आमतौर पर महिलाएं घर के दरवाजे पर ऐसी डोर बेल लगवाती हैं, जिसकी आवाज मधुर हो और जिसकी घंटी बजते ही घर के लोगों को उसकी आवाज सुनाई दे जाए। डोर बेल की आवाज सुनकर घर के अंदर मौजूद सदस्यों को आसानी से समझ जाता है कि दरवाजे पर कोई आया हुआ है। महिलाएं डोर बेल खरीदते हुए अक्सर उसकी आवाज पर ध्यान देती हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर की डोर बेल कैसी होनी चाहिए?

वास्तुशास्त्र के अनुसार डोर बेल लगाते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाता है। आज हम वास्तु एक्सपर्ट नरेश सिंगल के बताए डोर बेल से जुड़े वास्तु के बारे में विस्तार से बात करेंगे।

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डोर बेल के लिए ये अपनाएं ये वास्तु टिप्स

  • वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के बाहर डोर बेल लगाना जरूरी है। डोर बेल नहीं होने की स्थिति में घर आए लोगों को आवाज देकर या फिर दरवाजा खटखटाकर सूचित करना पड़ता है। वास्तु के मुताबिक कुंडी खटखटाने या आवाज देकर घर के लोगों को बुलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। इससे घर में रहने वाले लोगों के मस्तिष्क पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। माना जाता है कि इससे घर के लोग काफी चिड़चिड़े हो जाते हैं। और उनमें बात-बात पर विवाद होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
  • वास्तुशास्त्र के अनुसार तो घर की डोर बेल जमीन से कम से कम पांच फीट की ऊंचाई पर होनी चाहिए। ऐसा बच्चों की शरारतों और छेड़छाड़ से बचाव के लिए कहा गया है। 
  • वास्तुशास्त्र में एक अहम बात यह भी कही गई है कि घर की नेम प्लेट डोर बेल से ऊपर होनी चाहिए। माना जाता है कि इससे परिवार के मुखिया का यश और कीर्ति हमेशा बढ़ती रहती है। साथ ही इस स्थिति से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इससे घर में खुशियों का भी आगमन होता है, जिससे परिवार के लोग आपस में मिलजुलकर रहते हैं। 
  • अगर नेमप्लेट और डोर बेल में दोष है तो बिना बात के घर में कड़वाहट हो सकती है। ऐसी स्थिति में घर में जो भी गेस्ट आएंगे, वे नाराज हो कर जाने की आशंका बढ़ जाती है क्योंकि इससे नेगेटिव एनर्जी का फ्लो घर में बढ़ जाता है।
  • घर में खराब आवाज या तेज शोर करने वाली डोर बेल भी नेगेटिविटी लाती है। इसलिए इनसे आपको बचने की जरूरत है। सुनिश्चित करें कि घर में जो बेल लगाएं उसकी आवाज मधुर हो ताकि घर में पॉजिटिविटी फ्लो करती रहे।
  • अगर घर में आते हुए कोई व्यक्ति सुबह के वक्त दरवाजा खटखटाता है तो वह वास्तु सम्मत नहीं माना जाता। वास्तु के अनुसार ऐसा करने से लक्ष्मी जी नाराज हो जाती हैं। इसीलिए सुबह आने वालों को डोर बेल बजाने के लिए विशेष रूप से निवेदन करें।
 
 
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घर में वास्तु का विशेष महत्व

घर के वास्तु को हमेशा से ही विशेष महत्व दिया जाता रहा है। माना जाता है कि वास्तु के हिसाब से घर का निर्माण कराने से परिवार में सुख और समृद्धि बने रहते हैं। साथ ही उस घर में रहने वाले सदस्य अपने जीवन में खूब तरक्की करते हैं और हर लिहाज से वह संतोषमय जीवन व्यतीत करता है।

तो सोच क्या रही हैं, डोर बेल के इन आसान से टिप्स को अपनाएं और घर को पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ाएं। अब आपके लिए घर में सॉफ्ट साउंड वाली डोर बेल लाने के लिए आपके पास ठोस वजह है, निश्चित रूप से यह आपके घर में ढेर सारी खुशियां लेकर आएगी।