वर्क फ्रॉम होम के दौर को अब हम निकाल चुके हैं और अब वर्क फ्रॉम ऑफिस की शुरुआत के बाद अधिकतर लोगों को पीठ दर्द और हाथ-पैर दर्द की परेशानी महसूस हो रही है। एक तरह से देखा जाए तो इस दौरान बहुत सारे लोग अपनी लाइफस्टाइल में आए सडन बदलावों से परेशान हो रहे हैं। अगर आपका ऑफिस खुले हुए समय भी हो गया है तो भी लगातार कई घंटे बैठकर काम करने के कारण परेशानियां ज्यादा हो रही हैं। पर क्या आपको पता है कि काम करने की पोजीशन में थोड़ा सा बदलाव भी हमारी कई समस्याओं को दूर कर सकता है।

ये शायद आपको पता ना हो, लेकिन हमारा पॉश्चर हमें बहुत सारी समस्याओं से बचाता है। वर्क पॉश्चर की समस्याओं को लेकर हमने मंडल रेल हॉस्पिटल भोपाल में कार्यरत फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर समर्थ सूर्यवंशी से बात की। उन्होंने हमें इससे जुड़े कई नियम बताए जो दर्द में राहत देने में मदद कर सकते हैं।

डॉक्टर समर्थ के मुताबिक इस तरह की समस्या 30 से 60 साल की उम्र के लोगों ये दर्द ज्यादा परेशान करता है और उनके लिए वर्क पॉश्चर को सही मेंटेन करना बहुत जरूरी होता है।

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किन कारणों से होता है ये मसल पेन?

  • मसल का टाइट हो जाना
  • मसल का कमजोर हो जाना
  • गलत तरह से उठना-बैठना, पॉश्चर की समस्या
  • लगातार उसी मसल पर चोट लगना
  • किसी पुरानी चोट का असर होना
  • न्यूट्रिशन की वजह से परेशानी
  • जरूरत से ज्यादा एक ही पोजीशन में बैठे रहना
  • एंग्जाइटी
  • गलत तरीके से कोई काम लगातार करना 

कैसे ठीक किया जाए पॉश्चर से जुड़ा दर्द? 

अगर हम पॉश्चर से जुड़े दर्द की बात कर रहे हैं तो ऑफिस वर्क का ज्यादा हो जाना और कम्प्यूटर पर लगातार काम करना शामिल है। ऐसे में आपको अपने काम करने की स्थिति में थोड़ा बदलाव करना चाहिए। 

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इस तरह से करें कीबोर्ड का इस्तेमाल- 

अब बारी आती है कीबोर्ड की और दिन भर कीबोर्ड का इस्तेमाल करने के बाद कोहनी में दर्द होना आम बात है। अगर आप कोहनी और हाथ को अलग लेवल (हाइट) पर रखेंगे तो ये होगा और अगर आप एक ही लाइन में कोहनी और हाथ को रखेंगे तो कंधों से लेकर हथेलियों तक में होने वाला दर्द कम होगा। 

एक जगह पर लगातार न बैठें- 

लगातार बैठे रहने से बेहतर है कि हर 1 घंटे में छोटा सा ब्रेक लें और भले ही 5-10 मिनट हो, लेकिन कुछ कदम चल लें। ऐसा करने से आपकी बॉडी लैंग्वेज में भी असर आएगा और साथ ही साथ मसल्स भी रिलैक्स होंगे। 

मसल्स को ओवरयूज ना करें- 

अगर आपको किसी जगह दर्द है और परेशानी हो रही है तो उस जगह को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल ना करें। जितना हो सके उसे हील करने का समय दें। गर्दन झुकाकर फोन देखना, लैपटॉप आदि पर कुछ काम लगातार करते रहना, अगर हाथ में दर्द है तो बिना रेस्ट के लगातार टाइप करना ये सारी समस्याएं बड़ी हो सकती हैं। 

पॉश्चर करेक्शन जरूर करें- 

चेयर में बैठते समय कंधे और गर्दन झुकाए ना और पीठ में ज्यादा बल ना दें। अगर आप सीधे बैठने की कोशिश करेंगे तो ये ज्यादा बेहतर होगा। इससे गर्दन और कंधों में होने वाला पेन काफी कम हो सकता है। 

आई लेवल पर रखें मॉनिटर- 

अधिकतर लैपटॉप का इस्तेमाल करने वालों के साथ ये समस्या होती है कि उनकी गर्दन में फैट जमा हो जाता है और साथ ही साथ हंप भी दिखने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गर्दन को नीचे झुकाकर काम किया जाता है। इसलिए लैपटॉप है तो स्टैंड के साथ काम करें और अगर कम्प्यूटर है तो चेयर को नीचे रखें। 

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पैरों को जमीन पर ही रखें- 

चेयर पर पैर रखकर या पैरों को मोड़कर काम करना सही पॉश्चर नहीं हो सकता है। आपको दोनों पंजों को जमीन पर रखकर ही काम करना चाहिए।  उन्हें ऊपर नीचे करने या फिर गलत पॉश्चर में रखने से हैमस्ट्रिंग्स का मसल पेन होता है।   

एक्सरसाइज है बहुत जरूरी- 

एक बात आपको जरूर ध्यान रखनी है कि अगर आपने एक्सरसाइज नहीं की तो आपको परेशानी होगी ही। आपको अपने शरीर को एक्टिव रखना चाहिए और यही जरूरी भी है। 

कई बार दर्द की वजह मसल्स की कमजोरी हो जाती है और ऐसे समय में आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।