हमारे देश में शिक्षा, कानून, संस्कृति, महिलाओं की सुरक्षा, सभ्यता और धर्म से जुड़ी कई बातें की जाती हैं, लेकिन इन सब बातों से परे एक सच्चाई ये भी है कि भारत उन देशों में से एक है जहां महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। यही नहीं कई रिपोर्ट्स भी ये कहती हैं कि महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देशों में से एक है। यहां उदाहरण में भी महिलाओं के शरीर का उपहास बनाया जाता है और इसका ताज़ा उदाहरण दिया है राजस्थान की कांग्रेस सरकार के मंत्री राजेंद्र सिंह गुढा ने। 

हाल ही में उन्होंने राजस्थान के झुंझनू में एक स्थानीय कार्यक्रम में कहा है कि, 'उनके इलाके की सकड़ें कैटरीना कैफ के गालों जैसी होनी चाहिए।' आपको बता दें कि महज कुछ दिन पहले ही इन्हें सैनिक कल्याण, होम गार्ड्स, पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्री का प्रभार सौंपा गया है। 

राजेंद्र सिंह गुढा ने जिस तरह से इस बारे में हंसते हुए कमेंट किया है उसके बारे में सोचकर ही अजीब लगता है। ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वारयल हो रहा है और लोग इसपर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।  

पहले भी आ चुके हैं इस तरह के बयान-

ये पहली बार नहीं है जब इस तरह का कोई बयान किसी मंत्री ने दिया हो और सड़कों को किसी हिरोइन से कम्पेयर करने की कोशिश की है, इससे पहले हेमा मालिनी के साथ भी ऐसा हो चुका है। चलिए पहले कुछ उदाहरणों की बात कर लेते हैं कि इसके पहले ऐसा कब हुआ था। 

इसे जरूर पढ़ें- कुलगाम हमले में शहीद हुए थे नायक दीपक, 3 साल बाद पत्नी ज्योति नैनवाल बनी सेना में लेफ्टिनेंट 

हेमा मालिनी के गालों जैसी सड़क- 

आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव ने 2005 में एक कथित बयान दिया था कि बिहार की सड़कें जल्दी ही हेमा मालिनी के गालों जैसी हो जाएंगी। इस बयान को आड़े हाथों लिया गया और बाद में लालू यादव ने दावा किया कि ऐसा बयान उन्होंने नहीं दिया था बल्कि ये बयान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दिया था।  

2013 में उत्तर प्रदेश खादी और ग्राम उद्योग मंत्री राम पांडे ने कहा था कि प्रतापगढ़ जिले की सड़कें हेमा मालिनी और माधुरी दीक्षित के गालों की तरह हो जाएंगी। तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव ने इस कमेंट के कारण उन्हें पद से हटा दिया था।  

roads like hema malini

इसी साल भाजपा लीडर और छत्तीसगढ़ पीडब्लूडी मिनिस्टर बृजमोहन अग्रवाल ने उनके राज्य की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों से जोड़ा था और स्थानीय पत्रिका पर उनके सपोर्टर्स ने एक फुल पेज विज्ञापन भी छपवाया था जिसमें सड़कों को हेमा मालिनी के गालों से जोड़ा जा रहा था। उस विज्ञापन में लिखा था 'स्वपन सुंदरी समान प्रदेश की चमचमाती सड़कें।' 

2019 में भी मध्य प्रदेश के कानून मंत्री पीसी शर्मा ने इसी तरह की बात कही थी, लेकिन यहां पर उन्होंने कहा था कि, 'मध्यप्रदेश की सड़कें वॉशिंगटन जैसी बनाई गई थीं और एक बारिश के बाद इतने गड्ढे हो गए जैसे मुंह पर चेचक के दाग हों। ये स्थिति कैलाश विजयवर्गीय के गालों की तरह हो गई है और कांग्रेस सरकार इसे हेमा मालिनी के गालों की तरह बना देगी।' 

इसी तरह छत्तीसगढ़ कमर्शियल टैक्स (एक्साइज) और इंडस्ट्री मिनिस्टर कावासी लाख्मा ने ऐसा ही एक कमेंट 2019 में किया था।  

महिलाओं के अंगों से सड़कों को कम्पेयर करना कितना सही? 

जो भी लोग इसे मज़ाक कहकर टालना चाहें वो पहले ऊपर के उदाहरण पढ़ें और ये बताएं कि किसी महिला के शरीर के किसी भी अंग का इस तरह से उपहास क्या सही माना जा सकता है? भारत एक ऐसा देश है जहां पर देवी की पूजा की जाती है और महिला को मां का दर्जा दिया जाता है, लेकिन शायद ये हमारा दुर्भाग्य है कि हम जिस भी चीज़ को मां मानते हैं उसे बहुत ही हल्के में ले लेते हैं।  

Recommended Video

इसे जरूर पढ़ें- भारत की इन 5 राजकुमारियों ने किए अनोखे काम, समाज से लड़कर बनाए अपने नियम 

गंगा मइया से ज्यादा मैली इस समय कोई नदी नहीं है, धरती मां से प्यार करते हुए भी उसकी कद्र नहीं करते और सड़कों पर थूंकना अपना परम सिद्ध अधिकार समझते हैं, मां और बहनों की कद्र करते हैं, लेकिन भद्दी भाषा में उन्हीं के नाम को मैला करते हैं। दुर्गा मां की पूजा तो करते हैं, लेकिन लड़कियों और महिलाओं पर अत्याचार के जितने तरीके सोच सकते हैं उतने करते हैं।  

ये सही नहीं है कि आप किसी भी महिला के लिए इस तरह का कमेंट करें। सिर्फ महिला के लिए ही नहीं इस तरह की तुलना किसी भी इंसान की नहीं होनी चाहिए क्योंकि इस तरह से आप सिर्फ उसका उपहास ही कर रहे हैं। इस बारे में आपका क्या सोचना है ये हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।