सुबह उठते ही सभी लोग सबसे पहला काम अपने दांतों में ब्रश करने का करते हैं। दांतों को साफ करके उनको चमकदार और मजबूत बनाया जाता है। मगर अमूमन लोगों का मानना है कि दांतों को चमकदार और मजबूत बनाने के लिए ढेर सारा टूथपेस्‍ट इस्‍तेमाल करना चाहिए। इसके लिए लोग अपने टूथब्राश में भरभर कर टूथपेस्‍ट लगाते हैं और फिर ब्रश करते हैं। मगर, यह ऐसा सोचना सरासर गलत है। ढेर सारे टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल करने से दांत मजबूत होंगे या नहीं यह कहना तो मुश्किल है मगर, ऐसा करने से दांत खराब हो सकते हैं। इस बात की गारेंटी है। 

जी हां, एक रिसर्च के मुताबिक ज्‍यादा टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल करने से दांत कमजोर हो जाते हैं और खराब भी हो जाते हैं। तो फिर टूथपेस्‍ट इस्‍तेमाल करने की सही मात्रा क्‍या है? आइए हम आपको बताते हैं। 

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6 महीने से 6 साल तक के बच्चों के लिए टूथपेस्‍ट की मात्रा 

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के बच्‍चे बताई गई मात्रा से ज्‍यादा टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल करते हैं और इस वजह से उनके दांतों में हमेशा ही समस्‍या बनी रहती हैं। यह बात भारतीय बच्‍चों पर भी लागू होती हैं। भारतीय माता-पिता अपने बच्‍चों के दांतों को मजबूत और चमकदार बनाने की कोशिश में प्रचूर मात्रा में टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं। मगर, इससे बच्‍चों के दांत मजबूत होने की जगह कमजोर हो जाते हैं। यह बात हम नहीं बल्कि सेंअर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की ताजा रिपोर्ट बताती हैं। रिपोर के मुताबिक बहुत सारे माता‍पिता तो अपने बच्‍चे के दांतों को तब तक साफ करना शुरू नहीं करते जब तक वह पूरी तरह से निकल नहीं आते मगर, रिसर्च के मुताबिक 6 माह के बच्‍चों के भी दांतो को साफ करना चाहिए। 

रिपोर्ट में बताया गया है कि 6 माह से 6 साल तक के बच्‍चों को चावल के दाने के बराबर टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल करना चाहिए। इससे दांतों को चमकाया भी जा सकता है और मजबूत भी बनाया जा सकता है।  

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15 वर्ष से बड़ी उम्र तक के लोगों के लिए टूथपेस्‍ट की सही मात्रा 

अपने दांतों को मोती की तरह चमकदार बनाने और स्‍ट्रोंग बनाने के लिए अगर आप ज्‍यादा टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल करती हैं तो सावधान हो जाएं क्‍योंकि ज्‍यादा टूथपेस्‍ट न तो आपके दांतों को चमकाने में सहायक है और नहीं उन्‍हें मजबूत बनाने में। टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल दांतों को साफ करने के लिए इसलिए किया जाता है ताकि दांतों तक फ्लोराइड पहुंच सके और दांतों का रंग सफेद हो सके। मगर इसके लिए आपको केवल थोड़े से टूथपेस्‍ट की ही जरूरत है। 

आपको बता दें कि 15 से लेकर बड़ी उम्र तक के लोगों को केवल मटर के दाने जितना टूथपेस्‍ट ही इस्‍तेमाल करना चाएिह। इससे ज्‍यादा टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल आपके दांतों को नुकसान पहुंचा सकता है। 

बच्चों को हो सकती है फ्लोरोसिस बीमारी 

जी हां, आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं। टूथपेस्ट की कम मात्रा का इस्तेमाल इसलिए करना चाहिए क्योंकि ब्रश करते वक्त बहुत से बच्चे टूथपेस्ट की कुछ मात्रा को निगल लेते हैं, जिसके कारण उन्हें फ्लोरोसिस की बीमारी हो सकती है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें फ्लोराइड की अधिक मात्रा की वजह से दांतो पर भूरे रंग के धब्बे बन जाते हैं। हालांकि वयस्कों में बहुत अधिक फ्लोराइड के इस्तेमाल से कोई बीमारी नहीं होती लेकिन टूथपेस्ट का अधिक इस्तेमाल करने पर टूथपेस्ट बर्बाद होता है क्योंकि दांतों को सही तरीके से साफ करने के लिए टूथब्रश के ब्रिसल्स का सही होना जरूरी है बहुत अधिक टूथपेस्ट का नहीं।