गोंद एक ऐसी क्रिस्टलीय जड़ी बूटी है, जो कुछ दशक पहले तक अधिकांश भारतीय रसोई में आसानी से पाई जाती थी। वर्तमान पीढ़ी ने अपनी दादी-नानी से नाम सुना होगा, लेकिन वास्तव में इसके बारे में ज्यादा नहीं जान पाएं। इसलिए आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं। 

इसे ट्रागाकैंथ गम के रूप में भी जाना जाता है, यह भारत में पाए जाने वाले पौधों के रस से प्राप्त होता है जिसे गोंड या लोकवीड कहा जाता है। यह स्वाभाविक रूप से जड़ और तने से निकलता है, जहां से इसे एकत्र किया जाता है और क्रिस्टल बनाने के लिए सुखाया जाता है। इसमें गर्मियों में शरीर को ठंडा करने और सर्दियों में गर्म करने के अद्भुत दोहरे गुण होते हैं।

गोंद अपने औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेदिक प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उपयोग प्राचीन काल से खांसी और पेचिश जैसी विभिन्न बीमारियों के इलाज के रूप में किया जाता रहा है। पानी में भीगने पर यह क्रिस्टलीय से सफेद जेली की तरह दिखने लगता है। यह स्वादहीन और गंधहीन होता है। लेकिन क्‍या आप जानती हैं कि यह आपकी हड्डियों के लिए भी बहुत अच्‍छा होता है और इस बात की हमें भाग्‍यश्री का इंस्‍टाग्राम अकाउंट देखने के बाद पता चली हैं।

भाग्‍यश्री ने बताए जोड़ों के लिए गोंद के फायदे 

 
 
 
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भाग्‍यश्री हर मंगलवार को अपने फैन्‍स के साथ हेल्‍थ टिप्‍स शेयर करती हैं। इस बार उन्‍होंने गोंद के हड्डियों से जुड़े फायदों के बारे में बताया है। उन्‍होंने कैप्‍शन, ''  गोंद के क्रिस्टल आपकी हड्डियों के हेल्‍थ पर जादू कर सकते हैं। इसका इस्‍तेमाल पीठ दर्द और जोड़ों के दर्द से निपटने के लिए किया जाता है और इसे लंबे समय तक नियमित रूप से लेने पर लंबे समय तक चलने वाले फायदे के लिए जाना जाता है। गोंद में मौजूद गुण इसे कैल्शियम और प्रोटीन का एक प्रमुख स्रोत बनाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और बनाए रखने के लिए आवश्यक होते हैं।'' 

''भारतीय परंपरा में यह नई माताओं को ब्रेस्‍ट मिल्‍क बढ़ाने और पोस्टपार्टम क्‍लीनिंग के लिए दिया जाता है। इसके सेवन से मुझे व्यक्तिगत रूप से बहुत फायदा हुआ है। इसे अपनी डाइट में शामिल करने के लिए इसे विभिन्न तरीकों से पकाया जा सकता है। इसे दलिया या शोरबा के रूप में लिया जाता है, गोंद के लड्डू बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, घी में तला जाता है और मिठाई में क्रंच बनावट के रूप में जोड़ा जाता है।''

जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए गोंद

gond for joint pain

आजकल ज्यादातर लोगों को हड्डियों में दर्द का सामना करना पड़ रहा है, खासकर पैरों में। यह हड्डियों के दर्द को कम करने में भी मदद करता है। आयुर्वेद ने हमेशा गोंद के सर्वोत्तम औषधीय उपयोगों और स्वास्थ्य लाभों को मान्यता दी है। गोंद हड्डियों के ऊतकों को मजबूत और पोषण देता है क्योंकि इसमें मैग्नीशियम और कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है। इसके अलावा गोंद जोड़ों को चिकनाई देने में मदद करता है, वे पीठ दर्द के साथ-साथ अन्य जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए बेहद शक्तिशाली हैं।

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गोंद के अन्‍य फायदे

benefits for joint pain

  • फैट और फाइबर का समृद्ध स्रोत गोंद ब्रेस्‍टफीडिंग कराने वाली माताओं की इम्‍य‍ूनिटी को मजबूत बनाने के लिए दिया जाता है जो कई पर्यावरणीय और जीवन शैली कारकों के कारण कमजोर हो सकती हैं।
  • गोंद महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह डिलीवरी के बाद महिलाओं के लिए उपयोगी होता है। यह उन्हें ऊर्जा देता है। लेकिन, इसे डिलीवरी के दो महीने बाद लेने की चेतावनी दी जाती है और वह भी हफ्ते में दो बार दिन के में। इसके प्रयोग से महिलाओं में पीरियड्स संबंधी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। 
  • गोंद को एनाल्जेसिक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि यह दर्द को कम करने के लिए तंत्रिका तंत्र में कुछ रिसेप्टर्स पर कार्य करता है। 
  • इसे फेस मास्क के रूप में उपयोग करते समय, यह एक एंटी-एजिंग सप्लीमेंट के रूप में काम करता है और हमारी त्वचा को अद्भुत दिखने में मदद करता है। यह हमारी त्वचा पर झुर्रियों, खरोंचों और उम्र बढ़ने के अन्य लक्षणों को कम करने में मदद करता है। और घाव प्रबंधन में भी कारगर है।

आप भी जोड़ों के दर्द को दूर करने, हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ यह सभी फायदे पाने के लिए गोंद को अपनी डाइट में शामिल करें। इस तरह की और जानकारी पाने के लिए हरजिंदगी से जुड़ी रहें। 

Article & Image Credit: Bhagyashree (@Instagram)