पूजा के दौरान क्यों आती हैं मन में अलग-अलग भावनाएं? जानें इसके पीछे के संकेत

कभी-कभी कुछ ऐसी नकारात्मक भावनाएं होती हैं जो पूजा के समय जाने-अनजाने, चाहे-अनचाहे मन में उमड़ने लगती हैं। इन नकारात्मक भावनाओं के पीछे कुछ संकेत छिपे होते हैं जिन्हें जानन किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत आवश्यक है। 
what does feeling different emotions during worship meaning
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पूजा के दौरान हम सभी के मन में कई तरह की भावनाएं उमड़ती हैं। कोई पूजा के दौरान रो देता है तो कोई पूजा के दौरान नींद में होता है तो कोई पूजा के दौरान भी मन में शांति महसूस करता है, लेकिन सिर्फ यही भावनाएं ही पूजा के समय मन में नहीं जन्म लेती हैं। कभी-कभी कुछ ऐसी नकारात्मक भावनाएं भी होती हैं जो पूजा के समय जाने-अनजाने, चाहे-अनचाहे मन में उमड़ने लगती हैं। इन नकारात्मक भावनाओं के पीछे कुछ संकेत छिपे होते हैं जिन्हें जानन किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत आवश्यक है। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने हमें बताया कि पूजा के दौरान नकारात्मक भावनाओं का आना किस ओर संकेत करता है।

पूजा के समय मन में काम भावना का आना

puja ke dauran kaun si bhavna ke aane ka kya matlab hai

पूजा करते समय अगर आपके मन में भी अचानक काम भावना जन्म लेने लगती है और आपका मन भटकता है तो यह इस बात की ओर इशारा करता है कि आपका तन शुद्ध नहीं है। असल में काम भावना आना गलत या नकारात्मक नहीं है क्योंकि इस भावना का दांपत्य जीवन में अभिन्न भाग माना गया है।

लेकिन अगर काम की भावना मन में इतनी बढ़ जाए कि पूजा के समय भी आपको यही भाव आएं तो यह दर्शाता है कि काम भावना गलत व्यक्ति के लिए आपके मन में मौजूद है या गलत उद्देश्य से मौजूद है। अपने जीवनसाथी के प्रति रखी गई काम भावना कभी भी धार्मिक कार्यों में बाधा नहीं बनती है।

पूजा के समय मन में क्रोध भावना का आना

puja mein kaun si bhavna ke aane ka kya matlab hai

पूजा के समय मन में अगर क्रोध जन्म ले रहा है या फिर क्रोध का ही एक रूप ईर्ष्या जन्म ले रही है तो यह भी उचित नहीं है। पूजा के समय क्रोध आना भी 2 चीजों पर निर्भर करता है। अगर पूजा करते समय आप भगवान पर क्रोधित होते हैं तो यह आपका भक्ति भाव और श्रद्धा की पुकार के रूप में है।

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वहीं, दूसरी ओर पूजा करते हुए मन में किसी और के प्रति क्रोध, ईर्ष्या या दुर्विचार आना भगवान से आपकी दूरी को दर्शाता है। इसका मतलब है कि भगवान आपको आपके बुरे कर्मों के प्रति चेता रहे हैं। ऐसे में आपको जरूरत है कि आप अपने बुरे कर्मों एवं दूसरों के प्रति दुर्विचारों पर अंकुश लगा लें।

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image credit: herzindagi

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