क्या आपके शरीर को पर्याप्त विटामिन-बी मिल रहा है? हेल्‍दी रहने के लिए इसकी सही मात्रा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है। इसलिए आज हम आपको इस पावरहाउस विटामिन से जुड़ी कुछ बातों की जानकारी दे रहे हैं।  

जी हां विटामिन बी12 ब्रेन और नर्वस सिस्‍टम के सामान्य कामकाज और रेड ब्‍लड सेल्‍स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमारे शरीर के नर्वस और ब्‍लड सेल्‍स को हेल्‍दी रखता है और सभी सेल्‍स में मौजूद आनुवंशिक सामग्री डीएनए को बनाने में मदद करता है। विटामिन बी-12 की कमी का बहुत कम लेवल गंभीर न्यूरोलॉजिकल डैमेज का कारण बन सकता है यदि इसे जल्दी प्रबंधित नहीं किया गया। यह मुख्य रूप से मछली, मीट, अंडे और डेयरी प्रोडक्‍ट्स जैसे एनिमल प्रोडक्‍ट्स में पाया जाता है।

विटामिन बी12 के स्तर की सीमा

>300 पीजी/एमएल 201-300 पीजी/एमएल <201 पीजी/एमएल

डाइट से विटामिन बी-12 की कमी को मैनेज करें

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इस कमी के लक्षण आमतौर पर धीरे-धीरे दिखाई देते हैं। कमी की प्रस्तुति इतनी विविध होती है कि गंभीर अवस्था में भी इसका डायग्‍नोज करना कठिन हो जाता है। विटामिन बी-12 से भरपूर डाइट का सेवन करना अनिवार्य है।

  • आप विभिन्न प्रकार के फूड्स के साथ हेल्‍दी डाइट सहित हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल अपनाकर विटामिन की कमी को बहुत अच्छी तरह से रोक सकते हैं।
  • वेजिटेरियन लोग इसे दूध, पनीर और दही के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। 
  • वेजिटेरियन लोगों के लिए, वे उन फूड्स का सेवन कर सकते हैं जो विटामिन बी-12 से भरपूर होते हैं जैसे अनाज और सोया मिल्‍क। इसके अलावा, अपने दैनिक आहार में गहरे हरे पत्तेदार सब्जियां, नट्स, समृद्ध अनाज प्रोडक्‍ट, जैसे ब्रेड, अनाज, पास्ता और चावल, फल और ताजे फलों के जूस शामिल करें।
  • नॉन वेजिटेरियन अंडे, बीफ, पोर्क, हैम, पोल्ट्री, मछली और टूना का सेवन कर सकते हैं। 

जोखिम में कौन है?

वेजिटेरियन लोग  

जो लोग एनिमल-स्रोत वाले फूड-प्रोडक्‍ट्स का बिल्कुल भी सेवन नहीं करते हैं, उन्हें इसका अधिक खतरा होता है।

डाइजेस्टिव ट्रेक्‍ट डिसऑर्डर

डाइजेस्टिव ट्रेक्‍ट डिसऑर्डर से पीड़ित लोग विशेष रूप से छोटी आंत जैसे गैस्ट्रिटिस, मैलाबॉस्पशन सिंड्रोम, एक सूजन संबंधी विकार क्योंकि यह शरीर में विटामिन अवशोषण को कम करता है।

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गैस्ट्राइटिस की समस्‍या

जो लोग गैस्ट्राइटिस के लिए लंबे समय तक एंटासिड का इस्‍तेमाल करते हैं, उनमें भी विटामिन-12 कम पाया जाता है। ऐसा इसलिए पेट की परत एसिड पैदा करती है जो विटामिन बी 12 के टूटने और अवशोषण में मदद करती है। पेट के अल्सर, हार्ट बर्न, रिफ्लक्‍स के लिए एंटासिड लेने से एसिड का उत्पादन कम हो सकता है, इसलिए बी 12 अवशोषण धीमा हो जाता है।

अल्‍कोहल का सेवन

जो लोग अधिक मात्रा में अल्‍कोहल जैसे हर दिन औसतन 2 से ज्‍यादा ड्रिंक का सेवन करते हैं। यह गैस्ट्राइटिस या पेट की परत में जलन पैदा कर सकते हैं और इससे पेट में एसिड कम हो सकता है और बी-12 अवशोषण कम हो सकता है। बी-12 लिवर में जमा हो जाता है और अल्‍कोहल लिवर की कार्यप्रणाली को भी खराब कर सकती है।

पर्निशियस एनीमिया से पीड़ित लोग

यह एक प्रकार का एनीमिया है और इसे एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर के रूप में माना जाता है जिसमें रोगी के पेट में "इंट्रिन्सिक फैक्‍टर" नामक प्रोटीन की कमी होती है जो शरीर में विटामिन बी-12 के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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डायबिटीज

डायबिटीज के रोगी जो मेटफोर्मिन नाम की दवा ले रहे हैं, उन्हें अपने विटामिन बी-12 के लेवल की निगरानी करने की सलाह दी जाती है। यह विटामिन बी-12 के अवशोषण को कम करने के लिए जाना जाता है।

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50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग 

डाइट और उम्र विटामिन बी-12 की कमी के मुख्य दोषी हैं। उम्र के साथ, पेट कम एसिड पैदा करता है और पेट में एसिड बी-12 अवशोषण की कुंजी है।

अब तो आपको समझ में आ गया होगा कि विटामिन बी-12 हमारी हेल्‍थ के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है। 

प्रीति त्यागी, इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंटीग्रेटिव न्यूट्रिशन, न्यूयॉर्क से प्रमाणित स्वास्थ्य कोच और My22bmi की फाउंडर हैं। उन्‍हें विशिष्ट सेवा पुरस्कार और सरकार से सशक्त नारी सम्मान मिला है। इसके अलावा, वह स्मार्ट ग्लोबल सिटी एंटरप्रेन्योर अवार्ड की प्राप्तकर्ता, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स के लिए वेलनेस एंबेसडर और सार्वजनिक व्यक्ति और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।

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