पिछले कुछ समय से कीटो डाइट काफी ज्यादा चर्चित है। हाल ही में करण जौहर ने अपने शो में अर्जुन कपूर और जहानवी कपूर के सामने यह बात स्वीकार की कि वह इस समय में कीटो डाइट ले रहे हैं और इससे उन्हें काफी फायदा हो रहा है।

आपके मन में भी इच्छा होगी कि इस डाइट को अपनाकर अपना वजन कंट्रोल कर लें। लेकिन आपके मन में यह बात भी चल रही होगी कि कीटो डाइट अपनाकर क्या वाकई 10 किलो वजन घटाया जा सकता है? आपको यह जानकर खुशी होगी कि यह बात पूरी तरह सच है। कई विदेशी सेलेब्स कीटो डाइट के दीवाने हैं। इसमें Halle Berry, Kourtney Kardashian, Kim Kardashian, Katie Couric और Gwyneth Paltrow के नाम शुमार हैं। भारतीय सेलेब्स में हुमा कुरैशी भी इस डाइट को फायदेमंद बता चुकी हैं। 

दुनिया के कई शहरों में यह डाइट काफी प्रचलित है और इसकी वजह साफ है। दरअसल इसमें डाइट लेने में काफी डिसिप्लिन होने की जरूरत होती है। यह डाइट अपनाकर आप अपनी मनचाही शेप पा सकती हैं लेकिन इसके लिए आपको अपनी इच्छाशक्ति बहुत मजबूत बनाने की जरूरत होती है। 

कीटो डाइट कैसे करती है काम

keto diet inside

कीटो डाइट आपकी इंसुलिन को तुरंत बढ़ने से रोकती है। अगर आप लो कैलोरी मील लें तो भी उससे कार्बोहाइड्रेट्स प्रोड्यूस होते हैं और उससे आपके शरीर में इंसुलिन बढ़ती है। इस डाइट का फायदा यह है कि इसमें उन सारे फूड कैटेगरी को अलग कर दिया जाता है, जिनसे शरीर की जरूरत से ज्यादा ग्लूकोस बनता है। शरीर को अपना ब्लड शुगर मेंटेन करने के लिए (80-11 एमजी/डीएल) की जरूरत होती है। वास्तव में इससे ग्लूकोस में कमी आती है, जिससे शरीर अपने स्टोर किए फैट को इस्तेमाल करना शुरू कर देता है। इस स्टेज में शरीर कीटोन प्रोड्यूस करता है, जो लीवर में फैट के ब्रेकडाउन से बनते हैं। यह हम भूखे रहकर नहीं करते बल्कि यह कार्बोहाइड्रेट्स के कम होने से होता है। खाना छोड़ देना गलत है क्योंकि इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते। बल्कि आपके लिए यह जरूरी है कि आप अपनी डाइट का एक कौर भी ना छोड़ें। क्योंकि उस छोटे अंश का भी आपकी डाइट में योगदान है। 

कीटो डाइट में क्या शामिल नहीं है?

हालांकि कीटो डाइड एक सपने जैसी लगती है। यह बिल्कुल ऐसा ही है कि आप पर बहुत ज्यादा रेस्ट्रिक्शन नहीं होता लेकिन आपको मोटे तौर पर फैटी बनाने वाले फूड आइटम्स नहीं खाने होते हैं। लो कार्बोहाइड्रेट डाइट लेने का मतलब है कार्बोहाइड्रेट्स के दूसरे सोर्स खत्म करना और अपनी न्यूनतम जरूरतों को सब्जियों के जरिए पूरा करना। 

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क्या नहीं खाना है आपको?

डायटीशियन सुजाता गुप्ता बताती हैं, 'इस डाइट के तहत आपको किसी तरह की रिफाइन्ड चीज नहीं खानी, यहां तक कि साबुत अनाज भी नहीं। यानी आपको मैदा, मल्टीग्रेन आटा, चावल, अनाज, मिलेट्स, रेशेदार फलियां, ओट्स, कीनवा पूरी तरह से छोड़ देने होंगे। शुगर भी पूरी तरह से बंद करनी होगी। शुगर ना तो रिफाइन्ड खा सकते हैं और ना ही रॉ फॉर्म में। यहां तक कि खजूर, जैगरी, हनी और बहुत से फ्रूट्स भी आपको छोड़ने होंगे। मूली, गाजर, आलू, शकरकंद और चुकंदर का सेवन भी बंद करना पड़ेगा, क्योंकि ये स्टार्ची होते हैं और इनमें कुछ हद तक शुगर कंटेंट होता है।' इस डाइट में प्याज और टमाटर भी लिमिटेड अमाउंट में लेने की जरूरत होगी, वहीं हरी मटर और कॉर्न खाने की मनाही होगी। फैट लेने के बारे में सुजाता गुप्ता का सुझाव है, 'रिफाइन्ड ऑयल पूरी तरह से बंद करने होंगे। इसकी जगह आप घी, मक्खन, फ्लेक्स सीड ऑयल, अवोकाडो ऑयल और नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। चिया सीड्स और कॉड लीवर ऑयल भी अच्छे हैं।'

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क्या है कीटो फ्रेंडली डाइट?

अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो कीटो डाइट आपके लिए परफेक्ट है। इसमें सभी तरह के मीट शामिल हैं। चाहें वह चिकन हो, मटन हो, सीफूड हो, बीफ हो या बीफ, आप यह सबकुछ खा सकती हैं। इन्हें योगर्ट और मसालों के साथ मैरिनेट करें। इसमें उबली हुई या सॉटे की हुई ब्रोकोली, गोभी और हरा सलाद शामिल करें। यह लंच या डिनर के लिए आपका परफेक्ट मील होगा। अगर आपको अंडा पसंद है तो वह भी आप इसमें शामिल कर सकती हैं। हरी सब्जियों के साथ आपको प्रोटीन इनटेक को पनीर  जैसे हाई प्रोटीन डाइट के साथ बैलेंस करना होगा। आप तरह-तरह की बैरीज जैसे कि स्ट्रॉबेरी, क्रेनबेरी, रसभरी ये सबकुछ आसानी से खा सकती हैं। इस डाइट में सबसे महत्वपूर्ण चीज है पानी। आपको पानी की मात्रा दुगुनी कर देनी होगी। इससे आपके शरीर के टॉकसिन्स तेजी से बाहर आ जाते हैं। इस डाइट से फैट लॉस होता है और डायबिटीज, पीसीओज, फैटी लीवर और कई दूसरी तरह के मेटाबॉलिक सिंड्रोम के इलाज में भी यह कारगर है। जब तक आपकी डाइट सही रहेगी, तब तक आपको किसी तरह की न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी नहीं होगी। 

कीटो डाइट को इस तरह इंडियन बनाएं

कीटो डाइट अपनाने के लिए सबसे पहले आपको अपने नजरिए में बदलाव लाने की जरूरत है। यही भारतीयों के लिए चैलेंज है। दरअसल भारतीय खाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी ज्याद होती है। हम चावल, आलू, चीनी, अनाज लिए बिना रह नहीं सकते और कीटो में ये सब खाने की मनाही है। लो कार्बोहाइड्रेट डाइट में फैट और प्रोटीन ज्यादा होते हैं। आप चाहें तो हम नई तरह की सोच अपनाकर अपनी जरूरत के हिसाब से खाना पका सकती हैं। छोटी-छोटी बातों का खयाल जैसे कि खाने से रूट वेजीटेबल्स, अनाज और चीनी अलग करने से मुश्किल बहुत हद तक आसान हो जाएगी।  

  • Saudamini Pandey
  • Her Zindagi Editorial