• ENG
  • Login
  • Search
  • Close
    चाहिए कुछ ख़ास?
    Search

बारिश के मौसम में पहाड़ों पर क्यों फट जाते हैं बादल? जानें इसके पीछे का कारण

बारिश के दिनों में पहाड़ी इलाकों पर आपने बादल फटने की घटाएं सुनी होंगी, जिसमें लोगों भी जानें भी चली जाती हैं। आइए जानते हैं इसकी वजह।
author-profile
Published -12 Jul 2022, 15:21 ISTUpdated -12 Jul 2022, 15:57 IST
Next
Article
why cloud burst happens

बारिश के दिनों में पहाड़ों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आया करती हैं। कई बार इन बादलों का फटना त्रासदी का रूप ले लेता है। साल 2013 का केदारनाथ प्रलय तो आप सभी को याद होगा, जहां बादल फटने के कारण हजारों लोगों ने अपनी जान गवाई थी। 8 जुलाई को भी कश्मीर में स्थित बाबा अमरनाथ के पास ऐसा ही बड़ा हादसा हुआ। जहां बादल फटने के कारण 16 लोगों की मौत हो गई, वहीं 40 से ज्यादा लोग अभी तक लापता बताए जा रहे हैं। इसी बीच एक बार फिर बादल फटने का विषय एक बार फिर चर्चा में है।

बादल फटने को क्लाउड ब्रस्ट कहा जाता है। लेकिन, सवाल यह है कि आखिर बादल फटने का क्या मतलब होता है और बादल के फटने से लोगों की जानें क्यों जाती है?

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि आखिर पहाड़ों पर ही बादल क्यों फटते हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण और स्थितियों के बराे में- 

क्यों फट जाते हैं बादल?

what is cloud burst and its reason

जब भी किसी भी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश(बारिश में करें घर की सुरक्षा) होती है। तो इसे बादल का फटना कहा जाता है। मौसम विज्ञान की माने तो अगर किसी भी जगह पर 1घंटे में 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश होने लगती है। तो इस घटना को बादल का फटना कहते हैं। 

बादल फटने से क्या होता है?

why cloud burst happens in hilly areas

बादल फटने के कारण किसी भी जगह पर बाढ़ जैसे हालात हो जाते हैं। पहाड़ी जगहों पर ऐसी घटनाएं खतरनाक साबित होती हैं। वहीं मैदानी जगहों पर बादल फटने की घटनाएं नहीं सुनने को मिलती हैं। वहीं अगर मैदानी इलाकों पर मूसलाधार बारिश का ज्यादा असर नहीं पड़ता है।

इसे भी पढ़ें- देखें हादसे से पहले और बाद के केदारनाथ की तस्वीरें

किस स्थिती में फटते हैं बादल?

causes of cloud burst

बादल फटने(इन जगहों पर होता है खराब मौसम का खतरा) की स्थिति तब बनती है जब अधिक नमी वाले एक जगह स्थित हो जाते हैं, जिससे वहां मौजूद पानी की बूंदे आपस में मिलने लगती हैं। तब जाकर अचानक से भीषण बारिश होने लगती हैं। बादल कू बूंदों के मिलने की वजह से बादल का घनत्व और भार बढ़ जाता है। आसान भाषा में इसे ही बादल का फटना कहते हैं। 

इसे भी पढ़ें- केदारनाथ शिवलिंग का रहस्य है दिलचस्प, आप भी जानें

मैदानी इलाकों में कब फट जाते हैं बादल?

यूं तो मैदानी इलाकों में बादल फटने की घटनाएं सुनने को नहीं मिलती हैं। लेकिन अगर गर्म हवा का झोंका बादलों की तरफ मुड जाए तो भी बादल फट सकते हैं। मैदानी इलाकों में गर्म हवाएं ज्यादा चलती हैं, ऐसे में यहां इसी स्थिति में बादल फट सकते हैं। 

तो आज आपने जाना कि आखिर किसी भी जगह पर बादल क्यों और किस कारण फटते हैं। आपको हमारा यह आर्टिकल अगर पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करें, साथ ही ऐसी जानकारियों के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी के साथ।

Image Credit- jagran and pixabay

Disclaimer

आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।