रामनगरी अयोध्या श्रीराम मंदिर भूमि पूजन 5 अगस्त को हो रहा है। पिछले कई महीनों से जो तैयारी चल रही थी वो अब पूरी हो चुकी है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमि पूजन और आधारशिला रखते ही इस मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो जायेगा। भूमि पूजन में जहां राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मौजूद रहेंगी, वहीं इस शिलान्यास में कुछ गिने-चुने ही नेता और साधु-संत ही रहेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से देखते हुए निमंत्रण पत्र को भी सुरक्षा कोड के साथ हाईटेक बनाया गया है। इस मौके पर देशभर के 135 विशिष्ट साधु और संतो के साथ कार्यक्रम में मात्र 175 विशेष अतिथियों को ही शामिल होने का आमंत्रण पत्र भेजा गया है। वहीं श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए देश के कई राज्यों से विशेष भेंट भी भेजी गई है। भूमि पूजन में और क्या-क्या खास बाते हैं और सबसे अधिक किस चीज को लेकर चर्चा हो रही है चलिए जानते हैं।

हाईटेक निमंत्रण पत्र

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श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्‍ट की ओर से कहा गया है कि आमंत्रण पत्र ही भूमि पूजन परिसर के लिए प्रवेश पत्र है। आगे बताया गया है कि इस आमंत्रण पत्र पर सुरक्षा को देखते हुए एक बार कोड लगाया गया है, जो मंदिर परिसर में प्रवेश करने के लिए लगाया गया है, जिसे एक बार ही इस्तेमाल किया जा सकता है। आगे कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति एक बार अंदर आने के बाद बहार जा कर फिर से अंदर आना चाहे तो वो प्रवेश नहीं कर सकता। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही प्रधानमंत्री के आगमन से पहले ही सभी अतिथियों को आने के लिए निवेदन किया गया है। वहीं इस शिलान्यास में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक के संघचालक मोहन भागवत को भी आमंत्रण पत्र भेजा गया है।  

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101 जगहों से मिट्टी और जल

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श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए देश भर से कुछ ना कुछ विशेष सौगात भेजी गई है। कहा जा रहा है कि बिहार से 101 जगहों की मिट्टी और जल को मंदिर के भूमि पूजन के लिए भेजा गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिहार के चंपारण जिले में वाल्मिकी नगर एक जगह है ,जिसके बारे में कहा जाता है कि माता सीता यहीं अपने बेटे लव और कुश के साथ रहती थी। यहां से भी अयोध्या में राम मंदिर मिर्माण के लिए मिट्टी भेजी गई है। वहीं बिहार के सीतामढ़ी से भी मिट्टी भेजी गई है।  

उत्तराखंड से मिट्टी और जल  

 

देव भूमि उत्तराखंड से भी राम मंदिर के निर्माण के लिए चारों धाम से मिट्टी और जल मंदिर के ट्रस्ट को सौंपा गया है। धार्मिक नदी से जल और रेत भूमि पूजन में इस्तेमाल किया जाएगा।

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राम मंदिर मॉडल

पिछले दो-तीन दिन से सोशल मिडिया पर अयोध्या राम मंदिर मॉडल की तस्वीर खूब वायरल हो रही है। कहा जा रहा है कि मुख्या मंदिर में गुंबदों की संख्या 5 है और इसकी ऊंचाई लगभग 161 फिट है। इसके अलावा इस भवन में लगभग 16 मूर्तियां होंगी। इसके अलावा गर्भगृह के आसपास 5 बड़े-बड़े गुंबद होंगे। मंदिर के परिसर में बागवानी से साथ-साथ पार्किंग और सैलानियों के घूमने-फिरने के लिए कई छोटे-छोटे पार्क भी इस मॉडल में है ऐसा बताया जा रहा है। देश के गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपने अधिकारिक ट्विटर अकाउंट से इस मॉडल को शेयर किया है।

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इस समय है मुहूर्त

 

खबरों के मुताबिक भूमि पूजन के लिए जो मुहूर्त निकला गया है वो 12 बजकर 15 मिनट और 15 सेकंड का है। वहीं इस पूजा के लिए वाराणसी और देश के कई अन्य दूसरी जगहों से भी विशिष्ट पंडितों को अयोध्या बुलाया गया है।    

9 नवंबर 2019

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आपको याद होगा कि देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की खंडपीठ ने 9 नवंबर 2019 को फैसले में बाबरी मस्जिद की विवादित 2.77 एकड़ की जमीन श्रीराम जन्मभूमि को देने का फैसला दिया था। वहीं इस फैसले में मुसलमानों को मस्जिद बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन देने का फैसला दिया। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वर्ष 1992 से बाबरी मस्जिद गिरा दिया गया था जिसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट में था।

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Image credit:(@Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra,twitter,)