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आखिर महिलाओं को क्यों दी जाती है हमेशा चुप रहने की सलाह?

आपने अक्सर अलग-अलग जगहों पर लोगों को महिलाओं के चुप होने की सलाह देते देखा होगा। आज हम इसी बारे में बात करेंगे।   
Updated:- 2022-12-19, 12:28 IST
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"धीरे बोलो..कम बोलो..यहां तुम्हारे बोलने का मतलब नहीं है...तुम हमे मत सिखाओ.. और भी ना जाने क्या-क्या।" आप भी अपने घर या आसपास अक्सर लोगों को इस तरह की पंक्तियों का इस्तेमाल करते देखती होंगी। 

बात चाहे कोई भी हो उसमें महिलाओं की भागीदारी अक्सर लोगों को चुभने लग जाती है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि महिलाओं को अक्सर कम बोलने की सलाह क्यों दी जाती है। चूंकि इन वाक्यों का इस्तेमाल लोगों द्वारा किया जाता है इसलिए इसका हल ढूंढने के लिए हमने कुछ लोगों से ही बात की। तो चलिए हम भी समझते हैं कि आखिर कम बोलने से महिलाओं का क्या लाभ मिलता है। 

"लोग क्या बोलेंगे ..."

why women should remain quiet

महिलाओं को कम बोलने के लिए क्यों कहा जाता है? यह सवाल हमने किया गुरुग्राम स्थित कंपनी में काम कर रही गरीमा से। इस सवाल के जवाब में वह कहती हैं, "एक महिला होने के नाते हमारा परिवार और समाज हमसे तरह-तरह की उम्मीद रखता है। इसके पीछे का कोई भी कारण हो सकता है। ज्यादातर लोगों की यही उम्मीद होती है कि महिलाएं धीरे चलें..धीरे बोलें और संभल कर रहें।" 

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"दिखाता है महिला और पुरुष के बीच का अंतर"

"अक्सर घरों के मामलों में महिलाओं को चुप रहने के लिए कहा जाता है। वहीं अगर कोई महिला हिम्मत करके कुछ बोलती भी है तो उसे यह कहकर चुप करा दिया जाता है कि इस मामले में उनके बोलने की कोई जरूरत नहीं है।" - दिल्ली स्थित कंपनी में एचआर, ईशु कत्याल 

वह आगे कहती हैं, "एक महिला का चुप होना अंतर दिखाता है। दिखाता है कि कैसे पुरुष और महिलाओं के साथ हमारे समाज में अलग-अलग बर्ताव किया जाता है।" 

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"धीरे बोलना कमजोर नहीं होता"

rule society make for women

जॉब कर रही महिलाओं के बाद हमने धीरे बोलने के बारे में सवाल किया रोहतक में रहने वाली सीमा विग से जो एक हाउसवाइफ हैं। उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारे या हमारी बच्चियों के ऊपर कोई भी सवाल ना उठाएं। हमारे समाज में लड़कियों से कुछ अपेक्षा की जाती है जिसके पूरे ना होने पर उनकी बातें बनने लग जाती हैं। यही कारण है कि हम अपने घरों की बच्चियों को चुप रहने के लिए कहते हैं।" (सिर्फ 22 साल की उम्र में ऐसे बनी स्वाति मीणा आईएएस अफसर)

सभी से बात करने के बाद यह समझ आया कि असल में महिलाओं को चुप रहने से कोई फायदा नहीं मिलता है। यह उन्ही अपेक्षाओं में से एक है जो महिलाओं से अक्सर लगाई जाती है। 

उम्मीद है आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी। इसी तरह के किसी और प्रश्न के लिए आप इस आर्टिकल के कमेंट सेक्शन में सवाल कर सकते हैं। 

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Photo Credit: Freepik  

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