• ENG
  • Login
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से जुड़े इतिहास के बारे में कितना जानते हैं आप?

अगर आप भी शिव भक्त हैं तो आपको त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से जुड़े इतिहास के बारे में आपको भी ज़रूर जानना चाहिए।
author-profile
Published -20 Jul 2022, 08:30 ISTUpdated -20 Jul 2022, 13:44 IST
Next
Article
trimbakeshwar jyotirlinga temple history

सावन का महीना पूरी तरह से देवों के देव यानी महादेव को समर्पित होता है और इस दौरान जो भक्त पूरे श्राद्ध भाव से शिव की पूजा एवं जल अभिषेक करते हैं तो उनकों पापों से मुक्ति मिल जाती है। सावन के इस पावन दिनों में भक्त शिव मंदिर या फिर प्रमुख ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए जाते रहते हैं। भारत में स्थित 12 ज्योतिर्लिंग का दर्शन करने के लिए भक्त पहुंचते रहते हैं।    

ऐसे में अगर आप भी शिव भक्त हैं और आप महाराष्ट्र में मौजूद त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का इतिहास और कुछ रोचक तथ्य जानना चाहते हैं तो फिर आपको इस लेख को ज़रूर पढ़ना चाहिए। क्योंकि इस लेख में हम आपको त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।  

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का इतिहास 

trimbakeshwar jyotirlinga history

त्र्यम्बकेश्वर मंदिर नासिक से लगभग 28 किमी की दूरी पर स्थित है। इस भव्य मंदिर के निर्माण को लेकर कहा जाता है कि इसका निर्माण तीसरे पेशवा बालाजी बाजीराव ने लगभग (1740-1760) के आसपास एक पुराने मंदिर के स्थान पर कराया था। इस मंदिर को लेकर कहा जाता है कि इस मंदिर को बनाने में कई साल लग गए थे। कई लोगों का यह मानना है कि मंदिर के निर्माण में बड़ी रकम लगी थी। 

इसे भी पढ़ें: Krishna Yatra: क्या आप यह रहस्य जानते हैं कि भगवान कृष्ण ने महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को ही क्यों चुना?

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा 

myths of trimbakeshwar jyotirlinga temple

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग का इतिहास बेहद ही दिलचस्प है। कहा जाता है कि यहां कई ऋषि एक साथ रहते थे, लेकिन इनमें से कई ऋषि गौतम ऋषि से ईर्ष्या करते थे और उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश करते रहते थे। एक बार ऋषियों ने गौतम ऋषि पर गौ हत्या का आरोप लगा दिया और उन्होंने कहा कि पाप मिटाने के लिए आपको देवी गंगा को लेकर यहां आना होगा। (मदुरै के फेमस मंदिर) इसके बाद गौतम ऋषि ने इसी स्थान पर शिवलिंग की स्थापना करके पूजा करने लगे।

तपस्या के बाद भगवान शिव प्रसन्न होकर माता पार्वती के साथ प्रकट हुए हुए। इसके बाद उन्होंने वरदान में गंगा को भेजने के लिए बोला, लेकिन देवी ने कहा कि यदि शिव जी भी इस स्थान पर रहेंगे, तभी वह भी यहां रहेगी। इसके बाद शिवजी वहां त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप वास करने को तैयार हो गए। 

Recommended Video

 

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन का सही समय 

best time to visit trimbakeshwar jyotirlinga temple

वैसे तो यहां हर समय भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन त्र्यम्बकेश्वर ज्योर्तिलिंग के सबसे अच्छा समय सावन का माना जाता है, क्योंकि सावन में भगवान शिव की पूजा करना और दर्शन करना शुभ माना जाता है। यहां आप सुबह 5 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच दर्शन के लिए जा सकते हैं। मुकुट दर्शन के लिए सोमवार को शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच जा सकते हैं। (यहां होती है भीम की पत्नी की पूजा)

इसे भी पढ़ें: हरिद्वार के इन आश्रमों में रहने और खाने की है फ्री व्यवस्था, आप भी पहुंचें


आसपास घूमने की जगहें 

त्र्यम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन करने के अलावा यहां आप कई बेहतरीन जगहों पर घूमने के लिए भी जा सकते हैं। अंजनेरी हिल्स, पांडव लेनी गुफाएं, मुक्तिधाम मंदिर, पंचवटी और सप्तश्रृंगी जैसी बेहतरीन जगहों पर भी घूमने के लिए जा सकते हैं।    

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit:(@weekendfeels,wikimedia)

Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।