पूरे देश को इस वक्‍त कोरोना वायरस संक्रमण ने कड़ी चुनौती दे रखी है। लॉकडाउन की वजह से सभी इस वक्‍त अपने-अपने घरों में हैं। यहां तक की कुछ ऐसे क्षेत्र भी है जो पूरी तरह सील्‍ड किए जा चुके हैं। यूपी के ही 15 जिलों के 114 इलाकों को सील्‍ड कर दिया गया है।

ऐसे में सबसे बड़ी समस्‍या है रोजमर्रा का जरूरी सामान, दवाएं और अन्‍य ऐसी चीजों को खारीदने की इस लॉकडाउन में आसानी से उपलब्‍ध नहीं हो रही है। खासतौर पर, दवाएं। इस परिस्थिति का सामना बड़े और छोटे दोनों ही शहर में रहने वाले लोग कर रहे हैं। मगर, दिल्‍ली से सटे नोएडा से निराशा में आशा भर देने वाली एक खबर आई है। 

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UP Government Lockdown ePass

खबर यह है कि नोएडा की रहने वाली रेडियो सिटी की क्रिएटिव हेड कनुप्रिया अग्रवाल ने इस लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए पीलीभीत में रहने वाले अपने फादर इन लॉ को उनकी जरूरी और दुर्लभ दवाएं प्रशासन की मदद से पहुंचवा दीं। कनुप्रिया अब अन्‍य लोगों के लिए एक उदाहरण बन चुकी हैं। इस कठिन परिस्थिति में अपनों तक जरूर सामान कैसे भिजवाया जाए और वह भी सीनियर सिटिजेंस की जरूरतों को दूर रह कर कैसे पूरा किया जा सकता है यह कोई कनुप्रिय से सीखें।

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हमने कनुप्रिया से टेलिफोनिक बातचीत में पूरा प्रोसेस जानने की कोशिश की तो उन्‍होंने बताया, 'लॉकडाउन जब अनाउंस किया गया था तब ही मैंने कोशिश की थी कि पिता जी की दवाएं उनतक पहुंचा दें। मगर वह नहीं मिली। पीलीभीती में तो पहले से ही उनकी दवाएं नहीं मिलती थीं और हम उन्‍हें दिल्‍ली या फिर ऑनलाइन ऑर्डर करके भिजवाते थे। मगर, लॉकडाउन की वजह से इस बार ऐसा संभव नहीं हो पाया। तब मैंने सोमवार रात पीलीभीत डीएम, यूपी पुलिस सहित सरकारी अमले को टैग करते हुए ट्वीट किया।' क्या बढ़ रहा है Coronavirus Lockdown? भारतीय रेलवे ने उठाया ये बड़ा कदम

अपने ट्वीट में कनुप्रिया ने अनुरोध किया कि उनके फादर इन लॉ हार्ट के मरीज हैं। बहुत कोशिश करने के बाद भी वह उनके लिए जरूरी दवाएं जो डॉक्‍टर द्वारा उन्‍हें प्रिस्‍क्राइब की गई हैं, अरेंज नहीं कर पाए हैं। 10 अप्रैल से पहले उनके पास यह दवाएं पहुंचना बहुत जरूरी है। इस लॉकडाउन में अब उनके पास प्रशासन की मदद लेने के अलावा कोई रास्‍ता नहीं है। 

कनुप्रिया बताती हैं, 'अगले ही दिन पीलीभीत डीएम ने मैसेज कर मेरा नंबर मांगा। मुझे फोन किया और वॉट्सऐप के द्वारा मुझसे जरूरी दवाओं की सूची मंगवाई। पीलीभीत सीएमओ ने भी मुझे कॉल किया। मात्र 12 घंटों के अंदर ही पीलीभीत सीएमओ ने मेरे फादर इन लॉ को दवाएं पहुंचाई। बेस्‍ट बात तो यह थी दवा देने भी एक डॉक्‍टर को ही भेजा गया था। डॉक्‍टर ने सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करते हुए घर के बाहर ही दवाएं रख दी और मेरे फादर इन लॉ को दवाएं कैसे लेनी हैं यह भी समझाया। ' Viral Video: अमिताभ बच्‍चन, आलिया भट्ट, रणबीर कपूर सहित कई कलाकारों ने मिलकर बनाई कोरोना के खिलाफ ये खास फिल्‍म

 

कनुप्रिया, खुद भी आजकल वर्क फ्रॉम होम कर रही हैं। नोएडा में रहने के कारण वह अपने फादर इन लॉस से हर दिन बात कर उनकी सेहत के बारे में तो पूछ ही लेती हैं साथ ही हर वीकेंड पर वीडियो कॉल कर पूरी फैमिली एक साथ ब्रेकफास्‍ट भी करती हैं।

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इस कठिन समय में बहुत सारे लोग अपनी परिवार से दूर सेल्‍फ क्‍वारंटीन में हैं। ऐसे वक्‍त में अपनों के साथ फसलों को कैसे मिटाना यह आप कनुप्रिया से सीख सकते हैं। कनुप्रिया दूसरों को भी यही मेसेज देती हैं, ' अगर आपका कोई अपना दूर है। खासतौर पर कोई सीनियर सिटिजन हैं और उसे जरूर दवाएं या सामान नहीं मिल पा रहा है तो घर से बाहर निकलने की जगह आपको जिले की डीएम और सीएमओ से संपर्क करना चाहिए। आपको हर जरूरी मदद मिल जाएगी। '

पीलीभीत प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम वाकई सराहनीय है। साथ ही कनुप्रिया ने समय रहते जो स्‍टेप उठाया वह भी सभी के लिए सीख है। पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा लागू किए गए इस 21 दिन के लॉकडाउन का पालन करें। यह आपकी आपके अपनों की सेहत के लिए अनिवार्य है। 

 Image Credit: Kanupriya