जब स्किन केयर रूटीन की बात हो तो उसमें सनस्क्रीन को जरूर शामिल किया जाता है। इससे आप कई शॉर्ट टर्म व लॉन्ग टर्म लाभ मिलते हैं। त्वचा विशेषज्ञ अक्सर आपकी त्वचा को हाइपरपिग्मेंटेशन, झाईयों, दाग-धब्बों और झुर्रियों से मुक्त रखने के लिए, घर के अंदर रहते हुए भी, रोज़ाना सनस्क्रीन लगाने की सलाह देते हैं। आमतौर पर कम से कम एसपीएफ 30 युक्त सनस्क्रीन को अप्लाई करने की सलाह दी जाती है। मार्केट में मिनरल्स व केमिकल्स युक्त सनस्क्रीन अवेलेबल हैं। लेकिन अक्सर महिलाओं के मन में यह उलझन रहती है कि उन्हें इन दोनों में किस सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए या फिर उनके लिए इन दोनों में कौन सा सनस्क्रीन उनकी स्किन टाइप के लिए उपयुक्त है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको दोनों सनस्क्रीन के फायदों व नुकसान के बारे में बता रहे हैं, जिसे जानने के बाद आपके लिए सही सनस्क्रीन को चुनना काफी आसान हो जाएगा-

मिनरल सनस्क्रीन के लाभ

mineral sunscreen

चूंकि मिनरल सनस्क्रीन आपकी त्वचा से यूवी विकिरण को रिफलेक्ट करके उसे बिखेर देते हैं, जिसके कारण वे स्किन पर तुरंत काम करना शुरू कर देते हैं। रासायनिक फिल्टर की तुलना में वे अधिक स्टेबल होते हैं। इसके इस्तेमाल का एक लाभ यह होता है कि इन्हें आपको बार-बार और जल्दी-जल्दी रिअप्लाई करने की आवश्यकता नहीं हो सकती है। हालांकि, उन्हें पसीने की गतिविधियों व तैराकी या कसरत से वह स्किन से हट सकते हैं और उस स्थिति में आपको उसे रिअप्लाई करना होगा।

मिनरल सनस्क्रीन के लेबल को पढ़ना अधिक आसान होता है। इसके अलावा, इनके  कारण स्किन में सेंसेटिविटी इश्यू होने की संभावना भी कम होती है।  मिनरल्स सनस्क्रीन में मुख्य रूप से नॉन-कॉमेडोजेनिक इंग्रीडिएंट होते हैं, जिसके कारण आपकी स्किन को इससे एंटी-इन्फ्लेमेट्री बेनिफिट्स भी मिलते हैं।

मिनरल सनस्क्रीन के नुकसान

minreal sunscreen sideeffect

डीप स्किन टोन की महिलाएं जब मिनरल सनस्क्रीन का इस्तेमाल करती हैं तो इससे उनकी स्किन चॉकी व थिक लुक मिलता है। इसका अर्थ है कि सनस्क्रीन लगाने के बाद आपकी स्किन को इसे ब्लेंड करने में अधिक समय लगता है। मिनरल सनस्क्रीन टेक्सचर और फिनिश में हैवी होते हैं और इसलिए जब आप सीधे संपर्क में आ रही हैं, मसलन, अगर आप बीच पर जा रही हैं तो उस समय के लिए यह सनस्क्रीन अच्छे माने जाते हैं। लेकिन इन्हें हर दिन नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि यह नियमित इस्तेमाल के लिए नहीं बने हैं। डेली यूज में ना सिर्फ यह बेहद हैवी होते हैं, बल्कि ब्रेकआउट की वजह भी बन सकते हैं।

केमिकल सनस्क्रीन के फायदे

cemical sunscreen

केमिकल सनस्क्रीन टेक्सचर में हल्के होते हैं और लगाने में आसान होते हैं। आप इसे धूप में बाहर निकलने से कम से कम 15 मिनट पहले लगाना चाहिए। केमिकल सनस्क्रीन आपकी स्किन पर सफेद रंग नहीं छोड़ते, यहां तक कि गहरे रंग की त्वचा भी इसे आसानी से लगा सकती हैं। वे विशेष रूप से लाइटवेट लोशन या हल्के मॉइस्चराइजर के आधार पर डिज़ाइन किए गए हैं, ताकि उन्हें हर दिन यूज किया जा सके। रासायनिक सनस्क्रीन अक्सर कुछ अवयवों जैसे पेप्टाइड्स, विटामिन सी, एंजाइम और हाइड्रेटिंग एसिड के साथ तैयार किए जाते हैं जो आपकी त्वचा को कई मायनों में लाभ पहुंचाते हैं।  

इसे ज़रूर पढ़ें-पलकों में डैंड्रफ के कारण छिन रही है आंखों की खूबसूरती तो ये घरेलू नुस्खे आएंगे काम

केमिकल सनस्क्रीन के नुकसान

Chemical Sunscreen

आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले रासायनिक फिल्टर एवोबेंजोन, ऑक्सीबेनज़ोन, होमोसैलेट, ऑक्टिनॉक्सेट, ऑक्टिसलेट, ऑक्टोक्रिलीन और एनसुलिज़ोल हैं। हालांकि इन रसायनों को अब उपयोग करने के लिए सुरक्षित माना जाता है, फिर भी त्वचा और पर्यावरण दोनों के लिए वे कितने सुरक्षित हैं, इस पर अभी भी शोध जारी है। केमिकल सनस्क्रीन प्रकृति में फोटोस्टेबल नहीं होते हैं और जब आप सीधे धूप में बाहर जाते समय इसे लगाती हैं तो आपको उन्हें हर 2-3 घंटे में दोबारा लगाने की आवश्यकता होती है।

Recommended Video

कौन सा सनस्क्रीन है बेहतर

Chemical Sunscreen benefits

जैसा कि ऊपर देखा गया है, मिनरल्स और केमिकल सनस्क्रीन के अपने फायदे और नुकसान हैं। ऐसे में किसी एक को बेस्ट कहना सही नहीं है। ऐसे मामले में, आपके लिए सही उत्पाद चुनने का निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत कारकों पर निर्भर करता है। इसका मतलब है कि आपको अपनी त्वचा की व्यक्तिगत जरूरतों, लाइफस्टाइल फैक्टर, प्रॉडक्ट टेक्सचर, स्किन टोन और इंग्रीडिएंट्स के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर आपको सनस्क्रीन चुनना चाहिए। मसलन, डीप स्किन टोन वाली महिलाओं के लिए मिनरल्स सनस्क्रीन सही नहीं माना जाता है, क्योंकि यहय आपकी स्किन को एशी बना सकता है। इसी तरह, यदि आपकी त्वचा शक्तिशाली अवयवों के प्रति बहुत संवेदनशील हो जाती है, तो आपको केमिकल सनस्क्रीन से बचना चाहिए, क्योंकि आप नहीं जानते होंगी कि कौन सा रसायन आपकी त्वचा पर प्रतिक्रिया कर सकता है। वहीं ऑयली और मुंहासे वाली त्वचा के लिए, ब्रेकआउट को दूर रखने के लिए जेल-बेस्ड और नॉन-कॉमेडोजेनिक फॉर्मूला चुनें।

इसे ज़रूर पढ़ें- अपनी ब्यूटी को करना हो बूस्ट तो आजमाएं ये बेहतरीन रिलैक्सिंग टिप्स

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit- Freepik