हिंदू धर्म में हर दिन को ईश्‍वर के अलग-अलग स्‍वरूपों को अर्पित किया गया है। किसी दिन देवी जी की आराधना की जाती है तो किसी दिन देवताओं को पूजा जाता है। सोमवार से लेकर रविवार तक हर दिन किसी न किसी देवी-देवता की पूजा और व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है। गुरुवार का दिन भी बहुत विशेष होता है। इस दिन कुछ लोग श्री साईं बाबा की पूजा करते हैं तो कुछ लोग भगवान विष्‍णू का व्रत रखते हैं। खासतौर पर जिन महिलाओं को मनचाहा जीवनसाथी चाहिए होता है वह भगवान विष्‍णु को प्रसन्‍न करने के लिए इस दिन उनका व्रत और विधि-विधान के साथ पूजा करती हैं। वहीं कुछ लोग अपनी आर्थिक दशा सुधारने के लिए गुरुवार के दिन जगत के पालनहार भगवान विष्‍णु की पूजा करते हैं।

ज्योतिषाचार्य एवं हस्तरेखार्विंद विनोद सोनी पोद्दार बताते हैं, ' गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत करने के लिए जातक को विधि-विधान के साथ भगवान विष्‍णु के लक्ष्‍मीनारायण स्‍वरूप की पूजा करनी चाहिए और व्रत रखना चाहिए।'

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गुरुवार के व्रत के फायदे 

  • जो लोग गुरुवार का व्रत रखते हैं, उनका परिवार हमेशा ही सुखी और संपन्‍न रहता है। 
  • जिन कन्‍याओं की मनचाहे पति मिलने की कामना होती है, वह गुरुवार का व्रत रखने से पूर्ण होती है। 
  • अगर आप बहुत समय से मनचाही नौकरी की तलाश में हैं और वह आपको नहीं मिल रही है तो आपको गुरुवार का व्रत (इस तरह बनाएं ‘व्रत वाला पुलाव’) जरूर रखना चाहिए। 
  • नि:संतान दंपति यदि मिलकर गुरुवार का व्रत रखते हैं तो उसे भगवान विष्‍णु (भगवान विष्णु से जुड़ी रोचक बातें) से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
  • घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए भी आप गुरुवार के दिन भगवान विष्‍णु का व्रत रख सकते हैं। 
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व्रत विधि 

पंडित जी कहते हैं, 'किसी भी गुरुवार से आप भगवान विष्‍णु का व्रत शुरू नहीं कर सकते हैं। इस व्रत को आरंभ करने के लिए सबसे अच्‍छा समय अग्नि पुराण में बताया गया है और वह है अनुराधा नक्षत्र में पड़ रहे गुरुवार का दिन। अगर आप इस दिन से लगातार 7 गरुवार भगवान विष्‍णु का व्रत रखते हैं तो आपकी सारी मनोकामना पूरी हो जाती हैं।' पंडित जी पूजा विधि भी बताते हैं- 

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  • सबसे पहले आपको गुरुवार के दिन सुबह जल्‍दी उठकर स्‍नान करना होगा। 
  • इसके बाद पीले वस्‍त्र धारण करें। आपको बता दें कि भगवान विष्‍णु को पीले वस्‍त्र अत्यधिक प्रिय हैं। 
  • अब आप भगवान लक्ष्‍मीनारायण के मंदिर जाएं और व्रत का संकल्‍प लें। 
  • ध्‍यान रहे आप जितने व्रत का संकल्‍प करेंगे उतने व्रत आपको विधि से रखने होंगे। 
  • इस दिन केले के पेड़ की पूजा जरूर करें और कथा भी पढ़ें। इस दिन जल में हल्दी डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाना शुभ माना गया है, साथ ही केले की जड़ में चने की दाल, गुड़ और मुनक्का भी चढ़ाएं। 
  • शाम के वक्‍त पूजा करने के बाद आप एक समय भोजन में नमक और चने की दाल का सेवन कर सकते हैं। 

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न करें ये काम 

  • गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करें और भगवान विष्‍णु को केला अर्पित करें, मगर इसका सेवन न करें। 
  • अगर गुरुवार का व्रत रख रहे हैं तो भूल से भी इस दिन कपड़े न धोएं। 
  • न ही इस दिन बाल कटवाएं और न ही उन्‍हें गीला करें। 

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