May 2026 Festival List: वट सावित्री व्रत, शनि जयंती सहित इस माह मनाए जाएंगे 1 दर्जन से भी अधिक त्योहार, जान लें सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

मई 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस दौरान कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। इस महीने वैशाख बुद्ध पूर्णिमा से लेकर शनि जयंती, वट सावित्री व्रत, गंगा दशहरा और पद्मिनी एकादशी जैसे प्रमुख पर्व पड़ रहे हैं। हर एक त्योहार का अपना अलग धार्मिक महत्व है और इनसे जुड़ी मान्यताएं लोगों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाली मानी जाती हैं। इन खास दिनों पर पूजा-पाठ, व्रत और दान करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन की परेशानियां कम होती हैं। साथ ही, सही तिथि और शुभ मुहूर्त में पूजा करना भी बेहद जरूरी माना जाता है, ताकि उसका पूरा फल मिल सके। अगर आप भी मई महीने के सभी महत्वपूर्ण त्योहारों की सही जानकारी और पूजा का सही समय जानना चाहते हैं, तो यह लिस्ट आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
| त्योहार / व्रततिथि | दिन | शुभ मुहूर्त / महत्वपूर्ण जानकारी |
| वैशाख बुद्ध पूर्णिमा | 1 मई 2026शुक्रवार | अभिजीत मुहूर्त: 11:52 AM – 12:45 PM |
| अपरा एकादशी | 13 मई 2026बुधवार | तिथि: 12 मई 2:52 PM – 13 मई 1:29 PM, व्रत: 13 मई, पारण: 14 मई 5:31 AM – 8:14 AM |
| गुरु प्रदोष व्रत | 14 मई 2026गुरुवार | त्रयोदशी समाप्ति: 15 मई 8:31 AM, पूजा: शाम प्रदोष काल में |
| शनि जयंती | 16 मई 2026शनिवार | ब्रह्म मुहूर्त: 4:07 AM – 4:48 AM, अभिजीत: 11:50 AM – 12:45 PM |
| वट सावित्री व्रत | 16 मई 2026शनिवार | सौभाग्य योग: सुबह–10:26 AM, भरणी नक्षत्र: शाम 5:30 PM तक |
| गंगा दशहरा | 16 मई 2026शनिवार | ब्रह्म मुहूर्त: 4:40 AM – 5:23 AM |
| पद्मिनी एकादशी | 27 मई 2026बुधवार | तिथि: 26 मई 5:10 AM – 27 मई 6:21 AM, व्रत: 27 मई |
| गुरु प्रदोष व्रत | 28 मई 2026गुरुवार | तिथि: 28 मई 7:56 AM – 29 मई 9:50 AM, पूजा: प्रदोष काल में |
वैशाख बुद्ध पूर्णिमा
यह दिन भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन दान-पुण्य और ध्यान का विशेष महत्व होता है। इस पर्व पर लोग शांति और करुणा का संदेश अपनाने का संकल्प लेते हैं। मंदिरों और बौद्ध स्थलों पर विशेष पूजा और प्रार्थना की जाती है।
अपरा एकादशी
यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है। इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है। दान और जप-तप का भी विशेष महत्व होता है।

शनि जयंती
यह दिन भगवान शनि के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। इस दिन तेल, काला तिल और दान का महत्व होता है। शनि दोष से राहत पाने के लिए विशेष पूजा की जाती है।
वट सावित्री व्रत
यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। इस दिन वट (बरगद) के पेड़ की पूजा की जाती है। सावित्री और सत्यवान की कथा सुनी जाती है। यह व्रत अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
गंगा दशहरा
यह दिन मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है। इस दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इससे पापों का नाश होता है। लोग गंगा किनारे पूजा और आरती करते हैं।
पद्मिनी एकादशी
यह एकादशी बहुत शुभ और दुर्लभ मानी जाती है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन व्रत रखने से मोक्ष की प्राप्ति का फल मिलता है। भक्त पूरे दिन उपवास रखकर भगवान की पूजा करते हैं।
ऊपर बताई गई सभी तिथियों पर विधि-विधान से पूजा करना और सही मुहूर्त का ध्यान रखना विशेष फलदायी माना जाता है। साथ ही, दान-पुण्य, जप और ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की नकारात्मकता दूर होती है। यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो लेख को शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल्स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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