क्या आप जानते हैं सूजी और रवा के बीच का अंतर?

अधिकतर लोगों की आदत होती है कि वो अपने घरों में तरह-तरह के इंग्रीडिएंट्स रखते हैं। भारतीय किचन इंग्रीडिएंट्स की बात करें तो हमेशा पोहा, रवा, दलिया जैसी चीज़ें हर किचन में मौजूद रहती हैं। पर कई बार कोई ऐसी कॉमन चीज़ जिसका इस्तेमाल हम सालों से करते आ रहे हैं उसकी जानकारी भी हमें नहीं होती है। उदाहरण के तौर पर सूजी उर्फ रवा को ही ले लीजिए। कई लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं होती कि सूजी, रवा, सेमोलिना के बीच अंतर क्या है और आखिर इनका इस्तेमाल एक ही तरह से किया जाता है या अलग तरह से।
कई लोग मानते हैं कि ये एक ही इंग्रीडिएंट है और कई को ये अलग लगता है। पर आखिर ये एक है या अलग? तो चलिए आज आपको सूजी, रवा, सेमोलिना के बारे में कुछ जानकारी देते हैं।
क्या अंतर होता है रवा, सूजी और सेमोलिना में?
इस सवाल का जवाब है कि इनमें कोई अंतर नहीं होता है। हो सकता है कि आप कंफ्यूज हो कि भला ऐसा क्यों कहा जा रहा है, लेकिन इसके पीछे का कारण भी हम आपको बताते हैं।
दरअसल, इसके दो नामों के पीछे उत्तर भारत और दक्षिण भारत के कुजीन के बीच का अंतर जिम्मेदार है।
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सूजी नाम कहां प्रचलित है?
सूजी नाम उत्तर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश आदि में कहा जाता है। इसे कई अलग-अलग तरह की डिशेज में अलग तरह से इस्तेमाल किया जाता है। इसे स्नैक्स, डिजर्ट और नॉर्मल मेन कोर्स में बनाई जाने वाली डिशेज में इस्तेमाल किया जाता है।
रवा नाम कहां प्रचलित है?
रवा नाम साउथ इंडिया में फेमस है। आपने चर्चित रवा केसरी का नाम तो सुना ही होगा। जी हां, दक्षिण भारत की ये फेमस डिश रवा से ही बनाई जाती है।
क्या इनके बीच कोई और अंतर है?
नहीं, इनके बीच कोई और अंतर नहीं है। कई लोगों को लगता है कि इनके साइज के कारण इनका नाम अलग कहा जाता है। मैं खुद भी पहले ये मानती थी कि सूजी मतलब बारीक पिसा हुआ रवा और रवा मतलब मोटे कणों वाला आटा। पर ऐसा कुछ भी नहीं है। रवा उर्फ सूजी की अलग-अलग वेराइटी आपको मार्केट में मिल जाएगी और ये आपकी जरूरत के हिसाब से बदल जाती है।
क्या होता है सेमोलिना (Semolina)?
सेमोलिना भी सूजी का ही एक और नाम है जिसे इटालियन ओरिजन का माना जाता है। ये विदेशों में इसी नाम से बिकता है और इसे अधिकतर मीडियम कंसिस्टेंसी का ही माना जाता है। इसे बनाने के लिए खास तरह का गेहूं इस्तेमाल किया जाता है जिसे दुरुम गेहूं कहते हैं।
कैसे बनाई जाती है सूजी?
सूजी को बनाने का तरीका काफी आसान होता है और क्योंकि ये गेहूं से ही बनती है इसलिए इसमें फैट कंटेंट तो कम होता है, लेकिन ग्लूटेन मौजूद होता है।
- सबसे पहले गेहूं को साफ किया जाता है। इसके लिए बड़ी-बड़ी मशीनों का इस्तेमाल होता है जो इसके अंदर से सभी तरह की गंदगी, मिट्टी, कंकड़ आदि हटाती हैं।
- इसके बाद गेहूं को सुखाया जाता है और इसके सूखने का प्रोसेस मौसम के हिसाब से निर्भर होता है।
- इसके बाद के प्रोसेस में गेहूं का छिलका निकाल कर उसे पीसा जाता है। ये काम भी मशीनों द्वारा ही किया जाता है।
- इसके बाद इसे पैक कर दिया जाता है।
- ये बहुत ही सिंपल प्रोसेस है और सूजी को कई मायनों में हेल्दी माना जाता है।
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सूजी के कई प्रकार होते हैं और सभी के अलग-अलग इस्तेमाल किए जाते हैं।
दलिया रवा - मोटे आकार में पिसा हुआ रवा
बंसी रवा- इसे एक खास तरह के गेहूं सांभा से बनाया जाता है और इसका टेक्सचर पाउडर की तरह होता है।
बॉम्बे रवा- इसका टेक्सचर मोटा होता है और इसे बनाने के लिए होल व्हीट ग्रेन का इस्तेमाल किया जाता है।
राइस रवा- जैसा कि नाम बता रहा है ये चावल से बनाया जाता है।
लापसी रवा- इसका टेक्सचर मीडियम होता है और ये हलवा, लापसी आदि के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
तो अब अगर आपसे पूछे कि सूजी, रवा और सेमोलिना के बीच अंतर क्या है तो आप उसे इस स्टोरी के बारे में जरूर बताएं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिदंगी से।
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