बच्चे की परवरिश करना इतना भी आसान नहीं होता। बच्चे का पालन-पोषण करते समय माता-पिता को कई तरह के चैलेंजेस का सामना करना पड़ता है। यह समस्या तब और भी ज्यादा बढ़ जाती है, जब दोनों पार्टनर का पैरेंटिंग स्टाइल अलग हो। चूंकि दो लोगों का स्वभाव व उनकी सोच अलग होती है, ऐसे में उनका पैरेंटिंग स्टाइल भी अलग होना भी स्वाभाविक है। हो सकता है कि आप सब काम डिसिपिलिन में करना पसंद करती हों। आप एक स्ट्रिक्ट और कंट्रोलिंग मां हो, वहीं दूसरी ओर, आपका पार्टनर Permissive या Uninvolved हो। ऐसे में बच्चे की परवरिश को लेकर आपके बीच आपसी मतभेद हो सकते हैं और इसका असर बच्चे पर भी पड़ता है।

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ऐसे बच्चे अधिकतर कंफ्यूजन की स्थिति में रहते हैं। कभी वह स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं तो कभी उन्हें समझ ही नहीं आता कि वह वास्तव में किसकी बात मानें। जहां एक ओर बच्चा अलग-अलग पैरेंटिंग स्टाइल के कारण परेशान हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, माता-पिता का बच्चे की परवरिश को लेकर एकमत ना होने पर उनके बीच भी तनाव पैदा होता है। उन दोनों के मन में भी यही उलझन रहती है कि इस स्थिति से कैसे निकला जाए। अगर आप भी इसी सवाल का हल ढूंढ रही हैं तो परेशान ना हो। चलिए आज इस लेख में हम आपको इस सवाल का जवाब दे रहे हैं-

खींचातानी नहीं

partner has different parenting style inside

अगर आप सच में चाहती हैं कि बच्चे पर किसी भी तरह का नकारात्मक असर ना पड़े और आपके अपने पार्टनर के साथ भी रिश्तों में कोई तनाव पैदा ना हो तो कभी भी सिर्फ अपनी बात मनवाने की कोशिश ना करें। इसका सबसे बेहतर तरीका है कि आप दोनों पैरेंटिंग स्टाइल को मिलाकर बच्चे का पालन-पोषण करने का प्रयास करें। कोई भी पैरेंटिंग स्टाइल पूरी तरह से परफेक्ट नहीं होता। ऐसे में आप दोनों आपस में बात करके आपसी सहमति से यह विचार करें कि आप बच्चे को किस तरह बड़ा करना चाहते हैं।

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ना बनें डिफेंसिव

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अक्सर यह देखने में आता है कि महिलाएं अपने पैरेंटिंग स्टाइल को लेकर काफी डिफेंसिव हो जाती है और सिर्फ उसे ही सही साबित करना चाहती हैं। अगर आप भी ऐसा ही करती हैं तो अब ऐसा ना करें। बेहतर होगा कि आप अपने पैरेंटिंग स्टाइल की कमियों को खुले दिल से स्वीकारें और पार्टनर के पैरेंटिंग स्टाइल की अच्छाईयों को अपने पैरेंटिंग स्टाइल में शामिल करें। उदाहरण के तौर पर, अगर आप बेहद स्ट्रिक्ट हैं और आपका पार्टनर Permissive है तो आप मिलकर यह सुनिश्चित करें कि आप बच्चे की पढ़ाई को लेकर स्ट्रिक्टनेस बरतेंगी या फिर उसे जीवन में अनुशासित होना सिखाएंगी, लेकिन जब आपका फैमिली टाइम होगा तो आप भी Permissive हो जाएंगी और अपने कंट्रोलिंग बिहेवियर को एक तरफ रखकर बच्चे और फैमिली के साथ खुलकर मस्ती करेंगी। इस तरह आप दोनों पैरेंटिंग स्टाइल की अच्छाईयों को अपनाकर बच्चे को बेहतर परवरिश दे सकती हैं। 

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एक ही टीम

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माता-पिता के बीच अक्सर खींचातानी का एक मुख्य कारण यह होता है कि दोनों ही बच्चे को अपने-अपने तरीके से बड़ा करना चाहते हैं और इसलिए उन्हें पार्टनर का व्यवहार पसंद नहीं आता। इसी वजह से बच्चे और उनके आपसी रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आप दोनों को ही यह समझने की जरूरत है कि आप दोनों एक ही टीम है और यह parenting journey को आप साथ में मिलकर ही बेहतर तरीके से एन्जॉय कर सकते हैं। इसलिए बच्चे की पर्सनैलिटी को निखारने के लिए आप दोनों साथ बैठकर बात करें और एक-दूसरे को कुछ useful टिप्स दें। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करें कि बच्चे की परवरिश में क्या कमियां हैं और उन्हें आप दोनों किस तरह दूर करके एक हैप्पी माहौल बना सकती हैं।