हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को सबसे पवित्र पौधे के रूप में जाना जाता है। पवित्र तुलसी के पौधे को हिंदू मान्यता के अनुसार सबसे पवित्र पौधे के रूप में पूजा जाता है। लगभग हर भारतीय हिंदू घर में तुलसी का पौधा मिल जाता है और ऐसा माना जाता है कि इस पौधे से घर में साक्षात माता लक्ष्मी का वास तो होता ही है, भगवान विष्णु जी की कृपा दृष्टि भी बनी रहती है। लोग इस पौधे को देवी तुलसी की एक सांसारिक अभिव्यक्ति के रूप में मानते हैं जो भगवान विष्णु की एक महान उपासक थीं। तुलसी को एक अद्भुत पौधा भी माना जाता है क्योंकि इसमें विभिन्न औषधीय गुण पाए जाते हैं और कई मर्जों का इलाज इसमें मौजूद होता है।

वास्तु शास्त्र में भी इस पौधे का विशेष महत्व बताया गया है और ऐसा माना जाता है कि इस पौधे में कई औषधीय गुण भी पाए जाते हैं। पुराणों और शास्त्रों के अनुसार घर में तुलसी का पौधा लगाने और उसमें प्रतिदिन जल चढ़ाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। लेकिन कुछ ऐसे भी दिन हैं जिनमें तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना वर्जित माना जाता है। इन्हीं दिनों में से मुख्य है रविवार और एकादशी तिथि का दिन। ऐसा माना जाता है कि रविवार और एकादशी के दिन यदि तुलसी के पौधे में जल चढ़ाया जाता है तो ये बहुत जल्द की खराब हो सकता है। आइए नई दिल्ली के पंडित एस्ट्रोलॉजी और वास्तु विशेषज्ञ, प्रशांत मिश्रा जी से जानें इसके पीछे के धार्मिक कारणों के बारे में कि आखिर क्यों रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल नहीं चढ़ाना चाहिए और ऐसा करने से क्या नुकसान हो सकते हैं।  

रविवार को क्यों न चढ़ाएं तुलसी में जल 

tulsi plant water

हिन्दू धर्म के लोग तुलसी के पौधे का प्रयोग किसी भी पूजा और शुभ कार्य में करते हैं। मान्यताओं के अनुसार प्रतिदिन तुलसी में जल डालना शुभ माना जाता है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि रविवार के दिन पानी नहीं डालना चाहिए। दरअसल ऐसी मान्यता है कि रविवार के दिन तुलसी माता भी भगवान विष्णु जी के लिए निर्जला व्रत करती हैं और उनमें यदि जल चढ़ाया जाता है तो उनका व्रत खंडित हो जाता है और भगवान  विष्णु की कृपा दृष्टि प्राप्त नहीं हो पाती है। ज्योतिष के अनुसार यह भी माना जाता है कि रविवार के दिन तुलसी के पौधे में जल चढ़ाने से जीवन में नकारात्मक शक्तियों का वास होता है। इससे घर में क्लेश बढ़ता है और माता लक्ष्मी नाराज़ हो जाती हैं।  

इसे जरूर पढ़ें:Expert Tips: घर में आने वाली परेशानियों का संकेत दे सकता है तुलसी का पौधा, जानें कैसे

Recommended Video


एकादशी को क्यों नहीं चढ़ाते हैं तुलसी में जल 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि एकादशी तिथि के दिन ही माता तुलसी का विवाह भगवान विष्णु के एक रूप शालिग्राम के साथ हुआ था। मुख्य रूप से देवउठनी एकादशी के दिन दोनों का विवाह पूरे विधि विधान से कराया जाता है और यह भी माना जाता है कि प्रत्येक एकादशी तिथि के दिन माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत करती हैं और उनमें जल चढ़ाने से उनके व्रत में बाधा होने लगती है। ऐसा माना जाता है कि व्रत भंग होने के क्रोध में हरा भरा तुलसी का पौधा भी एकादशी के दिन जल चढ़ाने से सूखने लगता है और यदि कोई बार-बार ऐसा करता है तो उस घर में कभी भी तुलसी माता की कृपा नहीं होती है। 

तुलसी के पौधे से मिलते हैं कई संकेत 

tulsi plant remedy

ऐसा माना जाता है कि तुलसी के पौधेमें रविवार, एकादशी और संध्याकाल में छोड़कर नियमित जल देना चाहिए जिससे तुलसी माता की कृपा सदैव बनी रहती है। ऐसा भी माना जाता है कि यदि घर में लगा हरा-भरा तुलसी का पौधा बेवजह सूखने लगे तो यह किसी अनिष्ट का संकेत भी हो सकता है। इसलिए आपको इस पौधे की नियमित पूजा करते हुए इससे जुड़े सभी नियमों का पालन करना चाहिए। ऐसा करने से घर में खुशहाली आती है और घर की सुख समृद्धि बनी रहती है। 

सुख समृद्धि के लिए अपनाएं तुलसी के ये उपाय 

  • ज्योतिष के अनुसार पीतल के किसी पात्र में पानी भरकर 4-5 तुलसी के पत्ते डाल कर रात भर के लिए रखें और अगली सुबह घर के मुख्य द्वार पर इस जल का छिड़काव करें। ऐसा करने से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मकता का वास होता है।
  • गुरुवार के दिन तुलसी के पौधे में कच्चा दूध चढ़ाने से भी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और घर की सुख समृद्धि बनी रहती है।  

इस प्रकार पूरे श्रद्धा भाव से तुलसी का पूजन करने और इसमें जल अर्पण करने के कुछ नियमों को अपनाकर आप घर में माता तुलसी की कृपा दृष्टि कायम रख सकती हैं। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit: freepik  and wallpapercave.com