'मेरा दिल मोम सा है, मगर उसके इरादे आग से हैं।' यह पंक्तियां हर उस शख्‍स पर सटीक बैठती है, जिसके दिल में ममता और प्रेम का सागर भी बहता है और बुलंद हौसलों की आग भी जलती है। ऐसी ही एक शख्‍स हैं टीवी एक्‍ट्रेस श्‍वेता तिवारी। 

एकता कपूर के मशहूर टीवी सीरियल 'कसौटी जिंदगी की' में प्रेरणा की आइकॉनिक भूमिका निभाने वाली श्‍वेता तिवारी को टीवी इंडस्‍ट्री में केवल एक हुनरमंद एक्‍ट्रेस के तौर पर ही नहीं बल्कि सोसाइटी में एक मजबूत इरादों वाली महिला के रूप में भी जाना जाता है। श्‍वेता ने बहुत ही कम उम्र में जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखें हैं। रिश्‍तों में कई धोखे और ठोकरें भी खाई हैं। इन सबने श्‍वेता को तोड़ा जरूर, मगर श्‍वेता टूट के बिखरी नहीं बल्कि और मजबूत बन गईं। 

एक लीडिंग मीडिया हाउस को हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में श्‍वेता ने अपनी दो असफल शादियों और उनके बच्‍चों पर पड़े इसके असर के बारे में खुल कर बताया। 

palak son shweta

श्‍वेता तिवारी की पहली असफल शादी की कहानी 

बेशक श्‍वेता तिवारी टीवी इंडस्‍ट्री का एक जाना-माना चेहरा हैं, मगर घरेलू हिंसा का शिकार वह भी हो चुकी हैं। वर्ष 1998 में श्‍वेता ने टीवी एक्‍टर राजा चौधरी से शादी कर ली थी। शादी के 2 वर्ष बाद उन्‍होंने एक बेटी को जन्‍म दिया था, जिसका नाम पलक तिवारी है। राजा के साथ काफी लड़ाई झगड़े के बाद वर्ष 2007 में श्‍वेता ने उनसे तलाक ले लिया। तब श्‍वेता ने बताया था कि राजा उन्‍हें मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करते हैं और इसलिए वह उनसे अलग हो रही हैं। मगर पर्दे के पीछे की कहानी इससे भी ज्‍यादा भयानक है, जिसे श्‍वेता ने इंटरव्‍यू में खुद ही बताया। उन्‍होंने कहा, ' लोग तलाक लेने वाली औरतों को अच्‍छा नहीं मानते हैं। जब मैंने तलाक लिया तो सबने कहा कि अपनी बेटी के बारे में तो सोचा होता है। तो मैं बता दूं कि मैंने अपनी बेटी के बारे में ही सोच कर यह कदम उठाया था। मेरी बेटी 6 साल की थी। वह घर में दूसरी औरतों को आता देखती थी। मुझे मेरे पति से मार खाता देखती थी और यह शो करती थी कि वह दुखी नहीं है। मगर मैं मां हूं, मेरे बच्‍चे की परेशानी को मैं समझ सकती हूं। मैं खुद तो दुख सह सकती थीं, मगर मेरी बेटी को उस माहौल में बड़े होता नहीं देख सकती थी।'

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shweta tiwari on kids

क्‍यों होना पड़ा दूसरे पति से अलग 

वर्ष 2015 में श्‍वेता ने अभिनव कोहली से दूसरी बार शादी की थी। बाद में उन्‍होंने ने एक बेटे रियांश को भी जन्‍म दिया। श्‍वेता और अभिनव के बीच मन-मुटाव की खबरें सोशल मीडिया और मीडिया में कभी नहीं आईं, मगर जब आईं तो श्‍वेता पति अभिनव से अलग होने का फैसला ले चुकी थीं। सोशल मीडिया पर श्‍वेता की दूसरी शादी टूटने का काफी बवाल मचा था। कुछ बवाल तो ट्रोल करने वालों का था तो कुछ श्‍वेता के दूसरे एक्‍स-हसबैंड अभिनव कोहली का था। अभिनव ने श्‍वेता को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। यहां तक की श्‍वेता की इमेज को चोट पहुंचाने की धमकी तक दी। इस बारे में श्‍वेता बताती हैं, ' मुझे अभिनव ने कुछ दिन पहले धमकी दी कि 'औरत की इज्‍जत की धज्जियां उड़ाने के लिए एक पोस्‍ट ही काफी होती है।' बस इस धमकी के 5-6 दिन बाद अभिनव मेरे नाम पर सोशल मीडिया पर भद्दी-भद्दी पोस्‍ट डालने लगा। पहले मैंने सोचा कि मैं जवाब दूं, मगर लगा कि चुप रहने में भलाई है। मैं अपने बच्‍चों को इन सब में नहीं डालना चाहती हूं। मगर फिर भी इतनी कम उम्र में दोनों ने पुलिस, पुलिस स्‍टेशन और वकील सब देख लिए है। यह उनके लिए अच्‍छा नहीं है। मगर मैं अपने बच्‍चों को इन सब से दूर भी नहीं कर पा रही हूं।'

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sheta tiwari on daughter palak

श्‍वेता ने किया कई तानों का सामना 

शादी टूट जाए या पति दूसरी शादी कर ले। हर सूरत में सोसाइटी औरत को ही गलत ठहराती है। फिर श्‍वेता ने तो एक असफल शादी के बाद दूसरी असफल शादी का भी दर्द सहा है। मगर इससे समाज को क्‍या, उन्‍हें तो ताने देने हैं और सामने वाले को नीचा दिखना है। 

श्‍वेता पर भी लोगों ने कई लांछन लगाए। वह कहती हैं, 'जब मेरी दूसरी शादी भी टूट गई तो लोग मुझे कहने लगे अब तीसरी शादी मत करना। यहां तक की मेरी ही बिल्डिंग में रहने वाले पड़ोसी बच्‍चों से पूछने लगे कि क्‍या पापा घर आते हैं। इंस्‍टाग्राम पर तो लोगों ने न केवल मुझे बल्कि मेरी बेटी को भी गलत कहना शुरू कर दिया। लोग कहते हैं, तेरी मां ने 2 शादियां की हैं अब तू 5 करेगी। इतना ही नहीं, मेरे उपर तो गंदी औरत का टैग लगा कर सोसाइटी के लोगों ने बात तक करना बंद कर दिया था।'

मगर इन सारी तकलीफों को सहने के बाद भी श्‍वेता आज भी बुलंद हौसले रखती हैं और अपने बच्‍चों की लाइफ को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। वह कहती हैं, ' अगर रिश्‍ते में सब कुछ सही नहीं है और हिंसा है तो हर औरत को बच्‍चों की परवरिश अपने दम पर करनी चाहिए। टूटे हुए रिश्‍ते के भोज को कंधे पर लाद कर धूमें नहीं बल्कि एक नई शुरुआत करें।' 

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