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Sadak 2 Film Review: वही घिसा पिटा फार्मूला, वही पुराने हत्कंडे

इस सड़क में इतने पॉटहोल हैं, सर दर्द की दवा हो तो ही देखें ये फिल्म।
Updated:- 2020-09-02, 15:16 IST
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साल 1991 में महेश भट्ट ने संजय दत्त, पूजा भट्ट और सदाशिव अमरापुरकर के साथ एक दमदार फिल्म बनायीं थी - नाम था सड़क। अब उन्तीस साल बाद इस फिल्म की सीक्वल Sadak 2 Disney+Hotstar पर रिलीज़ हुई है। फिल्म में प्रमुख भूमिका में संजय दत्त, आलिया भट्ट, आदित्य रॉय कपूर, मकरंद देशपांडे, जीशु सेनगुप्ता और प्रियंका बोस हैं।

मैंने ये फिल्म देखी और मेरे फिल्म निर्माता से दो सवाल हैं। पहला ये, आखिर क्यों बनायीं आपने ये अझेल फिल्म? बिना इस फिल्म के भी हमारा ये साल रो-पिट के निकल ही रहा था न? फिर क्यों ये महाबोर, बे सर-पैर की फिल्म, लॉकडाउन में हमें समर्पित कर दी? 

मेरा दूसरा सवाल है कि इसे सड़क फिल्म का सीक्वल किस बुनियाद पे बता रहें हैं आप? पिछली कहानी या पात्रों से इस फिल्म का कोई लेना देना नहीं है। आपकी ही पिक्चर है तो आपने पुरानी सड़क के सीन धड़ल्ले से नयी फिल्म पे चेप दिए हैं। एक मात्र संजय दत्त के करैक्टर और पूजा भट्ट की तस्वीर से इस फिल्म को पार्ट टू नहीं कहा जा सकता। डायलॉग में बार-बार सड़क बोलने से ये औचित्य साबित नहीं होता।

स्टोरी और डायलॉग

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सड़क 2 के डायलॉग और कहानी इस लेवल की है कि बच्चों की घर-घर खेल में इससे बेहतर लाइन्स आपको सुनने के लिए मिल जाएं। फिल्म शुरू होती है रवि किशोर, यानि संजय दत्त के किरदार, से जो सुसाइड करने पर उतारू है। रवि की पत्नी, यानि पूजा के गुज़र जाने के बाद, रवि की ज़िन्दगी में अब कोई मकसद नहीं बचा। रवि अब अपनी पत्नी के भूत से बात करते हैं या फिर सुसाइड के नए नए तरीके खोजते हैं। इतने में इनकी ज़िन्दगी में आती हैं आर्य, यानि आलिया भट्ट। आर्य को फ़र्ज़ी बाबाओ से नफरत है और उनके खिलाफ वो एक मुहीम चला रही है। इस मुहीम के चलते एक फ़र्ज़ी बाबा उसे मरवाना चाहते हैं। बॉयफ्रेंड, सौतेली माँ, पिता - आर्य क्या किसी पे भी विश्वास कर सकती है? क्या रवि बनेगा आर्य का सहारा और फादर फिगर - और क्या इसमें रवि को मिलेगा अपने जीवन का मकसद? ये ही है सड़क 2 की कहानी।

स्क्रीनप्ले और डायलॉग इस फिल्म की कमज़ोर कड़ी हैं। कोई भी किरदार ढंग से डेवेलप नहीं किया गया है। इतने किरदार बेवजह ही आते-जाते हैं और ये किरदार भी इतने बचकाने और बे सर-पैर के हैं- एक उल्लू जिसका नाम है "कुम्भकरण" जो सिर्फ इसलिए लिखा गया है को वो गुंडों पर धावा बोल सके! या फिर एक गुंडा जिसका हाथ कटा हुआ है और इस लिए उसका नाम है हथकटा। डायलॉग अटपटे और असहज लगते हैं।

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एक्टिंग और डायरेक्शन

 

 

 

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वही घिसा-पिटा फार्मूला, वही पुराने हत्कंडे। ऐसा लगता है कि आप किसी 90's फिल्म का hi - resolution स्पूफ देख रहे हैं। अच्छे खासे एक्टर्स से बुरी एक्टिंग करवाने का श्रेय हम इस फिल्म के निर्माताओं को दे सकते हैं। आलिया और संजय दत्त बहुत कोशिश के बावजूद भी इस पिक्चर को अपने कन्धों पर संभाल नहीं पाए। मकरंद देशपांडे, जिन्होंने इससे पहले कई दमदार भूमिकाएं निभाई हैं, ढोंगी बाबा 'ज्ञान प्रकाश' के रोल में विलिन से ज़्यादा कॉमेडियन लगे। उनका लुक, वेशभूषा, डायलॉग और करैक्टर सब कुछ बेतुका और प्रभावहीन है। जीशु सेनगुप्ता आलिया के पिता की भूमिका में नज़र आये हैं और अकेले ही एक्टिंग का दारोमदार संभाले दिख रहे हैं। आदित्य रॉय कपूर को ज़्यादा कुछ करने को मिला नहीं है। कहने को तो सड़क एक रोड ट्रिप के इर्द-गिर्द घूमती है, पर ना परिदृश्य, ना सड़कें, ना नज़ारे देखने को मिलते हैं।

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बड़ी दिक्कतें

अगर ये फिल्म सिर्फ बोरिंग होती तो एक बात थी, Sadak 2 में बड़ी दिक्कतें भी साफ़ नज़र आती हैं। मेन्टल हेल्थ को लेकर फिल्म का रवैय्या काफी आपत्तिजनक है। यहाँ किसी अपने को खो देने के बाद डिप्रेशन के साइन दिखने पर "मेन्टल हॉस्पिटल में भर्ती हो जाओ' ऐसे कह दिया जाता है। "इलेक्ट्रिक शोक" को ही दिमागी इलाज दिखाया जाना भी गलत है। फिल्मों और उन्हें बनाने वालों से क्या ये उम्मीद नहीं की जा सकती कि अगर वो अपने किरदारों को किसी मानसिक स्थिति से गुज़रता हुआ दिखा रहे हैं, तो अपनी रिसर्च, अपना होमवर्क ढंग से करें?

 

इम्पैक्ट

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Sadak 2 शायद एक ज़रूरी टॉपिक को छूना चाहती थी - अन्धविश्वास और झूठे गुरु और ढोंगी बाबाओ का बुरा असर। साथ ही संजय दत्त के चरित्र के साथ वो किसी के खो जाने के गम को भी महसूस करवाना चाहती थी। लेकिन इन दोनों ही बातों को परदे पर ढंग से दिखा पाने की कोशिश में फिल्म बुरी तरह से फेल होती दिखती है। अगर गौर किया जाए तो इसी कास्ट के साथ एक बेहतर स्क्रिप्ट और डायरेक्टर के चलते बहुत कुछ अलग किया जा सकता था।

 

Sadak 2 पर अपना इंटरनेट डाटा जाया करना चाहें तो ज़रूर देखें, पर हमने आपको पहले चेतावनी दे दी है! सर दर्द की दवा साथ हो तो ही देखें ये फिल्म।

Image Credit: Instagram

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