पीसीओडी और पीसीओएस ने कई महिलाओं की जिंदगी को बहुत मुश्किल बना रखा है। न सिर्फ ये एक दर्द भरा अहसास होता है बल्कि इस समस्या के कारण बहुत सारी अन्य स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं भी होने लगती हैं। कई महिलाओं को तो इसके कारण प्रेग्नेंसी में भी दिक्कत होती है। पीसीओडी और पीसीओएस की समस्या बहुत सी महिलाओं को होती हैं और इसके लिए निरंतर दवाएं लेनी होती हैं। 

अगर आप भी पीसीओडी और पीसीओएस की समस्या से परेशान हैं तो कुछ लाइफस्टाइल चेंजेस से आप खुद को थोड़ा बेहतर बना सकती हैं। ये बदलाव तापसी पन्नू की न्यूट्रिशनिस्ट मुनमुन गनीरेवाल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किए हैं। मुनमुन हमेशा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक्टिव रहती हैं और साथ ही साथ वो अपने फॉलोवर्स के लिए कई टिप्स शेयर करती हैं। तो चलिए जानते हैं कि क्या हैं वो टिप्स-

1. लाइफस्टाइल में बदलाव है जरूरी-

मुनमुन के मुताबिक पीसीओडी और पीसीओएस से बचाव के लिए हमेशा कॉन्ट्रासेप्टिव्स, ड्यूरेटिक्स, एंटी-एंड्रोजन, एंटी-डायबिटिक दवाएं दी जाती हैं जिससे पीसीओएस/पीसीओडी में बैलेंस आ सके। कई रिसर्च ये कहती हैं कि लाइफस्टाइल में बदलाव से इसपर फर्क पड़ सकता है। इससे फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज कम होता है और इंसुलिन लेवल भी नॉर्मल होते हैं और इससे वही इफेक्ट्स होते हैं जो पीसीओएस की दवाओं से होते हैं। दवाओं के बहुत से साइड इफेक्ट्स भी होते हैं इसलिए बेहतर है कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल जीने की कोशिश की जाए। अगर आप अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव लाने के बारे में सोचेंगी तो ये आपके लिए बेहतर होगा। 

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2. इन दो बातों का ख्याल हमेशा रखें-

आपको दो बातों का ख्याल हमेशा रखना है जो पीसीओएस और पीसीओडी के लेवल को न्यूट्रल करने में मदद करते हैं। ये न्यूट्रिशनल और लाइफस्टाइल में बदलावों से ही पाए जा सकते हैं। 

- अपने बॉडी फैट को कम करें (अपने शरीर की कंपोजिशन को बेहतर बनाएं।)

- इंसुलिन सेंसिटिविटी को ठीक करें 

इसके लिए अपने डॉक्टर के बताए लाइफस्टाइल बदलावों को देखा जा सकता है। अगर आपको लगता है कि आपकी लाइफ में बहुत सारे बदलाव हो रहे हैं तो आपको यकीनन इन बदलावों को सही तरीके से एक्सेप्ट करना होगा। 

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3. क्या खाना है?

अगर आपको पीसीओएस और पीसीओडी है तो आपके लिए खाने में बदलाव सबसे अच्छे साबित हो सकते हैं। आपको अपनी डाइट को कुछ इस तरह से प्लान करना होगा जिससे आपके हार्मोन लेवल सही हों। इसके लिए कुछ टिप्स का ध्यान रखना जरूरी है। 

  • सीजनल फ्रूट्स और सब्जियां खाएं। ताज़ा घर का बना हुआ खाना आपके लिए अच्छा हो सकता है जो आपकी ओवरीज को सभी तरह के न्यूट्रिएंट्स देगा।  
  •  ऐसे फूड्स खाने की कोशिश करें जिनमें कम GI (Glycemic index) हो जिससे ब्लड शुगर लेवल सही रहे और शरीर सही तरह से फैट को तोड़ पाए। जितना प्रोसेस्ड कार्बोहाइड्रेट होगा उतना ही कम GI होगा। इसलिए रोटी, थेपला, डोसा, पराठा आदि को खाएं।  
  •  फैट्स को अपनी डाइट में शामिल करें। कार्ब-रिच फूड खाना और फैट अपने शरीर में लेना जरूरी है। अगर हम इसे बिलकुल नहीं लेंगे तो हमारे ओवरऑल खाने का GI बढ़ सकता है। फैट की वजह से पेट जल्दी खाली नहीं होता। इससे खाना ब्लड शुगर के फॉर्म में जल्दी नहीं बदल पाता है। जितना ज्यादा फैट होगा उतनी जल्दी शक्कर कार्ब्स में बदल जाएगी। रोटी और पराठे में अच्छे से मक्खन लगाएं। इडली खाते समय नारियल की चटनी न भूलें, इसके अलावा चावल को भी अपनी डाइट में शामिल करें।  
  • अपने खाने में प्रोटीन को भी शामिल करें। GI इम्पैक्ट और भी कम हो जाएगा अगर आपके खाने में प्रोटीन की मात्रा सही होगी। अगर आपकी डाइट में सभी जरूरी चीज़ें होंगी तो शरीर इंग्रीडियंट्स से शक्कर को रिलीज करने में समय लगाएगा। पराठे के साथ दही, इडली चटनी के साथ सांभर, दाल, अंडे, चावल के साथ घी आदि को अपनी डाइट में शामिल करना जरूरी है।  

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4. एक्सरसाइज जरूर करें- 

आपके लिए ये बहुत जरूरी है कि आप एक्सरसाइज करें। आपको अपने वर्कआउट के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी करनी है जिससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हो और इंसुलिन का लेवल स्टेबल रहे। अगर आप अपने एक्सरसाइज रूटीन में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग रखते हैं तो शरीर किस तरह से इंसुलिन की मात्रा को इस्तेमाल करता है इसपर भी असर पड़ता है। वेट ट्रेनिंग आप कम से कम हफ्ते में 1 बार जरूर करें। अपने शरीर को जितना स्ट्रॉन्ग बनाएंगी उतना ही ये स्ट्रॉन्ग बनता जाएगा।  

5. नींद को खराब न करें- 

कई लोगों की आदत होती है कि वो अपनी नींद को खराब कर लेते हैं। वो अपने सोने और जागने का रूटीन नहीं बना पाते हैं और साथ ही साथ अपने बहुत सारे काम खराब कर लेते हैं। शरीर स्वस्थ रहे और हार्मोनल बैलेंस बना रहे इसके लिए नींद बहुत जरूरी है और आपको ये ध्यान रखने की जरूरत है कि नींद को खराब न करें।  

ये सारे टिप्स फॉलो करना बहुत आसान हैं, लेकिन अगर आप अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव ला सकती हैं तो आपके हार्मोन लेवल भी धीरे-धीरे कर बेहतर होते चले जाएंगे। लाइफस्टाइल में बदलाव लाना बहुत जरूरी है क्योंकि इसके कारण ही हमारी कई हेल्थ से जुड़ी समस्याएं खत्म होती हैं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।