धनतेरस पर क्यों खरीदा जाता है धनिया और झाड़ू? कुबेर जी की पूजा का क्या है महत्व? त्योहार से जुड़े ऐसे 11 सवाल जिनके जवाब आपको भी कर सकते हैं हैरान

धनतेरस का पर्व दीपावली की शुरुआत का पहला दिन माना जाता है। इस दिन लोग नए बर्तन, सोना-चांदी, झाड़ू, धनिया और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदते हैं जिससे पूरे वर्ष माता लक्ष्मी और कुबेर जी की कृपा बनी रहे। वहीं इस पर्व से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं जिनका जबाब आपको नहीं मालूम होगा। आइए आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ परंपराओं के बारे में जिनके पीछे कई धार्मिक और ज्योतिष कारण छिपे हैं और जो धनतेरस के पर्व को विशेष बनाते हैं। आइए ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें धनतेरस से जुड़े ऐसे कुछ सवाल और उनके जवाब।
धनतेरस का पर्व क्यों मनाया जाता है?
धनतेरस का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण की त्रयोदशी को मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से धनवंतरी जी का प्राकट्य हुआ था और वो हाथ में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। तभी से धन्वंतरि के जन्मदिन के दूर में यह पर्व मनाया जाता है। इसलिए इस दिन को ‘धनवंतरी जयंती’ भी कहा जाता है।

धनतेरस पर कुबेर जी की पूजा क्यों की जाती है?
कुबेर देवता को धन के देवता के रूप में पूजा जाता है। ज्योतिष के अनुसार, धनतेरस की शाम को कुबेर जी की पूजा करने से धन लाभ मिलता है और घर की तिजोरी कभी खाली नहीं रहती है। ऐसा मान्यता है कि कुबेर को को आशीर्वाद मिला था कि दिवाली के कुछ दिन पहले ही हमेशा कुबेर की पूजा की जाती है जिससे धन के मार्ग खुलते हैं।
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की परंपरा क्यों है?
शास्त्रों के अनुसार, झाड़ू घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और माता लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक होती है। इसलिए धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदकर पुरानी झाड़ू को हटा देना शुभ माना जाता है। इससे जीवन की दरिद्रता दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
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धनतेरस पर धनिया खरीदना क्यों जरूरी माना जाता है?
धनतेरस के दिन धनिया खरीदने का अर्थ ‘धन’ से जुड़ा हुआ है। ‘धनिया’ शब्द में ही ‘धन’ छिपा है। इस दिन धनिया खरीदकर घर लाने और पूजा के समय इसका इस्तेमाल करने से आपके घर में कभी धन की कमी नहीं होती है।

धनतेरस पर कितने दीपक जलाने चाहिए?
धनतेरस की शाम घर के मुख्य द्वार पर 13 दीपक जलाने चाहिए। यह दीपक यमराज के नाम पर जलाए जाते हैं जिससे परिवार में अकाल मृत्यु का भय न रहे।
धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ क्यों होता है?
धनतेरस के दिन बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन बर्तन खरीदते समय ध्यान रखें कि उन्हें कभी भी खाली घर न लाएं, उसमें कुछ सिक्के या मिठाई रखकर ही घर लाएं। इससे घर में बरकत बनी रहती है।
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धनतेरस के दिन किस चीज का दान नहीं करना चाहिए?
धनतेरस के दिन गरीबों को दीपक, बर्तन या मिठाई का दान करना बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन आप इस दिन भूलकर भी किसी को पैसों का दान न करें।
धनतेरस पर कौन सा रंग शुभ माना जाता है?
धनतेरस पर सुनहरा, लाल, हरा और पीला रंग अत्यंत शुभ माना जाता है। इन रंगों को पहनने से जीवन में धन और समृद्धि बनी रहती है।

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा क्यों है?
धनतेरस के दिन सोना या चांदी खरीदना माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का माध्यम माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन खरीदी गई धातु घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है और पूरे साल आर्थिक उन्नति का मार्ग खोलती है।
धनतेरस पर क्या नहीं खरीदना चाहिए?
धनतेरस पर आपको भूलकर भी लोहे का सामान नहीं खरीदना चाहिए और किसी नुकीली चीज की खरीदारी भी नहीं करनी चाहिए।
धनतेरस पर किस चीज का दान अमृत दान के समान माना जाता है?
धनतेरस पर घी का दान करना बहुत शुभ माना जाता है और ऐसा कहा जाता है कि घी का दान कई जन्मों के पुण्य देता है।
अगर आप भी धनतेरस से जुड़ी बातों के बारे में नहीं जानती हैं तो हमें उम्मीद है कि से सवाल आपके लिए बहुत से जानकारी दे रहे हैं। आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।
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