Karwa Chauth 2025: पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं? जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और चंद्र दर्शन का समय

करवा चौथ का व्रत भारतीय संस्कृति और परंपराओं का त्योहार माना जाता है। यह विवाहित महिलाओं के लिए अपने पति की दीर्घायु सुख और समृद्धि की कामना का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है और इस दिन सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके चंद्रमा की पूजा करती हैं और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। करवा चौथ का व्रत न केवल आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, बल्कि यह पारिवारिक एकता, प्रेम और समर्पण को भी मजबूत करता है। करवा चौथ व्रत की कई दिनों पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं और महिलाएं कपड़ों, गहनों और श्रृंगार की सामग्री की खरीदारी शुरू कर देती हैं। इस व्रत को लेकर गूगल ट्रेंड्स में भी कई सवाल पूछे जा रहे हैं और इस पर्व का ट्रेंड अभी कुछ दिनों से बहुत ज्यादा दिखाई दे रहा है। ऐसे में हम आपको करवा चौथ 2025 (Karwa Chauth Date 2025) की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं जिसमें इस व्रत की तिथि, पूजा की सामग्री, पूजा विधि और करवा चौथ के शुभ रंगों के बारे में बता रहे हैं। इन सभी सवालों के जवाब के लिए हमने ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से बात की। आइए उनसे जाने करवा चौथ व्रत से जुड़ी सभी जानकारियां।
करवा चौथ कब है 9 या 10 अक्टूबर? (Karwa Chauth Kab Hai 2025)
हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ मनाया जाता। इस साल यह पर्व 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
- कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि आरंभ- 09 अक्टूबर, गुरुवार
- कार्तिक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि समापन- 10 अक्टूबर रात्रि 10 बजकर 54 मिनट पर।
- उदया तिथि की मानें तो करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर को करना ही शुभ होगा।
करवा चौथ 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? (Karwa Chauth Shubh Muhurat 2025)
- करवा चौथ व्रत का आरंभ सूर्योदय से पहले यानी कि सुबह 04 बजे सरगी खाकर किया जाता है। सरगी खाने का सबसे शुभ समय सुबह 04 बजे का ही माना जाता है।
- करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त 10 अक्टूबर 2025, शाम 05:57 बजे से 07:11 बजे तक।
- करवा चौथ के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। इस दिन चंद्रोदय का समय 10 अक्टूबर 2025, रात्रि 07:44 बजे से शुरू होगा।
- चंद्रोदय का समय (Moon Rise Time) सभी शहरों में अलग-अलग होता है। आप इस दौरान अपने शहर में चंद्रोदय के समय को ध्यान में रखते हुए चंद्रमा के दर्शन करके व्रत का पारण कर सकती हैं।
करवा चौथ पर चंद्रमा निकलने का समय
करवा चौथ पर कब निकलेगा चांद ऐसे सवाल आप सभी के मन में जरूर होंगे। ऐसे में आपको बता दें कि करवा चौथ के दिन चंद्रमा हर शहर में अलग-अलग समय पर निकलता है। राजधानी दिल्ली और नोएडा में चंद्रमा के दर्शन रात 8 बजकर 13 मिनट पर होंगे वहीं गाजियाबाद में रात 8 बजकर 11 मिनट पर चंद्रोदय होगा। ऐसे ही अलग-अलग शहरों में चंद्रमा अलग समय पर उदित होगा।
करवा चौथ पूजा सामग्री (Karwa Chauth Puja Samagri List)
करवा चौथ की पूजा के लिए कुछ चीजों की आवश्यकता होती है और इनके बिना पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि अन्य किसी भी पूजा की ही तरह पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पूर्ण (Karwa Chauth Puja Samagri) और सही होनी चाहिए। आइए आपको बताते हैं पूजा में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक सामग्री के बारे में-
सिंदूर या रोली- करवा चौथ की पूजा में सिंदूर का इस्तेमाल सुहाग के प्रतीक के रूप में किया जाता है वहीं रोली को किसी भी पूजा का मुख्य हिस्सा माना जाता है और इसका तिलक लगाने से शुभता आकर्षित होती है।
करवा मिट्टी या धातु का- करवा चौथ की सबसे मुख्य सामग्री करवा को माना जाता है। यह एक ऐसा पात्र होता है जिससे आप चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और इसी से पूजन किया जाता है।
करवा की सींकें- करवा चौथ में पूजा में विशेष प्रकार की सींकों का इस्तेमाल किया जाता है और कुछ विशेष स्थानों पर इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। यह सींक करवा के मुंह में रखी जाती हैं और 7, 11, 21 या 28 की संख्या में रखी जाती हैं। इन्हीं सींकों का इस्तेमाल बाद में गोवर्धन की पूजा के लिए भी किया जाता है।
स्वच्छ जल- पूजा की शुद्धता और पवित्रता के लिए जल का इस्तेमाल किया जाता है और जल से ही चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है।
पूजा थाली- करवा चौथ की थाली पूजा (Karwa Chauth Thali) के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है जिसमें दीपक, फूल, मिठाई और सात अनाज रखे जाते हैं।
सात अनाज- सात अनाज करवा चौथ की पूजा थाली में मुख्य रूप से रखे जाते हैं। 7 अनाजों में गेहूं, चावल, जौ, मक्का, ज्वार, बाजरा और राई शामिल हैं। इन अनाजों को किसी भी पूजा में बहुत शुभ माना जाता है।
फूल और अक्षत- भगवान की आराधना और आशीर्वाद के लिए करवा चौथ की पूजा में फूल अर्पित किए जाते हैं और अक्षत का इस्तेमाल करवा को भरने के लिए किया जाता है।
सिंदूरदानी- सिंदूरदानी से माता गौरा को सिंदूर चढ़ाया जाता है और इसे सुहाग की निशानी के रूप में स्वयं भी मांग में लगाया जाता है।

करवा चौथ पूजा विधि क्या है? (Karwa Chauth Puja Vidhi 2025)
करवा चौथ की पूजा विधि में विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। आइए आपको बताते हैं इस व्रत की पूजा विधि के बारे में-
- करवा चौथ व्रत के दौरान निर्जला व्रत करना विशेष नियम माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पूरे दिन अन्न-जल का त्याग करके व्रत उपवास करती हैं और चंद्रमा के दर्शन के बाद ही इस व्रत को खोलती हैं।
- करवा चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से मुक्त होकर साफ वस्त्र धारण करें और माता पार्वती के साथ भगवान शिव की पूजा करें।
- कुछ स्थानों में करवा चौथ की सुबह सरगी खाने का रिवाज है। अगर आप भी सरगी ग्रहण करती हैं तो आपको इस दिन सुबह 3 से 4 बजे के बीच सरगी खानी चाहिए और उसके बाद ही व्रत आरंभ करना चाहिए।
- पूरे दिन व्रत का पालन करने के बाद आपको शाम से समय पूजा की तैयारी करनी चाहिए। इसके लिए आप चावल के आटे से चंद्रमा की आकृति बनाएं।
- पूजा शुरू करने से पहले सुहागिन स्त्रियां सोलह श्रृंगार (Karwa Chauth Shringar) करें और लाल, पीले या नारंगी रंग के पारंपरिक कपड़े पहनें।
- करवा चौथ पूजा थाली में 7 अनाज रखें और पूजा के साथ करवा चौथ व्रत की कथा सुनें। करवा चौथ व्रत की कथा सुनने से पूजा का पूर्ण फल मिलता है।
- करवा चौथ पूजा के लिए मिट्टी या पीतल के करवे से पूजन करें और पूजा करते समय इन दोनों करवा को आपस में बदलें। अगर दो महिलाएं एक साथ पूजा कर रही हैं तो वो आपस में करवा बदलें।
- पूजा करने के बाद आप चंद्रमा के दर्शन करें। अगर आप छलनी से चांद के दर्शन करती हैं तो छलनी में एक घी का दीपक जलाएं और चंद्रमा की पूजा करें। यह व्रत केवल चंद्रमा को देखकर ही खोला जाता है। चंद्रमा के दर्शन करके ही पानी पिएं।
करवा चौथ के शुभ रंग क्या हैं? (Karwa Chauth Lucky Colours)
करवा चौथ के दिन अगर आप कुछ शुभ रंग के कपड़े पहनेंगी तो इसके आपके वैवाहिक जीवन में शुभता बनी रहती है और सामंजस्य बना रहता है। आइए जानें उन शुभ रंगों के बारे में-
लाल रंग- अगर आप करवा चौथ के दिन लाल रंग के कपड़ों में पूजा करती हैं तो इससे आपके और पति के बीच हमेशा प्रेम बना रहता है। लाल रंग को सुहाग और प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
गुलाबी रंग- अगर आप करवा चौथ की पूजा में गुलाबी रंग के कपड़े पहनती हैं तो आपके बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेद भी दूर होते हैं। अगर पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह की अनबन है तो वो दूर हो सकती है।
पीला रंग- पीला रंग धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। अगर आप करवा चौथ के दिन पीले रंग के कपड़ों में पूजा करेंगी तो आपको हमेशा पति का पूरा सहयोग मिलेगा।
इसके साथ ही, अगर आप करवा चौथ के दिन राशि अनुसार शुभ रंग के कपड़े पहनेंगी तो इसका शुभ प्रभाव भी आपके वैवाहिक जीवन में हमेशा बना रहेगा।
करवा चौथ का महत्व (Significance of Karwa Chauth)
करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना में रखती हैं। मान्यता है कि अगर आप इस दिन व्रत का पालन करती हैं और करवा चौथ की पूजा विधि के अनुसार करती हैं तो आपके वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और परिवार में प्रेम और सौहार्द बना रहता है। इसे केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि एक महिला की भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस व्रत के दौरान की गई पूजा और नियम आपके जीवन में समृद्धि लाने में मदद करते हैं। करवा चौथ के दिन श्रद्धा और भक्ति से किया गया हर कर्म पति की आयु और परिवार के सुख-शांति के लिए लाभकारी माना जाता है। इसके साथ ही महिलाओं के लिए यह पर्व आत्म-संयम, धैर्य और श्रद्धा का संदेश भी देता है।
इसे भी पढ़ें:
आपकी छोटी सी भूल से टूट सकता है करवा चौथ का व्रत, इन नियमों से पूजा को बनाएं सफल
Karwa Chauth की रात करें यह 1 काम, पति-पत्नी के बीच सालों से चली आ रही दूरियां भी हो सकती हैं खत्म
क्या अविवाहित लड़कियां रख सकती हैं करवा चौथ का व्रत? पंडित जी से जानें सही उत्तर
अगर आप करवा चौथ के दिन सही नियमों का पालन करते हुए विधि-विधान के साथ पूजन करती हैं तो आपके वैवाहिक जीवन में हमेशा सामंजस्य बना रहता है।
आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।
Images: Gemini, Shutterstock
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।