ दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं और जिनके पैरों में भी दर्द रहता है, वे लोग भी सुबह और रात में इस एक्सरसाइज को कर सकते हैं।