राज कपूर के जीवन से जुड़े ये 2 बड़े राज आप भी जानें

भारतीय सिनेमा में 'शो मैन' के नाम से चर्चित राज कपूर बेशक अब हमारे बीच नहीं है, मगर उनसे जुड़े कई किस्से आज भी मशहूर हैं। फिर बात चाहे एक्ट्रेस नरगिस के साथ उनके लव अफेयर की हो, मूवीज में एक्ट्रेसेस से बोल्ड सीन करवाने की हो या फिर उनके परिवार से जुड़ा कोई राज हो, राज कपूर से जुड़ी हर बात आज भी उनके फैंस जानना चाहते हैं।
आज हम भी आपको राज कपूर की लाइफ से जुड़े दो ऐसे राज बताने जा रहे हैं, जो शायद आपको पहले न पता हों। यह राज उनके परिवार से जुड़े हैं और राज कपूर के जीवन में इन दोनों ही घटनाओं का गहरा असर भी पड़ा था।
पहला राज
यह बात तो सभी जानते हैं कि ऑन स्क्रीन और ऑफ स्क्रीन नरगिस और राज कपूर की कैमिस्ट्री क्या थी। दोनों की मोहब्बत के चर्चे केवल इंडस्ट्री में नहीं थे बल्कि राज कपूर के घर में भी सभी जानते थे कि राज कपूर और नरगिस एक दूसरे से कितनी मोहब्बत करते हैं। यहां तक की राज कपूर की वाइफ कृष्णा राज कपूर को भी यह बात पता थी। हालांकि, यह जानते हुए भी उन्होंने पति राज कपूर से मुंह नहीं मोड़ा और उनके 5 बच्चों की पूरे लगन के साथ परवरिश करती रहीं।
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मगर राज कपूर ने भी अपनी वाइफ कृष्णा राज कपूर को कभी अकेला नहीं छोड़ा। नरगिस को पूरी उम्मीद थी कि राज कपूर उनसे शादी कर लेंगे, मगर राज कपूर ने नरगिस को यह बात साफ कर दी थी कि वह अपने बच्चों की मां को कभी भी अकेला नहीं छोड़ सकते। इस बात से खफा हो नरगिस ने आरके स्टूडियो द्वारा बनी फिल्म 'जागते रहो' में काम करने के बाद कभी भी इस स्टूडियो में पैर न रखने की कसम खा ली थी। यह फिल्म वर्ष 1956 में पूरी हुई थी और वर्ष 1958 में नरगिस ने अपने को-स्टार सुनील दत्त से शादी कर ली थी।
अपनी किताब 'खुल्लम-खुल्ला' में ऋषि कपूर ने इस बात का जिक्र किया है, 'मेरी शादी आरके स्टूडियो से हुई थी। शादी का बहुत बड़ा जश्न रखा गया था। मेरी शादी में फिल्म जगत के सभी सितारे शामिल हुए थे। 24 वर्षों के बाद नरगिस जी ने भी आरके स्टूडियो में कदम रखे थे। वो अपने पूरे परिवार के साथ मेरी शादी में शामिल होने आई थीं। मगर मुझे बाद में मालूम चला कि वह बेहद नर्वस थीं। मेरी मां ने उनकी इस नर्वसनेस को भांप लिया था और वह उनके पास जा कर बोली थीं, ' मेरे पति बहुत हैंडसम हैं और रोमांटिक भी, उनके प्रति आकर्षित होने की बात को मैं समझ सकती हूं। मगर अपने पास्ट को अपने उपर हावी न होने दें। आप मेरे घर खुशी के मौके पर आई हैं और मेरी दोस्त हैं।''
कृष्णा राज कपूर के इस व्यवहार ने नरगिस का दिल जीत लिया था और उसके बाद नरगिस कम्फर्टेबल हो पाई थीं।
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दूसरा राज
वर्ष 1985 की बात है। आरके स्टूडियो के द्वारा बनाई गई फिल्म ' राम तेरी गंगा मैली हो गई' में राज कपूर ने अपने सबसे छोटे बेटे राजीव कपूर को लॉन्च किया था। फिल्म में राजीव के ओपोजिट मंदाकिनी थीं। यह फिल्म लोगों को बेहद पसंद आई और बॉक्स ऑफिस पर हिट हो गई। मगर इस फिल्म की कामयाबी का पूरा जिम्मेदार मंदाकिनी को ठहराया गया ।
दरअसल, फिल्म में मंदाकिनी ने झरने के नीचे बैठ कर व्हाइट साड़ी में एक सीन दिया था। इस फिल्म में मंदाकिनी द्वारा अन्य भी कई बोल्ड सीन दिए गए थे। इन्हें लोगों ने बहुत पसंद किया था और मंदाकिनी रातों-रात स्टार बन गई थीं। इस बात से खफा हो रजीव कपूर ने अपने पिता राज कपूर से कहा था कि वह अब एक और फिल्म बनाएं, जिसमें उनका किरदार मजबूत हो। मगर राज कपूर ने ऐसा करने की जगह उन्हें फिल्मों में एसिस्टेंट बना लिया और राजीव से वह सारे काम करवाए जो एक स्पॉट बॉय करता है। हालांकि, राजीव ने कई दूसरी फिल्मों में काम किया, जो आरके स्टूडियो द्वारा नहीं बनाई गई थी और उनमें से एक भी फिल्म नहीं चली। इस फिल्म के बाद राज कपूर और राजीव कपूर के रिश्तों में काफी कड़वाहट आ गई थी।
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