यहां पैसों के बजाय मजदूरों को क्यों मिलता था लहसुन? जानें वजह

लहसुन हमारी रसोई की अहम सामग्री में से एक है, जो किसी जमाने में पैसे की तरह इस्तेमाल होती थी। मजदूरों को पैसे के बजाए लहसुन दिया जाता था, चलिए जानते हैं इससे जुड़ी रोचक बातें।

 
What did Egyptians use garlic for
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सालों से रसोई में लहसुन का उपयोग किया जा रहा है, इंडियन, पंजाबी, चाइनीज और इटैलियन समेत कई सारी रेसिपीज में लहसुन का इस्तेमाल होता है। शायद ही ऐसा कोई होगा, जो कभी लहसुन का स्वाद न चखा हो। लगभग हर भारतीय रसोई में लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। खाने के स्वाद को बढ़ाने से लेकर औषधि के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली इस लहसुन का इतिहास भी काफी रोचक है। अकसर लोग लहसुन का उपयोग, तड़का, औषधि, चटनी और अचार के रूप में करते हैं, तो चलिए इस लहसुन के बारे में कुछ मजेदार बात को जान लें।

वेतन के रूप में बांटा जाता था लहसुन

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In Pursuit of Garlic: An Intimate Look at the Divinely Odorous Bulb नामक एक किताब में तीखी लहसुन को सबसे पुरानी खेती के रूप में जाना जाता है। इसे अलावा किताब में बताया गया है कि मिस्र के लोग इस लहसुन को देवता के रूप में पूजते थे और वहीं स्थानीय लोग इसका उपयोग मुद्रा के रूप में भी किया करते थे। उस समय लहसुन को सैलरी या वेतन के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता था। इतना ही नहीं मिस्र में जो ममी बनाई जाती थी, उनके साथ भी लहसुन को सुरक्षित रखा जाता था। उस दौर में पिरामिड बनाने वाले मजदूर और दासों को उनके काम के बदले वेतन के रूप में लहसुन दिया या खिलाया जाता था। पिरामिड बनाने वाले मजदूरों के बीच लहसुन इतना लोकप्रिय था कि लहसुन की कमी या न होने पर उनका काम रुक जाता था।

लहसुन का इतिहास

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लहसुन का उपयोग औषधि, भोजन और धन के रूप में 5000 सालों से भी ज्यादा वक्त से किया जा रहा है। पुराने समय में लहसुन का इस्तेमालनजर और टोटका के लिए किया जाता था। किसी की बुरी नजर उतारने के लिए पहले लहसुन का उपयोग किया जाता था। मध्ययुगीन निवासियों द्वारा बुराई से बचाने के लिए लहसुन को अपने दरवाजे पर टांगते थे। लहसुन का माला बनाकर बच्चों को पहनाया जाता था, ताकि उन्हें सर्दी न लगे और शरीर को गर्माहट मिले।

मंदिरों में लहसुन खाकर जाने की मनाही

इतना लोकप्रिय और गुणों की खान होने के बावजूद भी उच्च वर्ग यानी ब्राह्मण और कुछ क्षत्रिय, लहसुन खाकर मंदिरों में नहीं जाते थे। साथ ही बहुत से लोग लहसुन का सेवन नहीं किया करते थे। आज भी ऐसे लोग हैं, जो लहसुन का सेवन नहीं करते हैं। व्रत-अनुष्ठान, सावन और पुरुषोत्तम मास में लोग लहसुन का सेवन नहीं करते हैं। मिस्र के पुजारी जो लहसुन की पूजा करते थे, वो स्वयं इसका सेवन नहीं किया करते थे। लेकिन निम्न वर्ग और मजदूरों के लिए लहसुन उनकी दैनिक कमाई होती थी।

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Image Credit: Freepik

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