• Shadma Muskan
  • Editorial19 Aug 2021, 18:36 IST

आगरा में मौजूद हैं शाहजहां की ये खूबसूरत इमारतें

आगरा में ताजमहल के अलावा शाहजहां द्वारा बनवाई गई कई ऐसी खूबसूरत इमारतें व स्मारकें मौजूद हैं, जिनकी खूबसूरती भी लोगों को काफी आकर्षित करती है।
  • Shadma Muskan
  • Editorial19 Aug 2021, 18:36 IST
agra places

प्राचीन काल से लेकर अब तक भारत में मुगलों द्वारा बनवाए गए कई मकबरे, भवन और किले मौजूद हैं, जो बेहद खास हैं। आगरा में भी ताजमहल के अलावा शाहजहां द्वारा बनवाए गए कई ऐसे मशहूर और पुराने मकबरे, स्मारकें, महल मौजूद हैं, जो आज विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। इन्हें आपको भी ज़रूर देखना चाहिए क्योंकि इन ऐतिहासिक जगहों पर हर साल लाखों सैलानी भी घूमने के लिए पहुंचते हैं। यह देखने में न सिर्फ बड़े हैं बल्कि खूबसूरती ऐसी कि इसका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको आगरा में शाहजहां द्वारा बनवाए गए कुछ एतिहासिक स्मारकों के बारे में बताते हैं। 

1ताज महल, आगरा 

taj mahal

प्यार के प्रतीक की निशानी के रूप में देखा जाने वाले आगरा के ताजमहल की गिनती दुनिया के सात अजूबों में होती है। जिसे सन 1631 से 1643 के बीच मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। सफेद संगमरमर से बना ताजमहल को अरबी में महलों का ताज कहा जाता है। इसकी खबसूरती को निहारने के लिए देशी और विदेशी पर्यटक भारी संख्या में आगरा आते रहते हैं। यह देखने में न सिर्फ बड़ा है बल्कि खूबसूरती ऐसी कि इसका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज है।

 
 

2दीवान-ए-आम, आगरा 

deewanw aam

दीवान-ए-आम आगरा के किले के बीच में नगीना मस्जिद के पास स्थित है। इसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने 1631 से 1640 के बीच करवाया था। दीवान-ए-आम लाल पत्थरों से 49 नक्काशीदार स्तंभों से बना शाहजहां का प्रमुख सभागार था। जिसका इस्तेमाल वह प्रजा की पीड़ा को सुनने के लिए करते थे। दीवान-ए-आम घूमने और ऐतिहासिक दृश्य से बेहद ही खास माना जाता है।

 

 

 

3दीवान-ए-खास, आगरा

deewane khas

दीवान-ए-खास भी आगरा के किले में मौजूद एक खास सभागार है, जहां विदेशी उच्च पदाधिकारी, राजदूत और राजाओं की खातिरदारी आदि लोगों के साथ साम्राज्य के बारे में चर्चा की जाती थी। मुलगकाल में दीवान-ए-खास सत्ता का वास्तविक केन्द्र हुआ करता था। इसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने 1935 में करवाया था। 

4शीश महल, आगरा

sheesh mahal

शीश महल आगरा में स्थित है, जिसका उपयोग महिलाओं द्वारा हमाम एवं परिधान कक्ष के रूप में किया जाता था। इसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने वर्ष 1637 में एक तुर्की हमाम के रूप में कराया था। यह महल इतना खूबसूरत है कि यहां फिल्म 'मुगल-ए-आजम' का गीत 'जब प्यार किया तो डरना क्या...' भी शूट किया गया है। 

 

5नगीना मस्जिद, आगरा 

nageena masjid

नगीना मस्जिद आगरा के किले में स्थित है, जिसे शाहजहां ने शाही इबादतगाह के रूप में बनवाया गया था। साथ ही, यहां नमाज पढ़ने के लिए महिलाओं के लिए भी अलग से इंतजाम किए गए थे। कहा जाता है कि यह खूबसूरती में ताजमहल से भी शानदार है। आप भी इसकी खूबसूरती देखने ज़रूर आएं। 

 

6मोती मस्जिद, आगरा 

moti masjid

मोती मस्जिद, यानि एक मोती-सी चमकती हुई मस्जिद, जिसका निर्माण शाहजहां ने अपने शाही दरबार के लिए करवाया था। यह मस्जिद बहुत खूबसूरत है, जो चांदनी रात में मोती की तरह चमकती है, इसलिए मोती मस्जिद शहर की सबसे पुरानी मस्जिदों में से एक है। मुस्लिम लोगों के लिए यह एक पवित्र स्थल भी है। 

7शाह बुर्ज, आगरा

mahal

आगरा में 17वीं शताब्दी में शाहजहां ने इस अष्टभुज आकार के बुर्ज का निर्माण अपनी पत्नी मुमताज़ महल को श्रद्धांजलि देने के लिए करवाया था। इसे समन बुर्ज और शाह बुर्ज के नाम से भी जाना जाता है। यहां से आपको ताजमहल का खूबसूरत नज़ारा देखने को भी मिलेगा। 

 

8जामा मस्जिद, आगरा

masjid for agra

आगरा की जामा मस्‍जिद भी शाहजहां ने बनवाई थी। यह मस्‍जिद शाहजहां की पुत्री, शाहजा़दी जहांआरा बेगम को समर्पित है। लाल और संगमरमर पत्‍थरों से बनी यह मस्‍जिद आगरा की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। जहां ईद की नमाज़ भी अदा की जाती है। मुस्लिम लोगों के लिए यह एक पवित्र स्थल मानी जाती है।

 

 

9मच्छी भवन, आगरा 

machchi mahal

मच्छी भवन या फिश चैंबर निर्माण भी शाहजहां ने करवाया था। ऐसा माना जाता है कि इसका इस्तेमाल सम्राट के लिए सोने की मछलियों को पालने के लिए किया जाता था। मच्छी भवन भी आगरा में स्थित है। अगर आप मच्छी प्रेमी हैं, तो आप भी यहां ज़रूर घूमना पसंद कर सकते हैं। 

 

 

10खास महल, आगरा 

khas mahal

आगरा के किले में शाहजहां खास महल का निर्माण कराया था। यह उस वक्त बादशाह का सोने का कमरा या आरामगाह हुआ करता था। यह महल बहुत खूबसूरत है, जिसका निर्माण संगमरमर से किया गया है। माना जाता है कि यहां से शाहजहां ने ताज महल को निहारते हुए अंतिम सांसें ली थी।

आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें, साथ ही इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

Image Credit- (@Google and Travel websites)