सेतुबंध का अर्थ है सेतु का निर्माण। ठीक यही आपको इस योग मुद्रा में करने की आवश्यकता होती है। ब्रिज पोज़, जिसे सेतुबंधासन या चतुर पदासन भी कहा जाता है, आपके ब्रेन और रीढ़ के लिए काम करने वाले अधिक प्रभावी योगों में से एक है। साथ ही इसे रोजाना करने से आप पेट, कमर और हिप्‍स की चर्बी को आसानी से दूर कर सकती हैं। इसके अलावा इससे आप हेल्‍थ से जुड़े कई फायदे पा सकती हैं। आइए इस लोकप्रिय आसन से आपको मिलने वाले कुछ लाभों पर एक नज़र डालते हैं। लेकिन सबसे पहले इसे करने का सही तरीका जान लेते हैं।

ब्रिज पोज करने का सही तरीका

bridge pose benefits inside

  • इसे करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं, अपने घुटनों को मोड़ें और पैरों को फर्श पर सपाट रखें। 
  • घुटनों को हिप्‍स की चौड़ाई से अलग रखें और टखनों को अपने हिप्‍स तक स्‍ट्रेच करें।
  • अगर आपकी बॉडी फ्लेक्सिबल है तो आप टखनों को पकड़ सकती हैं या हथेलियों को साइड में नीचे की ओर रख सकती हैं।
  • पैरों और बाहों को फर्श से प्रेस करते हुए, सांस लें और अपने हिप्‍स और चेस्‍ट को ऊपर उठाएं। 
  • इसके साथ ही अपनी पीठ को झुकाएं और रीढ़ को फर्श से ऊपर उठाएं।
  • सुनिश्चित करें कि आपके कंधे और सिर फर्श को छू रहे हो।
  • कुछ सेकंड के लिए इस मुद्रा में रहें।
  • जब आप निचली रीढ़ पर प्रेशर महसूस करते हैं तब आप इसे सही कर रहे होते हैं।
  • सांस छोड़ें और धीरे-धीरे अपने हिप्‍स को नीचे जमीन की ओर करें। 
  • आसन को कम से कम 4-5 बार दोहराएं।

ब्रिज पोज़ के हेल्‍थ बेनिफिट्स (सेतु बंधासन)

हिप्‍स मसल्‍स को करता है ढीला

bridge pose benefits inside

ब्रिज पोज़ करते समय, अपने घुटनों को हिप-चौड़ाई से अलग रखना जरूरी होता है। ऐसा करने से आप अपने हिप्‍स फ्लेक्सर्स को ढीला करने में सक्षम होते हैं, मसल्‍स का एक और सेट जो लंबे समय तक बैठने से पीड़ित होता है। जब आप ब्रिज पोज़ में अंदर और बाहर करते हैं तब हिप फ्लेक्सर्स के वैकल्पिक संकुचन और रिलैक्‍स से हिप्‍स की अच्‍छी एक्‍सरसाइज हो जाती है। जिससे आपको टोंड हिप्‍स पाने में मदद मिलती है।

बढ़ाता है ब्‍लड सर्कुलेशन

यह समझना मुश्किल नहीं है। ब्रिज पोज के लिए आपको अपने हिप्स को ऊपर उठाना होता है ताकि ब्लड फ्लो आपके दिल और दिमाग की ओर निर्देशित हो। इससे आपके शरीर के सभी हिस्सों में ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ावा मिलता है।

डाइजेस्टिव सिस्‍ट में करता है सुधार

digestive system inside

जैसे ही आप ब्रिज पोज़ को पूरा करने के लिए अपने हिप्स को ऊपर उठाते हैं, आपका यूरिनरी ट्रेक्ट और रेक्टम सिकुड़ जाता है। यह आपके डाइजेस्टिव और उत्सर्जन तंत्र के लिए अच्छा होता है। एक गिलास गर्म दूध पीने और फिर इस आसन को करने से कई बार कब्ज की समस्‍या दूर हो जाती है।

पीठ के निचले हिस्से में मजबूती

पीठ के निचले हिस्से की मसल्‍स को संकुचन की स्थिति में रखकर, ब्रिज पोज़ आपकी पीठ के निचले हिस्से को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह कोर मसल्‍स को मजबूत करने में मदद करता है। जब आप खुद को संतुलित करती हैं तो शरीर के वजन को अपने पैरों पर स्थानांतरित करने, थाइज और काफ मसल्‍स के सपोर्ट से, पैर की मसल्‍स को भी टोन करने में मदद करता है। इसके साथ ही इससे कमर और पेट की चर्बी कम होती है।

फेफड़ों और थायरॉयड ग्‍लैंड को करता है उत्तेजित

thyroid gland inside

जब सही तरीके से किया जाता है, तब ब्रिज पोज़ आपके पेट के अंगों और फेफड़ों को अच्‍छा स्‍ट्रेच देता है। साथ ही, आपकी ठुड्डी के नीचे आपकी गर्दन पर जो दबाव बनता है, वह आपकी थायरॉयड ग्‍लैंड द्वारा महसूस किया जाता है। इस तरह ब्रिज पोज इन अंगों के बेहतर कामकाज में मदद करता है।

रीढ़ की हड्डी में आता है जरूरी स्‍ट्रेच

ब्रिज पोज़ से पीठ धनुषाकार की हो जाती है। जॉब और डेस्क जॉब, जिसमें आपको पूरे दिन बैठे रहना पड़ता है, उससे लंबे समय में आपके स्पाइनल कॉलम पर बहुत हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही आपकी रीढ़ की हड्डी की लंबाई भी छोटी हो सकती है। इसलिए अपनी रीढ़ की हड्डी को समय-समय पर स्‍ट्रेच करना और घंटों बैठने से थके हुए पैरों को फैलाने की आवश्यकता होती है। इसमें ब्रिज पोज करने से आपको मदद मिल सकती है।

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मेनोपॉज के लक्षणों से देता है राहत

menopause inside

ब्रिज पोज को करने से ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और यह मस्तिष्क उत्तेजना से संबंधित है। इसलिए यह मेनोपॉजल महिलाओं के लिए अच्‍छा होता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि मन की शांत करके मेनोपॉज के कुछ लक्षणों को दूर करने में मदद मिलती है।

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सावधानी

प्रेग्‍नेंसी के एडवांस स्‍टेज में महिलाओं और अल्सर, हर्निया या स्लिप डिस्क से पीड़ित महिलाओं को इस आसन को करने से बचना चाहिए। साथ ही, जिन महिलाओं  की पीठ, गर्दन, कंधे या ब्रेन की सर्जरी हुई है, उन्हें ब्रिज पोज का अभ्यास करने से बचना चाहिए।

आप भी पेट, कमर और हिप्‍स की चर्बी कम करने के साथ-साथ यह सभी फायदे पाने के लिए रोजाना कुछ देर इस योगासन को जरूर करें। फिटनेस से जुड़ी ऐसी ही और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें।  

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