कई लोगों की डाइट का मुख्य हिस्सा होता है चावल। भारत में अलग-अलग वैरायटी के चावल की पैदावार होती है, जिसमें सफेद और ब्राउन चावल शामिल हैं। हालांकि सफेद चावल की खपत सबसे अधिक है, क्योंकि अन्य चावलों की तुलना में यह काफी टेस्टी होते हैं। वहीं सफेद चावल का सेवन अधिक करने से वजन बढ़ने की शिकायत अक्सर सुनने को मिलती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इन दिनों पॉलिश्ड, रिफाइंड चावल का सेवन अधिक किया जा रहा है, इसमें कार्बोहाइट्रेट्स की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा इसमें फाइबर भी मौजूद होता है लेकिन चावल को तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान यह खत्म हो जाता है।
वहीं रिफाइंड की प्रक्रिया के दौरान चावल से फाइबर हट जाता है और पॉलिश किए जाने से आवश्यक मिनरल्स और विटामिन भी हट जाते हैं। जिसके बाद तैयार चावल का सेवन किए जाने से कई लोगों को वजन बढ़ने की समस्या होती है। चावल के अलावा कई लो कार्ब्स फूड हैं, जिनका सेवन आप कर सकती हैं। इन हेल्दी ऑप्शन्स के जरिए आप वेट लॉस भी कर सकती हैं।
राइस कॉलिफ्लॉवर
राइस कॉलिफ्लॉवर में लो कार्ब और लो कैलोरी होती हैं। इसका स्वाद हल्का होता है, साथ ही इसमें पके हुए चावल के समान बनावट और उपस्थिति होती है, जिसमें कैलोरी और कार्ब्स के कुछ अंश होते हैं। यह कम कार्ब वाला फूड लोगों के लिए चावल की जगह बेस्ट ऑप्शन है जैसे किटो। राइस कॉलिफ्लॉवर बनाने के लिए फूल गोभी को कई टुकड़ों में काट लें और उसे ग्रेटर का उपयोग कर बारीक कर लें। इसे आप चावल की जगह खा सकती हैं।
शिराताकी चावल
लो कार्ब और लो कैलोरी युक्त फूड आइटम में शिराताकी चावल को डाइट में शामिल किया जा सकता है। यह कोनजैक रूट से बना होता है जो मूल रूप से एशिया में पाया जाता है और यह ग्लूकोमैनन नामक फाइबर से समृद्ध होता है। यही नहीं कोनजैट में कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं जो आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसे बनाने के लिए शिरताकी चावल को सिर्फ रिंस कर लें और एक सीटी तक उबालें। इस तरह यह झटपट तैयार हो जाता है।
इसे भी पढ़ें:सिंघाड़ा हेल्थ के लिए कितना फायदेमंद है? कविराज खियालानी से जानें
लो कार्ब फूड जौ
जौ, गेहूं की ही जाति का एक अनाज है। यह ओट्स की तरह दिखता है और इसमें च्यूसी बनावट और सुंगधित खुशबू होती है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, जस्ता, और सेलेनियम भी अधिक मात्रा में पाया जाता है। वहीं इसमें कैलोरी की मात्रा भी कम होती है जो वजन कम करने में मददगार है। इसे एक कटोरी जौ में चार कप पानी मिक्स कर पकाएं और कुकिंग करते वक्त गैस का फ्लेम लो रखें।
फर्रो
फर्रो एक साबुत अनाज वाला गेंहू उत्पाद है, जिसे चावल की जगह डाइट में शामिल किया जा सकता है। यह स्वाद में अधिक टेस्टी नहीं होता और इसे खाने के लिए अधिक चबाने की आवश्यकता होती है। यह जौ के समान है लेकिन इसमें बड़े दाने होते हैं। फैरो में प्रोटीन की मात्रा होती और इसमें भी क्विनोआ की तरह पोषक तत्व होते हैं। इसे बनाने के लिए आप अन्य फूड आइटमों को इसमें जोड़ सकती हैं।
इसे भी पढ़ें:खाने के बाद फूल जाता है आपका पेट तो फॉलो करें एक्सपर्ट स्वाति बथवाल के ये टिप्स
फ्रीकेह(Freekeh)
फ्रीकेह जौ और फर्रो की तरह ही साबुत अनाज होता है। यह गेहूं के दानों से आता है जो अभी भी हरे होते हैं। यह प्रोटीन और फाइबर से समृद्ध है। न्यूट्रिशन से भरपूर फ्रीकेह में कई सारे महत्वपूर्ण पोषक तत्व हैं। इसे पकाने करे लिए फ्रीकेह को दो भागों में पानी के साथ उबाल कर पकाया जाता है। इस दौरान गैस का फ्लेम मीडियम रखें ताकी बिना जले यह अच्छी तरीके से पक जाए।
Recommended Video
अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।
HerZindagi Video
HerZindagi ऐप के साथ पाएं हेल्थ, फिटनेस और ब्यूटी से जुड़ी हर जानकारी, सीधे आपके फोन पर! आज ही डाउनलोड करें और बनाएं अपनी जिंदगी को और बेहतर!
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों