यकीनन, हम सभी इस दौर से गुजरे हैं। बचपन में स्कूल में, ट्यूशन क्लास में या फिर कहीं बाहर, हमें ऐसा कोई मिलता है, जिससे बात करना या जिसका साथ हमें अच्छा लगता है और हम उसकी तरफ अट्रैक्ट होने लगते हैं। हालांकि क्रश में और किसी से प्यार करने में काफी अंतर होता है। लेकिन वह उम्र ही ऐसी होती है कि हम किसी की तरफ झुकाव को प्यार समझ बैठते हैं। चूंकि अब हम बड़े हो गए हैं और दुनिया को बेहतर तरीके से जानते व समझते हैं, लेकिन आपकी लाडली का क्या। वह तो अभी उम्र के उस पड़ाव में है, जिससे हम सभी निकलकर आए हैं। हो सकता है कि उसकी लाइफ में भी कोई ऐसा हो, जिसे वह अपने लिए बेहद खास समझती हो। अपनी बेटी के पहले क्रश को हैंडल करना इतना भी आसान नहीं होता क्योंकि अगर इस स्थिति में आपका रवैया नकारात्मक होगा तो यकीनन आपकी बेटी आपको अपना दुश्मन ही मानेगी। ऐसे में उसे बेहद प्यार से कुछ इस तरह समझाना होता है कि वह आपकी बातों को सही माने।

जरा सोचिए कि अगर आपकी बेटी आपको अपने पहले क्रश के बारे में बताए तो आपका रिस्पान्स कैसा होगा। यकीनन आप उस पर गुस्सा हो जाएंगी। हो सकता है कि आपका उसके प्रति व्यवहार बेहद रूखा हो। यहीं पर हम गलती कर बैठते हैं। दरअसल, वह उम्र ही ऐसी होती है। आपकी लाडली चीजों को उस तरह से नहीं देख पाती, जैसा कि आप देख सकती हैं। साथ ही अगर आप उसे सीधा मना करती हैं तो उसे लगेगा कि आप उसे कभी नहीं समझ सकतीं। इस स्थिति को मैनेज करने के लिए आप कुछ आसान उपाय अपना सकती हैं। तो चलिए जानते हैं इन उपायों के बारे में- 

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सुनें उसकी बात

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अगर आपकी लाडली आपको अपने पहले क्रश के बारे में बताती है तो उस समय आपको धैर्य और नम्रता के साथ उससे बात करने की जरूरत है, क्योंकि उसके लिए यह बेहद महत्वपूर्ण हैं। कई बार माता-पिताबच्चों की ऐसी बात पर ध्यान नहीं देते या फिर उन्हें डांटकर चुप करा देते हैं। इससे उनके मन की बात मन में ही दबी रह जाती है। इसलिए आप ऐसा बिल्कुल भी ना करें। जब वह आपको अपनी फीलिंग्स बताएं, तो उसे बेहद प्यार से और ध्यानपूर्वक सुनें।

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पूछें कुछ सवाल

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उम्र के इस पड़ाव में लड़की को खुद ही अपनी फीलिंग्स के बारे में सही से पता नहीं होता और ना ही वह उसे खुद हैंडल कर पाती है। कई बार वह किसी के प्रति झुकाव को ही प्यार समझ बैठती है। ऐसे में उसे आपकी मदद की जरूरत होती है। आप कुछ आसान सवालोंके जरिए उसे अपनी फीलिंग्स को हैंडल करना सिखा सकती हैं। आप उससे पूछें कि उसे उस लड़के में ऐसा क्या खास लगता है या फिर वह उसे किस वजह से पसंद करती हैं। इससे उससे खुद को एनालाइज करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही अब समय आ गया है कि आप उससे अपना एक्सपीरियंस भी शेयर करें। इससे वह समझ पाएगी कि किसी के प्रति झुकाव होने का अर्थ यह नहीं है कि आपको उससे प्यार हो जाए।  इतना ही नहीं, उसे यह भी बताएं कि यह एक नेचुरल फीलिंग है और अब वह इमोशनली तरीके से भी बड़ी हो रही है।

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स्थिति पर रखें नजर

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अगर आपकी लाडली ने आपको पहले क्रश के बारे में बताया है तो इसका अर्थ है कि वह आप पर बेहद भरोसा करती है। अब आप उस भरोसे को यूं ही बनाए रखें। आप चाहें तो उस लड़के से मिल सकती हैं। साथ ही स्थिति पर अपनी नजर बनाए रखें और अपनी बेटी सेइस बारे में बात करती रहें। अक्सर पहला क्रश दिल तोड़ने वाला होता है। ऐसे में आप उसका साथ दें। साथ ही उसे यह भी समझाएं कि क्रश का मतलब प्यार नहीं होता और कुछ समय बाद वह इससे खुद ब खुद ही बाहर निकल जाएंगी। लेकिन तब तक अपनी बेटी के साथ मजबूती से खड़ी रहें।