मुगल बादशाह शाहजहां के शासन काल को भारत के इतिहास का गोल्डन पीरियड कहा जाता है। यह भी कहा जाता है कि शाहजहां के शासन में प्रजा बहुत खुश थी। भारत का सबसे ज्यादा विकास और भारत में सबसे ज्यादा इमारतों का निर्माण भी इसी काल में हुआ। शाहजहां ने ही ताजमहल का निर्माण कराया था। प्यार के प्रतीक की निशानी के रूप में देखा जाने वाले आगरा के ताजमहल की गिनती दुनिया के सात अजूबों में होती है,जिसे सन 1631 से 1643 के बीच मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। 

हालांकि, जब भी मुगल बादशाह शाहजहां की बेगमों के बारे में बात करते हैं, तो हमारे जहन में सबसे पहला नाम मुमताज महल का आता है। क्योंकि शाहजहां और मुमताज महल की प्रेम कहानी से कौन वाकिफ नहीं है, भला। लेकिन क्या आपको पता है कि शाहजहां की बेगम मुमताज महल के अलावा भी और भी कई बेगमें थीं। जी हां,आज हम आपको मुगल बादशाह शाहजहां की कुछ ऐसी बेगमों के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है, आइए जानते हैं... 

मुगल साम्राज्य का दौर 

मुगल साम्राज्य का दौर लगभग सन 1526 से 1707 तक रहा, जिसकी स्थापना बाबर ने पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर की थी। इसके बाद हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां आदि के बाद अंतिम मुगल शासक औरंगजेब था। जिन्होंने अपने शासन के दौरान समाज का निर्माण किया। इसके अलावा, कुछ महिलाएं भी थी, जिन्हें अपना योगदान नीति-निर्माण में दिया। 

कौन था मुगल बादशाह शाहजहां? 

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अकबर के पोते शाहजहां मुगल साम्राज्य के सबसे महान बादशाहों में से एक थे। शाहजहां का जन्म 5 जनवरी, 1592 को लाहौर में हुआ था। शाहजहां के माता- पिता का नाम जहांगीर और जगत गोसाई यानि जोधाबाई था। (जहांगीर की बेगमें) शाहजहां और मुमताज महल की प्रेम कहानी से कौन वाकिफ नहीं है, भला। शाहजहां ने 1628 से 1658 तक करीब 30 साल शासन किया और उन्होंने अपने शासनकाल में कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कार्य करवाए थे। साथ ही, उन्होंने आगरा में अपनी एक बेगम के लिए ताजमहल को भी बनवाया था। हिन्दुस्तान पर अकबर ने कई साल शासन किया था, इस दौरान अकबर ने कई शादियां भी की।

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कंधारी बेगम

कंधारी बेगम शाहजहां की पहली पत्नी थीं। वह फारस की राजकुमारी और सफविद वंश के राजकुमार सुल्तान मुजफ्फर हुसैन मिर्जा की सबसे छोटी बेटी थीं। उनका जन्म अफगानिस्तान के कंधार में हुआ था और उन्होंने 12 दिसंबर 1609 को शाहजहां से शादी की थी। कंधारी बेगम की सौतेली मां राजकुमारी खानम सुल्तान थीं, जो बादशाह अकबर की बेटी और बादशाह जहाँगीर की बहन थीं। कहा जाता है कि कंधारी बेगम बहुत ही रूहानी मिजाज़ की महिला थीं जिसकी वजह से वह ज्यादातर महल से अलग रहा करती थीं। (अकबर की बेगमें)

अर्जुमंद बानो बेगम 

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अर्जुमंद बानो बेगम को मुमताज महल के नाम से भी जाना जाता है और मुमताज महल के नाम से कौन वाकिफ नहीं है भला। यह शाहजहां की सबसे खास बेगम थीं। शाहजहां मुमताज महल से बेहद प्रेम करते थे। वह नूरजहां के बड़े भाई की बेटी थीं। मुमताज महल ने 30 अप्रैल 1612 को आगरा में शाहजहां से शादी की। उनकी सगाई 30 जनवरी 1607 को हुई थी लेकिन 5 साल बाद उन्होंने शादी कर ली। 17 जून 1631 को उनकी मृत्यु हो गई और उन्होंने शाहजहां के 14 बच्चों को जन्म दिया। वह 1628 से 1631 तक मुगल साम्राज्य की मुख्य पत्नी और महारानी थीं। उनकी बेटी गौहर बानो बेगम को जन्म देते समय उनकी मृत्यु हो गई और उन्हें ताजमहल में दफनाया गया। 

अकबराबादी महल 

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मुमताज महल के अलावा अकबराबादी महल भी शाहजहां की बेगम थीं। अकबराबादी महल को इज़्ज़ उन निस्सा बेगम के नाम से भी जाना जाता है। यह शाहजहां की चौथी पत्नी थीं इन्होंने शाहजहां से शादी 2 सितंबर 1617 को हुई थी। बता दें कि अकबराबादी महल शाहनवाज खान की बेटी और अब्दुर रहीम खान ए खाना की पोती थी। वह प्रधानमंत्री बैरम खान की परपोती और सम्राट अकबर के पालक पिता भी थीं। उन्होंने 25 जून 1619 को एक बेटे सुल्तान जहान अफरोज मिजरा को जन्म दिया, लेकिन मार्च 1621 में उनकी मृत्यु हो गई थी।

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इसके अलावा, शाहजहां की और कई बेगमें जैसे फतेहपुरी महल, सरहिंदी बेगम आदि थीं, जिन्होंने मुगल शासनकाल में अपनी एक अहम भूमिका निभाई थी। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

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