herzindagi
what is lal imli in kanpur know history location and all details

कानपुर में लाल इमली क्या है? यहां पढ़ें इसके फर्श से अर्श और फिर गुमनामी की कहानी

इस जगह को कानपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी माना जाता है। अगर आप कानपुर के इतिहास और उसके अनसुने किस्सों में रुचि रखते हैं, तो आपको इसके बारे में जानना चाहिए।
Editorial
Updated:- 2026-01-02, 15:10 IST

कानपुर में लाल इमली का नाम तो आपने कई बार सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका नाम लाल इमली ही क्यों रखा गया। लाल इमली सिर्फ एक इलाके का नाम नहीं है, बल्कि यह कानपुर के औद्योगिक इतिहास की गहराई से जुड़ा हुआ है। कानपुर आने वाले लोग इसे एक बार देखने जरूर आते हैं। अगर नाम से आपको यह इमली का पौधा लग रहा है, तो आप गलत है। लाल इमली एक ऐतिहासिक इमारत है, जिसका कानपुर के इतिहास से गहरा कनेक्शन है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इस इमारत के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। आखिर लाल इमली इमारत का इतिहास अब क्यों गुमनाम होता जा रहा है और क्यों यह कानपुर के लिए खास है, इसके बारे में आप पढ़ सकती हैं।

लाल इमली क्या है?

लाल इमली कोई पेड़ नहीं है। यह कानपुर की एक मील है, जिसके उत्पाद पुरे देश में पसंद किए जाते थे। यह एक ऐसी फेमस मील है, जो आज बंद होने के बाद भी चर्चा में रहती है। यह इमारत दिखने में इतनी ज्यादा खूबसूरत है, कि इसकी बनावट आपको विदेशों जैसी लगेगी। यहां बनने वाले कपड़ों की पहचान अलग ही होती थी।

इसे भी पढे़ं- कैसे फ्रांस से अमेरिका पहुंची Statue Of Liberty? 139 साल पुरानी कहानी यहां जानें

24 घंटे चलती थी लाल इमली

कानपुर में यह मील हजारों लोगों के रोजगार का जरिया थी। आजादी से पहले इस मील में लगभग 10 हजार के करीब लोग काम करते थे। खास बात यह थी कि यह मील कभी बंद नहीं होती थी। अलग-अलग शिफ्ट में लोग आते थे। सुबह और शाम दो बार यहां हॉर्न भी बजता था, जो हर घर में सुनाई देता था। इस हूटर की आवाज से ही लोगों को पता चल जाता था कि अभी क्या समय हो रहा होगा।

  • इस इमारत में एक बड़ी घड़ी लगी हुई है, जो इमारत की खूबसूरती और भी बढ़ा देती थी।
  • कानपुर को भारत का मैनचस्टर भी कहा जाता था।
  • लाल इमली अपने वूलन क्लॉथ के लिए फेमस मानी जाती थी। आज भी जब इसकी चर्चा होती है, तो लोग इसमें बनने वाले उत्पादों की क्वालिटी की चर्चा करते हैं।
  • खास बात यह है कि इस मील के कपड़े केवल भारत में नहीं बल्कि विदेशों जैसे इंग्लैंड, अमेरिका, रूस व जर्मनी में भी खासा डिमांड देखने को मिलती थी।
  • आपको जानकर हैरानी होगी कि लाल इमली को स्पेन में इंटरनेशनल ग्लोबल अवार्ड भी मिल चुका है। बेस्ट वूलन क्लॉथ के लिए उन्हें यह अवार्ड मिला था।

what is lal imli in kanpur know history location and all details1

कब शुरू हुई थी लाल इमली?

लाल इमली की शुरुआत अंग्रेजो के समय हुई थी। सन 1876 में अंग्रेजों के समय इसे बनाया गया था। हालांकि, धीरे-धीरे इसमें उत्पादन बंद होने लगा और साल 2013 से उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया। 11 जून 1981 को मील का राष्ट्रीयकरण किया गया था, तब यह मील भारत सरकार के अधीन आ गई थी।

इसे भी पढ़ें- भारत के वो 8 ऐतिहासिक युद्ध, जो महिलाओं के मान-सम्मान और प्यार के लिए लड़े गए

what is lal imli in kanpur know history location and all detailss

हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। साथ ही आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से।

image credit- freepik

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।