Mahashivratri Vrat Niyam 2026: महाशिवरात्रि के व्रत में करें इन नियमों का पालन, भगवान शिव का मिलेगा आशीर्वाद और मिटेंगे सभी क्लेश

महाशिवरात्रि का पर्व पूर्ण रूप से भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दिन भक्तजन भगवान शिव की पूजा पूरी श्रद्धा से करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन शिव जी की पूजा अर्चना करने से उनका आशीर्वाद बना रहता है और भक्तों के जीवन में इसका सकारात्मक प्रभाव दिखाई देता है। महाशिवरात्रि के पर्व को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी और इसी दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करना अत्यंत फलदायी होगा। इस दिन लाखों की संख्या में भक्त उपवास करते हैं और शिव मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं। इस व्रत के कुछ नियम भी बनाए गए हैं जिनका पालन अत्यंत जरूरी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इन नियमों का पालन करते है व्रत करने से ही पूजा का पूर्ण फल मिलता है। ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें महाशिवरात्रि के व्रत और पूजा के नियमों के बारे में विस्तार से।
महाशिवरात्रि के दिन प्रातः जल्दी उठें
यदि आप महाशिवरात्रि का उपवास कर रही हैं तो ध्यान रखें कि इस दिन प्रातः जल्दी उठें और स्नान आदि से मुक्त होकर साफ वस्त्रों में भगवान शिव का पूजन करें। पूजा आरंभ करने से पूर्व व्रत का संकल्प लें और पूरे दिन व्रत का पालन करें। इस तरह पूरे दिन व्रत का पालन करने के बाद आप शिव जी की पूजा करें और शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध चढ़ाएं
व्रत रखने वाले भक्तों को महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा जरूर करनी चाहिए और इस दौरान आपको शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल चढ़ाने की सलाह दी जाती है। यदि आप व्रत न भी करें तब भी शिवलिंग पर जल चढ़ाना महाशिवरात्रि के दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।
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महाशिवरात्रि के दिन किसी जरूरतमंद को न सताएं
यदि आप व्रत करती हैं तो महाशिवरात्रि के दिन किसी को भी न सताएं। कोशिश करें कि आप इस दिन अच्छे काम करें और जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता की चीजों का दान करें। व्रत के दौरान मन में किसी के प्रति क्रोध या द्वेष की भावना नहीं लानी चाहिए।
महाशिवरात्रि पर ब्रह्मचर्य का पालन करें
महाशिवरात्रि का व्रत रखने वाले लोगों को पूरे दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। यदि आप इस दिन उपवास न भी रखें तो आपको इस दिन तामसिक भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति महाशिवरात्रि के दिन मांस या मदिरा का सेवन करता है तो उसकी पूजा अस्वीकार्य मानी जाती है और उसे पूजा का पूर्ण फल भी नहीं मिलता है।
महाशिवरात्रि पर फलाहार का सेवन करें
महाशिवरात्रि का व्रत करने वाले लोगों को पूरे दिन फलाहार का सेवन करना चाहिए और भोजन में सात्विक चीजों को ही शामिल करना चाहिए। यही नहीं इस दिन आपको भोजन में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि संभव न हो तो सेंधा नमक को भोजन में शामिल किया जा सकता है।
यदि अनजाने में व्रत खंडित हो जाए तो क्या करें
कई बार किसी कारणवश व्रत टूट जाता है, ऐसे में परेशान होने के बजाय आपको महादेव से क्षमा याचना करनी चाहिए और पूजन आरंभ रखना चाहिए। यदि आप इस दिन चार पहर की पूजा करती हैं तो आपको व्रत खंडित होने के बाद भी पूजा जरूर करनी चाहिए। ऐसा करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और व्रत का पूर्ण फल भी मिलता है।
रात्रि जागरण करना शुभ माना जाता है
महाशिवरात्रि के दिन भक्तों को रात्रि जागरण करने की सलाह दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि व्रती लोगों को इस दिन जागरण करते हुए भगवान शिव के भजन कीर्तन करने चाहिए और शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से आपके जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहेगी और भोलेनाथ का आशीर्वाद मिलेगा।
यदि आप महाशिवरात्रि का व्रत करती हैं तो आपको इसके नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है, जिससे जीवन में सकारात्मक प्रभाव मिलें।
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