भारत की महिलाओं ने पिछले कुछ वर्षों में काफी तरक्की की है। साल 2020 भी में भी भारतीय महिलाओं ने खासतौर पर ऐसी कई कीर्तिमान हासिल की, जो आज लाखों महिलाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। इन भारतीय महिलाओं ने साबित किया कि किसी भी तरह की राह में आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। किसी ने खेल के दुनिया में, तो किसी ने फ़िल्मी दुनिया में, तो किसी ने व्यापार में, तो किसी ने देश की रक्षा में सबसे आगे होने के नए कीर्तिमान हासिल किएं। आज इस लेख में उन महिलाओं के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिन्होंने साल 2020 को किया अपने नाम। आइए जानते हैं इन इंस्पिरेशनल महिलाओं के बारे में।   

1-नंदिनी भौमिक

भारत में आज भी विवाह के लिए पंडित बुलाए जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि एक महिला पुजारी भी विवाह सम्पन्न करा रही हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं, नंदनी भौमिक के बारे में, जो पिछले कुछ दिनों से चर्चा की केंद्र हैं। वो कोलकाता की रहने वाली और पेशे से संस्कृत प्रोफेसर भी। कहा जाता है कि नंदिनी भौमिक अभी तक चालीस से अधिक विवाह को संम्पन्न करा चुकी है।

2-दुती चंद

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इस साल खेल के दुनियां में भी कई महिला खिलाडियों ने देश का  रौशन किया है। इन्हीं भारतीय महिला खिलाडी में से एक है दुती चंद। दुती चंद एक धावक हैं, जिन्होंने देश के लिए कई कीर्तिमान नाम किए हैं।  2018 एशियाई खेलों में रजत पदक के साथ 2019 में विश्व विश्वविद्यालय के खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।    

3-सब-लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब-लेफ्टिनेंट रीति सिंह 

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एक समय था, जब भारतीय नौसेना में महिला अधिकारीयों को शामिल किए जाने पर कई बार वाद-विदाद देखा जाता था लेकिन, आज भारतीय नैसेना में महिला अधिकारी भी मुख्य रूप से देखी जा सकती है। हाल में ही सब-लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब-लेफ्टिनेंट रीति सिंह को नौसेना में पहली बार महिला ऑफिसर्स को वॉर शिप पर तैनात किया जायेगा। सितंबर में आयोजित एक समारोह में "ऑब्जर्वर" (एयरबोर्न टैक्टिस) नौसेना की तरफ से इन महिला अधकारियों को सम्मानित भी किया गया था इस उपलब्धि के लिए।

4-पोंग डोमिंग

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भारतीय नौसेना में ही अधिकारी कीर्तिमान अपने नाम नहीं कर रही बल्कि, लेफ्टिनेंट कर्नल बनने के मामले में भी महिला अधिकारी आज पुरुष अधिकारी से कंधा से कंधा मिलाकर चल रही है। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल तक पहुंचने वाली अरुणाचल प्रदेश की पोंग डोमिंग पहली महिला बन गई है। हाल में ही ये उपलब्धि उन्हेंने हासिल की हैं। 

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5-गीतांजलि राव

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कुछ दिन पहले ही गीतांजलि राव सबसे चर्चित महिला थी। भारतीय-अमेरिकी मूल की 15 वर्षीय गीतांजलि राव की कहानी लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि टाइम मैगज़ीन ने उन्हें  "किड ऑफ़ द ईयर"  के खिताब से नवाज़ा है। गीतांजलि राव एक वैज्ञानिक और आविष्कारक हैं।

6-अंकिता बोस 

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खेल और सेना के साथ व्यापार के मामले में भी महिलाएं किसी से कम नहीं है। अंकिता बोस के बारे में कहा जाता है कि मात्र चार साल में अपनी कंपनी को करीब एक अरब डॉलर का बना दिया है। साउथ ईस्ट एशिया के फैशन और ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म जीलिंगो की सीईओ हैं। हाल में ही उन्हें यूनिकॉर्न स्टेटस सम्मान से सम्मानित किया गया है।

7-बाला देवी 

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फुटबॉल के मामले में हम अक्सर भारतीय महिलाओं को कमज़ोर समझते हैं, लेकिन बाला देवी विदेशी फुटबॉल क्लब में खेलने वाली पहली भारतीय महिला बनकर ये साबित कर दिया कि फुटबॉल के मामले में भी भारतीय महिलाएं किसी से कम नहीं है। भारतीय महिला फुटबॉल प्लेयर बाला देवी स्कॉटलैंड के फुटबॉल क्लब रेंजर्स के साथ खेलने का मौका हासिल किया है।

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8-अश्वनी अय्यर तिवारी

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फ़िल्मी निर्माता के दुनिया में भी भारतीय महिलाएं अब बहुत आगे निकल चुकी हैं। कई वर्षों तक विज्ञापन में काम करने के बाद अश्वनी अय्यर तिवारी आज एक जानी-मानी फिल्म निर्माता है। नील बट्टे सन्नाटा, बरेली की बर्फी और पंगा जैसी बेहतरीन फिल्मों के निर्देशक के तौर पर अश्वनी अय्यर तिवारी एक फेमस भारतीय फिल्ममेकर बन चुकी हैं।

9-श्यामली हलदर

अधिकतर लड़कियां एयर होस्टेज और पायलट बनकर विमान में उड़ने के सपने देखती हैं, इस उड़ान में कई महिलाएं सफल भी हो जाती है। इसी सफल महिला में से एक हैं श्यामली हलदर। जिन्होंने 56 साल की उम्र में देश की पहली महिला एयर ट्रैफिक कंट्रोल प्रमुख बनकर ये साबित कर दिया कि अगर राह और चाह सही हो तो रास्ते मुश्किल नहीं होते हैं।  इनके बारे में कहा जाता है कि यह कोलकाता और रांची के हवाई अड्डों पर भी एयर कंट्रोलर के तौर पर काम कर चुकी हैं।

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