एक्सरसाइज करने से आप फिट रहती हैं। तमाम बीमारियों से दूर रहने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करने की सलाह सभी देते हैं। इससे न सिर्फ आप शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहती हैं। इसी तरह कोर एक्सरसाइज किसी भी एक्सरसाइज रेजिमन का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे व्यायाम शरीर को मजबूत करते हैं, विशेष रूप से पेल्विस, हिप और लोअर बैक को। 

इनमें क्रंचेज, रिवर्स क्रंचेस, बॉल क्रंचेस, प्लैंक, बट लिफ्ट्स आदि कोर स्ट्रेंथ की एक्सरसाइज में शामिल हैं। इन्हें करने से आपको कई लाभ मिलते हैं। कोर स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करने के ऐसे ही लाभों के बारे में आइए इस आर्टिकल में जानें।

पोस्चर में आता है सुधार

core exercise helps in posture

गलत तरीके से बैठने, उठने, चलने, लेटने आदि के कारण हमारी स्पाइन पर गलत असर पड़ता है। रोजाना होने वाले इन प्रभाव को कम करने के लिए कोर स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करनी चाहिए। ये एक्सरसाइज आपके पोस्चर में सुधार करती हैं, इससे आपकी मांसपेशियों तक सही तरीके से ऑक्सीजन पहुंचता है। कोर मसल्स की मजबूती से अपनी रीढ़ को सीधा करने में मदद मिलती है।

बैलेंस और कॉर्डिनेशन में सुधार

जैसे-जैसे पीठ और पेट का एरिया स्ट्रॉन्ग होता जाता है, शरीर में बैलेंस और कॉर्डिनेशन में भी सुधार होता है। कोर की एक्सरसाइज करने से ब्रेन में एक विशेष एरिया, जिसे सेरेबेलम कहते हैं, वह उत्तेजित होता है। सेरेबेलम के द्वारा ही शरीर कॉर्डिनेशन, स्पैटियल अवेयरनेस और बैलेंस कर पाता है। इसी कारण से इस एक्सरसाइज से बॉडी ही नहीं, ब्रेन भी वर्कआउट करता है।

फैट बर्न में मदद मिलती है

core exercise helps in fat burn

कोर स्ट्रेंथनिंग और टोनिंग एक्सरसाइज, पेट, साइड, और पैर की चर्बी जल्दी हटाने का एक शानदार तरीका है। कोर एक्सरसाइज से आप बैलिस्टिक मूवमेंट्स कर पाते हैं, जिससे स्ट्रेंथ, कार्डियो, फ्लेक्सिबिलिटी ट्रेनिंग जुड़ी होती है। इस कारण आपकी मसल को मजबूती मिलती है और फैट बर्न करके आप लीन शरीर पाते हैं।

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बैक पेन में कमी

एक अलाइन्ड और सीधी बॉडी होने से आपकी पीठ में चोट और दर्द होने की संभावना को कम किया जा सकता है। इससे आपकी गर्दन, बैक मसल्स, और स्पाइन को ताकत और मजबूती मिलती है। कोर मजबूत न हो, तो आपकी बैक मसल्स पर काम करने का ज्यादा दबाव बनता है, जिससे पीठ, कंधे, कमर दर्द का होना आम है। कोर मजबूत होने से यह दबाव कम हो जाता है और मसल स्ट्रेन, पीठ की चोट और दर्द के जोखिम में कमी आती है।

ओवरऑल परफॉर्मेंस में आता है सुधार

core exercise helps in balancing

एक मजबूत और टोंड कोर स्टेबिलिटी में सुधार करता है। किसी भी वर्कआउट और स्पोर्ट्स के दौरान, आपके पैर और अपर बॉडी में सही तालमेल बैठता है। जब बॉडी अच्छी तरह बैलेंस होती है, तो आपके लड़खड़ाने और गिरने की संभावना भी कम होती है। ऐसी एक्सरसाइज मांसपेशियों पर प्रभाव को कम करने में भी मदद करता है, जिसका मतलब है कि आप हैवी थर्स्ट वाले मूवमेंट्स भी आसानी से कर पाते हैं।

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कोर स्ट्रेंथ करने वाली एक्सरसाइज

अगर आप पहली बार कोर स्ट्रेंथ करने वाली एक्सरसाइज कर रहे हैं, तो पहले आसान एक्सरसाइज से शुरुआत करें। इन्हें करते समय अपने पोस्चर का भी खास ख्याल रखें। कोशिश करें कि इसे शुरू में किसी विशेषज्ञ की देखरेख में करें। कोर स्ट्रेंथ करने वाली कुछ एक्सरसाइज जो आप ट्राई कर सकते हैं।

ब्रिज एक्सरसाइज

bridge exercise core strength

  • अपनी पीठ के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को सीधा रखें।
  • अब अपने घुटनों को मोड़ लें और कोर और ग्लूट्स को टाइट कर लें।
  • अपने कूल्हों को तब तक उठाएं जब तक कि आपके घुटने आपके कंधों के अनुरूप न हों।
  • इस स्थिति में 10 सेकेंड तक रहें और फिर वापस नॉर्मल स्थिति में आ जाएं
  • यह एक्सरसाइज आपकी कोर को ट्रेन करती है और हिप्स और थाइज को टोन करती है।

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क्रंचेज एक्सरसाइज

  • जमीन पर अपनी पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने घुटनों को मोड़ लें। अपने हाथों को सिर के पीछे रख लें।
  • अपने गर्दन और कंधों को एकदम रिलैक्स रखें। धीरे-धीरे अपनी अपर बैक को उठाएं। ध्यान रखें कि ऐसा करते समय आपकी लोअर बैक, पेल्विस और पैर जमीन से ऊपर न उठें।
  • प्रारंभिक स्थिति में लौटने के लिए धीरे-धीरे अपर बैक को नीचे ले जाएं।
  • इसके 8-12 रेप्स करें।
  • यह कोर स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज आपकी एब्डोमिनल मसल्स पर काम करती है। 

प्लैंक एक्सरसाइज

 

  • सबसे पहले आप पुश-अप्स पोजीशन में आ जाएं और पैरों को किसी कुर्सी पर एक फीट की ऊंचाई पर रखें।
  • अपनी बॉडी को एकदम सीधा रखें और कोर को टाइट रखें।
  • इस स्थिति में कम से कम 20 सेकेंड के लिए रहें।
  • यह पेट की मसल्स के साथ-साथ, बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी पर भी करती है। प्लैंक एक्सरसाइज करने से आपके आर्म्स, कंधों, बैक, ग्लूट्स और पैरों को मजबूती मिलती है।

अगर आप फिट रहना चाहती हैं, तो नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। साथ ही ऐसी अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी के साथ।

 

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