आपने अधिकतर लोगों से सुना होगा कि कार्ब्स खाने से वजन बढ़ता है और कार्ब्स फ्री डाइट लेनी चाहिए, लेकिन अगर कार्बोहाइड्रेट्स इतने ही खराब हैं तो आखिर उन्हें डाइट के लिए जरूरी क्यों माना जाता है? हमारे इम्यून सिस्टम को हर तरह के खाने और न्यूट्रिएंट्स की जरूरत होती है जिसमें कार्ब्स भी शामिल होते हैं, लेकिन आखिर कितने कार्ब्स खाएं या फिर डाइट को कैसा रखें ये सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि आप लोग किस तरह की लाइफस्टाइल फॉलो कर रहे हैं। 

कार्ब्स का असर वाकई में हमारे शरीर में मोटापा बढ़ाने के लिए हो सकता है और ये शरीर में किस हद तक असर कर सकते हैं इसके बारे में जानकारी रखना भी जरूरी है। 

मिस इंडिया कंटेस्टेंट्स को ट्रेनिंग देने वाली एक्सपर्ट डायटीशियन अंजली मुखर्जी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक शॉर्ट वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि आखिर कार्ब्स का असर हमारे शरीर पर क्या होता है। अंजली लगभग 20 सालों से इसी फील्ड में काम कर रही हैं और वो डाइट टिप्स एक्सपर्ट भी हैं। 

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क्यों डाइट में बहुत ज्यादा कार्ब्स नुकसान करेंगे?

डाइट में अगर आप जरूरत से ज्यादा कार्ब्स खाते हैं तो सुस्त लाइफस्टाइल के कारण आपके शरीर पर फैट और आलस ज्यादा चढ़ता है। हर एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट से 4 कैलोरी बढ़ती है। वैसे जिनकी लाइफस्टाइल सुस्त होती है उन्हें तो कम कार्ब्स वाला खाना खाना चाहिए जिससे उनकी लाइफस्टाइल का असर उनके शरीर पर कम पड़े। 

 
 
 
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दिन की 30-45 मिनट की एक्सरसाइज काफी नहीं है- 

अंजली जी के मुताबिक अगर आप दिन में एक्सरसाइज करने का दावा करते हैं तो 30-45 मिनट की एक्सरसाइज से ही कार्ब्स से भरपूर डाइट लेना सही नहीं है। खासतौर पर लॉकडाउन के समय तो आप दिन-रात सिर्फ बैठे रहते हैं और फिजिकली एक्टिव नहीं हैं। इसका असर सीधे आपके वजन पर पड़ता है और साथ ही साथ आपको डाइट में सभी न्यूट्रिएंट्स बराबर मात्रा में लेने होते हैं।  

carbs for diet

किन लोगों को खानी चाहिए हेवी कार्ब्स डाइट-

हेवी कार्ब्स डाइट उन लोगों को खानी चाहिए जो हेवी लेबर करते हों जैसे किसान, रिक्शा चलाने वाले, कार्पेंटर, प्लबंर आदि जो अपनी डाइट में 70-80% तक कार्ब्स रख सकते हैं। ये उनके शरीर में एनर्जी देने का काम करेगी। ये डाइट उनके लिए काफी अच्छी साबित हो सकती है। अगर आपको बहुत ज्यादा वीकनेस होती है, अगर डॉक्टर आपको सलाह देते हैं, अगर कुछ खास डाइट का पालन किया जा रहा है तो ही अपनी डाइट में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा को ज्यादा रखें।  

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कई तरह के होते हैं कार्बोहाइड्रेट्स- 

कार्बोहाइड्रेट्स कई तरह के खाने में मिलते हैं और ये कई प्रकार के होते हैं जैसे- 

डाइटरी फाइबर- 

ये वो तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है जिसे शरीर आसानी से पचा नहीं पाता है। ये फ्रूट्स, नट्स, सीड्स, सोयाबीन, होल ग्रेन्स आदि में पाया जाता है।  

शक्कर- 

यहां सिर्फ रिफाइन्ड शक्कर की बात नहीं हो रही है बल्कि उस शक्कर की बात हो रही है जो नेचुरली मिलती है जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स। इसके अलावा, एडेड शक्कर जैसे बेक्ड सामान, मिठाइयां आदि। शरीर बहुत आसानी से शक्कर को डायजेस्ट भी कर लेता है और एब्जॉर्ब भी।  

carbs and diet issues

शक्कर अल्कोहल- 

ये उस तरह का कार्बोहाइड्रेट होता है जिसे शरीर ठीक तरह से कभी एब्जॉर्ब नहीं कर पाता है। इनका स्वाद तो मीठा होता है, लेकिन इसमें शक्कर के मुकाबले थोड़ी कम केलोरी होती है जैसे चीविंग गम, बेक किया हुआ सामान ब्रेड आदि। 

आपकी सेहत, फिजीक और लाइफस्टाइल के मुताबिक डॉक्टर/न्यूट्रिशनिस्ट आपको ये बता सकते हैं कि दिन भर में कितने ग्राम कार्ब्स आपको अपनी डाइट में शामिल करने चाहिए। अपनी डाइट में किसी भी तरह के बड़े बदलाव के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।  

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