एक ऐसी अभिनेत्री जिन्होंने अपने अभिनय से यह साबित कर दिया कि वह 'क्वीन' और 'थलाइवी' हैं और जरूरत पड़ने पर 'मणिकर्णिका' भी बन सकती हैं। एक ऐसी अभिनेत्री जिसे कभी टूटी-फूटी इंग्लिश के लिए क्रिटिसाइज किया गया था, लेकिन आज वह फोर्ब्स इंडिया की सेलिब्रिटी 100 की सूची में छह बार शामिल हो चुकी हैं।

कंगना रनौत ने यह साबित कर दिखाया है कि वह अपने दम पर कोई भी फिल्म चला सकती हैं। वह अकेली ही सबके लिए काफी हैं, लेकिन इसके साथ ही वह कॉन्ट्रोवर्सी की प्रिय रही हैं। इंडस्ट्री में अपने अफेयर को लेकर हो या फिर बॉलीवुड के बड़े-बड़े लोगों के खिलाफ मुंह खोलने को लेकर, उन्होंने बेबाकी और बोल्ड अंदाज में हमेशा अपनी बातों को रखा है। वह पहली ऐसी अभिनेत्री बन गई हैं, जिन्हें 4 बार नेशनल अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है। आज हम बॉलीवुड की इस धाकड़ एक्ट्रेस के दिलचस्प सफर के बारे में आइए जानें।

कंगना रनौत का शुरुआती जीवन

kangana ranaut early life

कंगना रनौत का जन्म 23 मार्च 1987 में हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक छोटे से शहर भाम्बला/सूरजपुर में हुआ था। उनकी मां आशा रनौत, एक स्कूल शिक्षिका के तौर पर कार्यरत थीं और उनके पिता, अमरदीप रनौत, एक व्यवसायी हैं। कंगना की बड़ी बहन रंगोली चंदेल उनके मैनेजर की तरह उनका सारा काम संभालती हैं और उनका एक छोटा भाई है, जिसका नाम अक्षत है। कंगना एक ऐसे परिवार से आती हैं, जो पॉलिटिक्स और प्रशासनिक सेवा में रहे हैं। उनके परदादा, सरजू सिंह रनौत, विधान सभा के सदस्य थे और उनके दादा भारतीय प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी थे। कंगना कई इंटरव्यू में बता चुकी हैं कि वह शुरू से ही एक रिबेलियस बच्ची थीं। 

कंगना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि अगर उनके पिता प्लास्टिक की बंदूक उनके भाई को गिफ्ट करते और कंगना के लिए गुड़िया लाते थे, तो वह उसे स्वीकार नहीं करती थीं। वह इस बात पर हमेशा सवाल उठाती थीं।

स्कूली शिक्षा

कंगना ने चंडीगढ़ के डीएवी स्कूल से अपनी पढ़ाई की, जहां उन्होंने साइंस के विषय चुनें और कंगना शुरुआत से ही पढ़ाई में अच्छी थीं। पेरेंट्स के कहने पर उन्होंने डॉक्टर बनने के बारे में सोचा, लेकिन 12वी में एक यूनिट टेस्ट के दौरान केमेस्ट्री में फेल हो गई थीं, जिसके बाद उन्होंने अपने करियर के बारे में फिर से सोचा और ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट के लिए तैयारी करने की बजाय उन्होंने 16 साल की उम्र में घर छोड़कर दिल्ली शिफ्ट होने के बारे में सोचा। उनके इस फैसले से उनके पेरेंट्स और उनके बीच काफी तनाव रहा।

दिल्ली में, कंगना रनौत नहीं सोच पा रही थी कि कौन-सा करियर चुनना है, तभी एलीट मॉडलिंग एजेंसी उनके लुक्स से प्रभावित हुई और उन्होंने सुझाव दिया कि वह उनके लिए मॉडलिंग करे। कंगना ने मॉडलिंग असाइनमेंट्स तो किए, लेकिन उन्हें यह बिल्कुल पसंद नहीं था। इसके बाद उन्होंने अपना सारा फोकस एक्टिंग की तरफ रखा और अस्मिता थियेटर ग्रुप जॉइन कर अरविंद गौड़ से ट्रेनिंग ली। उन्होंने इंडिया हैबिटेट सेंटर में गौर की थिएटर कार्यशाला में भाग लिया, जिसमें गिरीश कर्नाड-पटकथा तलादंडा सहित उनके कई नाटकों में अभिनय किया। परफॉर्मेंस के दौरान एक एक्टर नहीं आया, तो कंगना ने अपने किरदार के साथ-साथ उसका किरदार भी निभाया। दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने उन्हें फिल्म में करियर बनाने के लिए मुंबई ट्रांसफर करने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने आशा चंद्रा के नाटक स्कूल में चार महीने के एक्टिंग कोर्स के लिए दाखिला लिया।

इस दौरान उन्होंने कड़ा संघर्ष किया। अपने स्ट्रगल के दौरान उन्होंने सिर्फ रोटी और अचार खाकर अपना गुजारा किया। कंगना ने अपने पिता से सहायता लेने से भी इंकार कर दिया था, जिस वजह से उनके रिश्ते में ज्यादा तनाव रहा। कंगना के इस नए करियर को चुनने से उनके कई रिश्तेदार नाराज हुए और कई सालों तक उन्होंने कंगना से बात नहीं की।

2004-2008 : हिंदी फिल्मों में आगाज

साल 2004 में रमेश शर्मा और पहलाज निलानी ने एक घोषणा में कहा कि वह अपनी अगली फिल्म में कंगना रनौत को लॉन्च करें। इसके अगले साल, एक एजेंट उन्हें निर्माता महेश भट्ट के ऑफिस ले गया, जहां उन्होंने निर्देशक अनुराग बसु से बातचीत की और 'गैंगस्टर' की लीड कैरेक्टर के लिए ऑडिशन दिया। महेश भट्ट को लगा कि वह इस किरदार के लिए बहुत छोटी हैं और उन्होंने कंगना की बजाय चित्रांगदा सिंह को साइन किया। हालांकि चित्रांगदा इस फिल्म को किसी कारण नहीं कर पाई और तब यह फिल्म कंगना की झोली में आ गिरी। साल 2006 में यह फिल्म रिलीज हुई और 16 साल की कंगना की पहली फिल्म धमाकेदार रही।

इस फिल्म ने उन्हें एक प्रॉमिसिंग अभिनेत्री के रूप में इंडस्ट्री में खड़ा किया। उसके बाद उन्होंने फिल्मफेयर अवॉर्ड के बेस्ट फीमेल डेब्यू  से भी नवाजा गया था। इसके साथ-साथ उस साल कई अवॉर्ड उन्होने अपने नाम किए। इस के बाद उन्होंने मोहित सूरी निर्देशित 'वो लम्हे' में काम किया। कहा जाता है कि यह फिल्म अभिनेत्री परवीन बाबी और महेश भट्ट के रिश्ते पर बनी थी।

इसके अगले ही साल उन्होंने म्यूजिशियन सुनील दर्शन की थ्रिलर फिल्म 'शाकालाका बूम बूम' साइन की। इस बीच कंगना और दर्शन के बीच एक विवाद भी हुआ, जिसमें कंगन ने अपनी आवाज अन्य कलाकार द्वारा डब किए जाने पर आपत्ति जताई थी।

उनकी अगल फिल्म 'लाइफ इन एक... मेट्रो' थी। इस बीच कंगना ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम किया। साल 2008 में उन्होंने 'धाम धूम' नाम की तमिल फिल्म में भी काम किया। इंडियन फैशन इंडस्ट्री पर बनी फिल्म 'फैशन' में कंगना ने एक सुपर मॉडल का किरदार निभाया, जो सबस्टेंस एब्यूजिंग की आदि होती है। उस समय यह कहा जा रहा था कि यह फिल्म पूर्व गीतांजलि नागपाल पर बनी थी। दिल्ली महिला आयोग ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का आदेश दिया था, जिसके बाद फिल्म को एक स्क्रिप्ट नरेशन के बाद ही मंजूरी दी गई थी। फिल्म में कंगना रनौत की परफॉर्मेंस ने एक बार फिर सबका दिल जीता।

2009 से 2012 : अच्छे और बुरे किरदारों का सफर

kangana ranaut career

निर्देशक मोहित सूरी की सुपरनैचुरल हॉरर फिल्म 'राज: द मिस्ट्री कंटीन्यूज़' कंगना की साल 2009 में रिलीज फिल्म थी। साल 2010 में उन्होंने 'काइट्स' और 'वन्स अपॉन टाइम इन मुंबई' जैसी फिल्मों में काम किया। 'काइट्स' में उनका किरदार बहुत छोटा था, वहीं फिल्म 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई' में उनके किरदार को काफी सराहा गया। फिल्म की अपार सफलता ने कंगना को एक बार आगे खड़ा कर दिया।

कंगना के न्यूरोटिक किरदार सिनेमा में बखूबी चल रहे थे। उनके लिए कंगना को सराहा भी जा रहा था, मगर पर्सनली कंगना इन किरदारों को निभाते हुए हर बार थोड़ी-थोड़ी खाली हो रही थीं। ऐसे किरदारों का उन पर बहुत प्रभाव पड़ रहा था और इसी वजह से उन्होंने कुछ अन्य फिल्मों में, नए किरदारों को निभाया। फिल्म 'नॉक आउट' में वह एक रिपोर्टर की भूमिका में थी और 'नो प्रोब्लम' में एक हल्का-फुल्का मजाकिया किरदार उनके हिस्से में था। हालांकि यह दोनों ही फिल्में कुछ खास कमाल नहीं कर पाई।

एक अच्छी फिल्म की तलाश में कंगना ने आनंद एल. राय की फिल्म 'तनु वेड्स मनु' में एक कॉमेडी किरदार निभाया। अभिनेता आर. माधवन के साथ उनकी केमेस्ट्री लोगों को बहुत पसंद आई। कंगना का किरदार भी लोगों के दिलों में घर कर गया और यह फिल्म उनके लिए एक गेम चेंजर साबित हुई। इस फिल्म की सफलता के बाद, कंगना ने ऐसी चार बैक-टू-बैक कॉमेडी फिल्मों में काम किया, लेकिन वह फिल्म कुछ खास कर नहीं पाईं।

इसे भी पढ़ें : इन बॉलीवुड हसीनाओं ने बेहद कम उम्र में दुनिया को कहा था अलविदा, जानें क्या थी वजह

2013 से 2015 : एक सफल अभिनेत्री के रूप में करियर

साल 2013 में फिल्म 'शूटआउट एट वडाला' में संजय गुप्ता ने अभिनेता जॉन अब्राहम के साथ कंगना रनौत को एक छोटा सा रोल दिया। फिल्म जरूर चली, लेकिन फिल्म में कंगना के लिए कोई खास स्कोप नहीं था। उन्हें फिर एक बार सफलता मिली, जब उन्होंने राकेश रोशन की साइंस फिक्शन 'क्रिश 3' में एक अलग किरदार निभाया। आपको बता दें कि शुरुआत में यह फिल्म करने से कंगना ने मना कर दिया था, क्योंकि 'काइट्स' में वह अपने छोटे से रोल को लेकर काफी अपसेट थी। जब बाकी अभिनेत्रियों ने भी इस किरदार को निभाने से इंकार किया, तब राकेश रोशन ने फिर से एक बार कंगना को मनाया और आखिरकार कंगना इसे करने के लिए मान गई।

हिंदी सिनेमा में देर से ही, लेकिन कंगना के राज करने के दिन तब आए, जब उन्होंने साल 2014 में 'क्वीन' जैसी फिल्म में काम किया। इस फिल्म के साथ उन्होंने खुद को इंडस्ट्री में एक सफल अभिनेत्री के रूप में एस्टेब्लिश किया था। इस फिल्म के डायलॉग भी कंगना ने अन्विता दत्त गुप्तन के साथ मिलकर लिखे।

इस फिल्म में उन्होंने रानी नाम की एक भोली लड़की की भूमिका निभाई जो अपने मंगेतर से शादी टूटने के बाद अकेले अपने हनीमून पर चली जाती है और खुद को ढूंढती है। फिल्म के साथ-साथ कंगना के अभिनय की भी बहुत तारीफ हुई। आलोचकों ने उन्हें सराहा और बॉलीवुड की क्वीन घोषित किया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई और उन्होंने इसके लिए फिल्मफेयर पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दोनों जीते।

कंगना ने ब्लैक कॉमेडी 'रिवॉल्वर रानी' में एक आक्रामक राजनीति और राजनीतिक ड्रामा 'उंगली' में एक मेडिकल इंटर्न की भूमिका निभाकर सफलता हासिल की। इसी वर्ष उन्होंने एक अंग्रेजी भाषा की लघु फिल्म 'द टच' के साथ अपने प्रोडक्शन और निर्देशन की शुरुआत की, जिसमें चार साल के लड़के और एक कुत्ते के बीच के रिश्ते को दिखाया गया था। उन्होंने एक ऑस्ट्रेलियाई लेखक के साथ पटकथा का सह-लेखन किया और इसे अमेरिका में फिल्माया।

साल 2015 में कंगना 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' से वापिस आई और उन्होंने इस बार उन्होंने फिल्म में डबल रोल निभाया। फिल्म में एक एथलीट किरदार निभाने के लिए उन्होंने हरयाणवी सीखी और ट्रिपल जंप की ट्रेनिंग ली। फिल्म की सफलता से कंगना ने फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए लगातार दूसरा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। साथ-साथ फिल्मफेयर में एक और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का नॉमिनेशन में जगह पाई।

इसे भी पढ़ें : बॉलीवुड में एंट्री करने से पहले ही शादी के बंधन में बंध चुकी थीं ये अभिनेत्रियां

2017 से अब तक : क्वीन से थलाइवी का सफर

स्क्रीन से लंबे ब्रेक के बाद, कंगना ने विशाल भारद्वाज की रोमांटिक फिल्म 'रंगून' में 1940 के दशक की नायिका और स्टंट-महिला जूलिया के रूप में अभिनय किया। इस फिल्म के लिए उन्होंने हॉर्स राइडिंग और तलवारबाजी सीखी और अपने स्टंट भी खुद किए। इसी साल कंगना ने हंसल मेहता की फिल्म 'सिमरन' में भी काम किया। इस फिल्म में उन्होंने जिसमें उन्होंने अमेरिका में आपराधिक गतिविधियों में शामिल एक गुजराती अप्रवासी की भूमिका निभाई। उन्होंने सेट पर कई डायलॉग्स को सुधारने के लिए अपूर्व असरानी के साथ स्क्रिप्ट का श्रेय शेयर किया, लेकिन असरानी ने कंगना और मेहता पर स्क्रिप्ट में उनके योगदान को महत्व नहीं देने का आरोप लगाया था। एक बार फिर, फिल्म को मिक्स रिव्यूज मिले और व्यावसायिक रूप से असफल रही।

साल 2019 में कंगना की फिल्म 'मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी' रिलीज हुई। इस फिल्म के साथ कई सारी कॉन्ट्रोवर्सी भी जुड़ी। पहले फिल्म के निर्देशक और कंगना के बीच तनातनी को लेकर निर्देशक कृष फिल्म प्रोडक्शन से अलग हो गए। उसके बाद अभिनेता सोनू सूद और कंगना के बीच किसी मुद्दे के विवाद को लेकर सोनू भी इससे अलग हुए। कंगना ने इंटरव्यूज में बताया कि उन्होंने यह फिल्म अपने बलबूते पर बनाई है और इससे लोगों के अलग होने के बाद उन्हें अधिक लागत पर इसे फिर से बनाना पड़ा था।

हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक चली। इसे कुछ खास रिव्यूज भी नहीं मिले थे। इसी साल कंगना रनौत (देखें कंगना रनौत के ये शानदार ब्यूटी लुक्स) और राजकुमार की जोड़ी फिर एक बार देखने को मिली। फिल्म 'जजमेंटल है क्या' में उन्होंने एक मानसिक रूप से बीमार महिला का किरदार निभाया। बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म भी कमाल नहीं कर पाई।

साल 2020 में कंगना ने अश्विनी अय्यर तिवारी की फिल्म 'पंगा' में एक कबड्डी प्लेयर की भूमिका निभाई थी। फिल्म ने कमर्शियली कुछ खास सफलता हासिल नहीं की, लेकिन कंगना की दमदार परफॉर्मेंस को एक बार भी सराहना मिली। 

इस साल 2021 में अभी हाल ही में कंगना ने 'थलाइवी' नाम की बायोपिक में अभिनय किया है। उन्होंने और अरविंद स्वामी ने अभिनेता से राजनेता बने जे. जयललिता और एम. जी. रामचंद्रन की भूमिका निभाई। फिल्म को आलोचकों से मिली-जुली समीक्षा मिली और दोनों की भूमिका को लोगों ने बहुत पसंद किया।

कंगना के जीवन की सबसे बड़ी कॉन्ट्रोवर्सी

kangana ranaut controversy

  • कंगना ने शायद जब से अपने करियर की शुरुआत की, तब से ही वह किसी न किसी विवाद में उलझी रहीं। उनकी शुरुआती फिल्मों के बाद, लोगों ने मीडिया ने उनकी इंग्लिश का मजाक बनाना शुरू किया। इतना ही नहीं उनकी पर्सनल लाइफ भी हमेशा से सुर्खियों में बनी रही। अपने अफेयर्स से लेकर बॉलीवुड में बड़े-बड़े लोगों से पंगा लेने तक उनका नाम हमेशा खबरों में बना रहा है।
  • शुरुआती दिनों में, कंगना का नाम आदित्य पंचोली से जुड़ा था। आदित्य कंगना से 20 साल बड़े थे और पहले से ही शादीशुदा थे। धीरे-धीरे चीजें खराब होने लगीं और कंगना ने आदित्य पर उन्हें मानसिक रूप से टॉर्चर करने के गंभीर आरोप भी लगाए थे।
  • फिल्म 'राज' की शूटिंग के दौरान अध्ययन सुमन और कंगना रिलेशनशिप में आए थे, मगर यह रिश्ता काफी समय तक नहीं चला। दोनों का ब्रेकअप बहुत खराब हुआ था। अध्ययन और उनकी मां ने कंगना पर काला जादू करने तक का आरोप लगाया था। अध्ययन ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कंगना सिर्फ लोगों को इस्तेमाल करती हैं। अध्ययन ने बताया था कि वह उन्हें गालियां देती हैं और उनका फोन न उठाने पर उनके लोग अध्ययन और उनकी मां को हैरास करते हैं। 
  • साल 2012 में ब्लेंडर प्राइड फैशन वीक के दौरान वह एक वॉर्डरोब मालफंक्शन का शिकार हुई थीं। इसे काफी उछाला गया था और पब्लिसिटी स्टंट का नाम तक दिया गया था।
  • फिल्म 'क्रिश 3' के दौरान उनके और अभिनेता ऋतिक रोशन के अफेयर की खबरों ने जोर पकड़ा था। हालांकि उनके ब्रेकअप ने एक गंदा मोड़ तब लिया जब कंगना ने खुले आम ऋतिक रोशन पर आरोप लगाए थे और ई-मेल लीक, लीगल बैटल तक की बात को शामिल किया था।
  • साल 2018 में मीटू मूवमेंट के दौरान कंगना ने 'क्वीन' के निर्माता विकास बहल पर शोषण का आरोप लगाया था। 
  • साल 2019 में फिल्म 'मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी' की रिलीज से पहले करणी सेना ने फिल्म के मेकर्स को धमकी थी कि अगर फिल्म में रानी लक्ष्मीबाई के कैरेक्टर को खराब दिखाया जाएगा, तो मेकर्स को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इसके जवाब में कंगना ने बड़ी निडरता और ब्रेवरी के साथ जवाब दिया था कि चार इतिहासकार इस फिल्म को सर्टिफाई कर चुके हैं और उन्हें फिल्म सेंसर सर्टिफिकेट भी मिल चुका है। इसके बाद भी अगर करणी सेना मुझे ऐसे ही परेशान करती रहेगी तो वे जान लें कि मैं भी एक राजपूत हूं और मैं उन सबको बर्बाद कर दूंगी।
  • अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद,  कंगना ने मुंबई को अनसेफ बताया था। इसके बाद शिव सेना नेता संजय राऊत और कंगना रनौत के बीच काफी तनातनी हो गई थी। उनके कमेंट के बाद मुंबई के होम मिनिस्टर अनिल देशमुख ने भी कड़ी निंदा की थी और कहा था कि अगर कंगना को मुंबई अनसेफ लगता है तो उन्हें यहां नहीं रहना चाहिए। कंगना ने इसके बाद संजय राऊत को उन्हें डराने का आरोप लगाया था। इसके बाद, केंद्र सरकार  ने कंगना को 'Y Plus' सिक्योरिटी दी थी। कंगना के साथ 11 सीआरपीएफ के जवान उनकी सुरक्षा के लिए खड़े थे।
  • इसके बाद कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच बढ़े विवाद के बाद, बीएमसी अधिकारियों ने उन्हें 354/A म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट का एक नोटिस भेजा था। इस नोटिस में उनके बंगले में कई अल्ट्रेशन की बात की गई और उन्हें तोड़ा भी गया। इस पर भी काफी बवाल मचा था।
  • साल 2020 में उन्होंने तब सुर्खियां बटोरी, जब उन्होंने एक बुजुर्ग महिला को शाहीन बाग की बिलकिस बानो समझ लिया। अपने ट्वीट के कई सीरीज में उन्होंने बुजुर्ग महिला पर हमला किया। हालांकि इसके बाद उन बुजुर्ग महिला की पहचान महिंदर कौर के रूप में हुई। उनके ट्वीट्स की पंजाबी अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ ने कड़ी निंदा की थी। इसके बाद दोनों के बीच ट्वीट का एक संग्राम छिड़ गया था। इस तनाव में कंगना ने अपने एक ट्वीट में दिलजीत को करण जौहर (कंगना के साथ काम करना चाहते हैं करण जौहर, जानें क्यों?) का पेट बता दिया था, जिसके बाद उन्हें इंडस्ट्री के कई स्टार्स स्वरा भास्कर, रिचा चड्ढा, एमी विर्क, मिका सिंह और कई लोगों से उन्हें आलोचना प्राप्त हुई।
  • साल 2021 के फरवरी में , उन्हें मेट्रोपोलिटन मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने समन भेजा। यह समन लिरिसिस्ट जावेद अख्तर ने कंगना के खिलाफ इश्यू किया था। इस क्रिमिनकल कंपलेंट में बताया गया था कि कंगना ने 19 जुलाई 2020 के एक इंटरव्यू के दौरान अभिनेता सुशांत सिंह राजपूतके सुसाइड केस में उनका नाम भी जोड़ा था। 
  • मई 2021 में, कंगना का ट्विटर अकाउंट परमानेंट ससपेंड कर दिया गया था। इसका कारण था कि उन्होंने एक कॉन्ट्रोवर्शियल ट्वीट की एक सीरीज पोस्ट की थी। वेस्ट बंगाल असेंबली इलेक्शन 2021 के रिजल्ट के आधार पर ये पोस्ट्स किए गए थे, जिसके बाद ट्विटर ने उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया।

कंगना की आइडियोलॉजी

कंगना दक्षिणपंथी विचारधाराओं के साथ पहचान रखती हैं। वह भारतीय जनता पार्टी और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की समर्थक हैं। वह अक्सर सोशल मीडिया पर टिप्पणियां करती रहती हैं और अक्सर अपने राजनीतिक विचार व्यक्त करती हैं। अभी हाल ही में कंगना प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) की ब्रांड एंबेसडर भी बनी हैं।

कंगना को मिल चुके हैं ये अवॉर्ड्स

 
 
 
View this post on Instagram

A post shared by Kangana Thalaivii (@kanganaranaut)

 

कंगना रनौत को चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुके हैं- 'फैशन' के लिए सर्वश्रेष्ठ सपोर्टिंग एक्ट्रेस का पुरस्कार और तीन सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार, 'क्वीन' (2014) और 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' (2015) और 'मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी' (2019) 'पंगा' (2020) के लिए। उन्होंने पांच फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीते हैं। इसके अलावा 2020 में, कंगना को आर्ट्स में उनके योगदान के लिए, भारत सरकार द्वारा चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। 

Recommended Video

कंगना के आने वाले प्रोजेक्ट्स

कंगना के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की बात करें, तो वह रजनीश घई के निर्देशन में बन रही 'धाकड़' फिल्म में नजर आने वाली हैं। इसमें उनके साथ अर्जुन रामपाल और दिव्या दत्ता स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। फिल्म का पोस्टर और टीजर हाल ही में लांच किया गया था, जिसे लोगों ने खूब पसंद भी किया था। फिल्म अगले साल 8 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसी के साथ ‘तेजस' में कंगना एक एयरफोर्स ऑफिसर की भूमिका में दिखाई देंगी।

बॉलीवुड क्वीन कंगना के जीवन से जुड़ी ये बातें जानकर आपको कैसा लगा, हमें जरूर बताएं। अगर हमने कुछ मिस किया हो, तो उसे भी बताएं। यह लेख पसंद आया तो इसे लाइक और शेयर करें और इस तरह के अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।

Image Credit: Instagram@kanganaranaut