इस देश में क्यों बैन है स्वास्तिक का चिन्ह? जानें दुनिया के अलग-अलग देशों में कैसे होता है इस्तेमाल

शुभ दिन के मौके पर हम सभी अपने घर के बाहर और मंदिर में स्वास्तिक बनाते हैं क्योंकि इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लेकिन अगर मैं आपसे कहूं कि एक देश ऐसा है जहां पर इसे बनाना बैन माना जाता है।
 swastika symbol  banned in germany know reason
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स्वास्तिक चिन्ह को भारत और एशियाई देशों में सुख-समृद्धि,भगवान गणेश, सूर्य और ब्रह्मांड का प्रतीक माना जाता है। यह प्रतीक हिंदू, बौद्ध,जैन और सिख धर्मों में धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ अवसरों पर बनाया जाता है। भारत के अलावा स्वास्तिक को कई अन्य देशों में भी पवित्र माना जाता है। लेकिन अगर मैं एक देश ऐसा है, जहां पर पवित्र माने जाने वाले स्वास्तिक को बनाना बैन है, तो शायद आपको यह जानकर अजीब लगे। लेकिन यह सच है। इस लेख में आज हम आपको उस देश के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर इसे बनाना प्रतिबंधित है।

स्वास्तिक किस देश का है राष्ट्र चिह्न?

Swastika Symbol

स्वास्तिक का इस्तेमाल हम सभी खास उत्सव या मौके पर बनाते हैं। बता दें, कि स्वास्तिक शब्द का संस्कृत में अर्थ सौभाग्य होता है। जैसा कि हमने ऊपर बताया है कि हजारों वर्षों से स्वास्तिक का इस्तेमाल हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग करते आ रहे हैं। हालांकि अलग-अलग देशों में इस चिन्ह को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। स्वास्तिक चिह्न को तजाकिस्तान का राष्ट्र चिह्न में से एक माना जाता है। वहीं अमेरिका के पॉपुलर ब्रांड कोका-कोला ने भी इसका इस्तेमाल अपने प्रोडक्ट पर किया था।

स्वास्तिक के अलग-अलग नाम

जैसा कि हम सभी जानते हैं कई बार जिस चीज को भारत में किसी और नाम से जाना जाता है। वहीं अन्य देश में किसी और नाम से। वैसा ही कुछ स्वास्तिक के नाम के साथ है। बता दें, चीन में इसे वान, जापान में मांझी, इंग्लैंड में फिल फोट और जर्मनी में हेकेन ग्रीस के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा ग्रीस में टेट्राकुलस के नाम से पहचाना जाता है। साथ ही इसे कुछ देशों में इस चिह्न को उल्टा करके भी बनाया जाता है, जिसे लोग स्वास्तिक कहते हैं।

स्वास्तिक किस देश में बनाना है बैन?

swastik Religious Symbols meaning

तुर्की के शहर टोय में खुदाई के दौरान कुछ ऐसे बर्तन मिले, जिन पर स्वास्तिक के निशान बने हुए थे। ऐसा कहा जाता है कि हिटलर ने अपने झंडे पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाया था। प्रेम और शुभता के प्रतीक का इस्तेमाल हिटलर ने गलत कार्यो के लिए किया था। इस वजह से जर्मनी में इस चिन्ह को बनाने पर पाबंदी है। अमेरिकी लेखक स्टीफन ने अपनी बुक The Swastik में स्वास्तिक के महत्व के बारे में बताया है।

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Image credit-Freepik, herzindagi

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