शरीर के विकास और दिनभर काम करने के लिए हमें कई तरह के विटामिन्‍स और प्रोटीन्‍स की जरूरत होती है। प्रोटीन हमारे लिए बेहद जरूरी है क्‍योंकि यह सेल्‍स के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इसके बिना मानव शरीर की संरचना ही संभव नहीं है। जी हां शरीर के निर्माण, मरम्मत और उसे बनाये रखने के लिए प्रोटीन की जरुरत पड़ती है। साथ ही शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण में भी प्रोटीन हेल्‍प करता है। मनुष्य के हार्मोन और इम्यूनिटी पावर को क्रियाशील रहने के लिए भी प्रोटीन की जरुरत पड़ती है। प्रोटीन की कमी आपके शरीर के काम को प्रभावित करती है और आपका शरीर प्रोटीन की कमी के संकेत बालों के झड़ने, मसल्‍स में दर्द और नींद ना आने जैसी समस्‍याओं के रूप में देने लगता है। आइए जानें शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर कौन-कौन से लक्षण देखने को मिलते हैं।

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बाल झड़ना

प्रोटीन बालों के लिए एक आवश्यक घटक है। यह लंबे और मजबूत बाल के विकास को बढ़ावा देता है। तो जब आप इस आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट में कमी करते हैं, तो आपके बाल कमजोर होने लगते हैं और गिरने लगते हैं।

भूख लगना

जब हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी होती है तो हम अनहेल्दी खाने की तरफ भागते हैं। इन फूड्स में शुगर की मात्रा बहुत ज्‍यादा होती है। अगर आपका मन भी कैंडी, चॉकलेट, पास्ता, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक्स खाने का करता है तो हो सकता है कि आपके शरीर में प्रोटीन की कमी हो।

एनर्जी की कमी और थकान

प्रोटीन की कमी से ब्लड शुगर लेवल कम होता है जिससे मूड स्विंग्स की परेशानी होती है और आप मानसिक तनाव महसूस करते हैं और इसकी वजह से एकाग्रता कम होने लगती है। और आप हमेशा एनर्जी की कमी और थकान महसूस करते हैं। 

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ब्रेन कमजोर होना

ब्रेन के न्यूरॉन्स न्यूरोट्रांसमीटर और अन्य केमिकल रिसेप्टर्स भी प्रोटीन से बने होते हैं। इसलिए जब हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी होती है तो हमारा ब्रेन काम धीरे-धीरे करने लग जाता है। लेकिन जब हम भरपूर मात्रा में प्रोटीन खाते हैं तो हमारे ब्रेन में डोपामाइन नामक केमिकल बनाता है जो मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है।

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जोड़ों और मसल्‍स का दर्द

प्रोटीन की कमी से जोड़ों और मसल्‍स में दर्द हो सकता है। प्रोटीन से सीनोविअल नाम का फ्लूट बनता है (सीनोविअल फ्लूइड उंगलियों के जोड़ और घुटने के जोड़ों में लिक्विड पाया जाता है) जो जोड़ों में मौजूद होता है और साथ ही जोड़ों को लचीला बनाता है और मसल्‍स का पुनर्निर्माण करता है। प्रोटीन की कमी से यह फ्लूइड बनना कम होता है जिससे जोड़ों और मसल्‍स में दर्द होता है।

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नींद ना आना

शरीर में प्रोटीन की कमी से हमें सोने में तकलीफ होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे शरीर को शुगर और कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है और प्रोटीन की कमी से हमें यह नहीं मिल पाते हैं जिससे ब्रेन आराम नहीं कर पाता है।

अगर आपको भी इनमें से कोई लक्षण दिखाई दें तो समझ लें कि आपकी बॉडी में भी है प्रोटीन की कमी।